double murder : दोहरे हत्याकांड के विरोध में बंद रहा साहबगंज व आसलपुर बाजार
लालगंज कोतवाली के साहबगंज निवासी रवि मोदनवाल (25) व मनोज मोदनवाल (25) दोस्त थे। रवि का परिवार कुछ दिनों पहले ही कंधई थाना क्षेत्र के आसलपुर बाजार जाकर रहने लगा था।
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लालगंज कोतवाली के साहबगंज के रहने वाले दो युवकों की हत्या के विरोध में शनिवार को साहबगंज व आसलपुर बाजार बंदकर लोगों ने आक्रोश जताया। लोगों का कहना था कि रवि की दोस्ती में मनोज की जान चली गई। दोनों बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। गम व गुस्से के बीच परिजनों ने शवों का अलग-अलग स्थानों पर अंतिम संस्कार किया। बवाल की आशंका को देखते हुए पुलिस मुस्तैद रही।
लालगंज कोतवाली के साहबगंज निवासी रवि मोदनवाल (25) व मनोज मोदनवाल (25) दोस्त थे। रवि का परिवार कुछ दिनों पहले ही कंधई थाना क्षेत्र के आसलपुर बाजार जाकर रहने लगा था। इसके बाद भी रवि का मन आसलपुर में नहीं लगता था। वह मौका पाते ही साहबगंज बाजार में मनोज के पास आ जाता था। बृहस्पतिवार की सुबह रवि बाइक लेकर पहुंचा। मनोज की मां राजकुमारी से सलुतानपुर मोबाइल लेने के लिए जाने की बात बताकर निकला।
रात में दोनों ने नहीं लौटे तो परिजन खोजबीन करने लगे, मगर उनका पता नहीं चला। शुक्रवार की सुबह अयोध्या के हैदरगंज थाना क्षेत्र में दोनों की रक्तरंजित लाश मिली थी। इसकी जानकारी होने पर घर में कोहराम मच गया। आनन-फानन में परिजन अयोध्या रवाना हो गए। पोस्टमार्टम के बाद देर रात दोनों के शव लेकर परिजन घर लौटे। मनोज का शव लेकर परिजन साहबगंज पहुंचे। जबकि रवि का शव लेकर घरवाले आसलपुर चले गए।
मनोज की मां राजकुमारी बार-बार कह रही थी कि रवि के चलते उसके बेटे की जान चली गई। रवि उसे अपने साथ न ले जाता तो शायद मनोज की जान न जाती। दोनों की हत्या से लोगों में गुस्सा था। विरोध में शनिवार को साहबगंज बाजार पूरी तरह से बंद रहा। लोग दोनों की हत्या की वजह को लेकर चर्चा करते रहे। गम व गुस्से के बीच मनोज का श्रृंग्वेरपुरऔर रवि के शव का रसूलाबाद में अंतिम संस्कार किया गया।
जो सुना वही पहुंचा साहबगंज
शुक्रवार की रात मनोज का शव साहबगंज बाजार आने की जानकारी होने पर आसपास के लोग भी भागकर बाजार पहुंच गए। रात में वहां भारी भीड़ जमा थी। शनिवार की सुबह भी आसपास के गांवों के लोग भी बाजार में डटे थे। हर कोई मनोज की मां राजकुमारी, भाई दिलीप व जीतेंद्र को सांत्वना देता रहा।
रवि का हर राज जानता था मनोज
लालगंज कोतवाली के साहबगंज बाजार के रहने वाले रवि व मनोज बचपन के दोस्त थे। लोगों के अनुसार, रवि व मनोज एक दूसरे का हर राज जानते थे। अक्सर दोनों एक साथ देखे जाते थे। रवि के चलते ही मनोज की हत्या की बात हर किसी की जुबान से निकलती रही। रवि से अयोध्या की किसी लड़की से आशनाई की लोग चर्चा करते रहे।
रवि का चेहरा देखते ही बेहोश हो गई मां
अयोध्या में पोस्टमार्टम के बाद रवि मोदनवाल का शव लेकर परिजन देर रात आसलपुर बाजार पहुंचे। बड़े बेटे रवि का शव देखते ही मां मालती देवी रोते हुए बेहोश हो गई। बहन रानी, सलोनी व भाई विष्णु का रो-रो कर बुरा हाल रहा। शनिवार की सुबह आसलपुर बाजार में सन्नाटा पसरा रहा। बवाल की आशंका में पुलिस मुस्तैद रही। अंतिम संस्कार के लिए शव ले जाने के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली।