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कोरोना के मरीजों की जान बचाने के लिए दिन-रात जूझ रही सांसद की डॉक्टर बेटी 

Fri, 17 Apr 2020 12:19 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़ Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 17 Apr 2020 12:19 AM IST
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Doctor's daughter of MP who struggles day and night to save the lives of Corona patients
सांसद संगमलाल गुप्ता की बेटी डा. पूनम गुप्ता। - फोटो : pratapgarh
कोरोना जैसी महामारी के बुरे दौर में जब नेता, मंत्री और विधायकों के परिवारीजन पूरी तरह घरों में कैद हैं तब सांसद संगमलाल गुप्ता की इकलौती बेटी डॉ. पूनम गुप्ता कोरोना से पीड़ित मरीजों की जान बचाने के लिए दिन-रात जूझ रही हैं।
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नवी मुंबई के डा. डीवाई पाटिल मेडिकल कालेज, हास्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में वह कोरोना के मरीजों के इलाज में जुटी हैं। अस्पताल में भर्ती 50 से भी अधिक कोरोना पीड़ित मरीजों के बीच संक्रमण के खतरे के बाद भी वह पूरी जिम्मेदारी से अपनी ड्यूटी निभा रही हैं।  
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सांसद संगमलाल गुप्ता की बेटी डा. पूनम गुप्ता ने डा. डीवाई पाटिल मेडिकल कालेज, हास्पिटल एंड रिसर्च सेंटर मुंबई से एमबीबीएस किया था। अभी महीने भर पहले ही उन्होंने इसी कालेज से एमडी की डिग्री ली थी। महाराष्ट्र और मुंबई में कोरोना के लगातार मरीज मिलने के बाद डाक्टरों की कमी को देखते हुए डा. पूनम गुप्ता की भी ड्यूटी मेडिकल कालेज में लगा दी गई।
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इसकी जानकारी होने के बाद परिवार के लोग परेशान हो गए। वह बेटी को कोरोना पीड़ितों के बीच नहीं भेजना चाहते थे। खुद सांसद संगमलाल गुप्ता भी इसके लिए तैयार नहीं थे तो मां संतरा देवी भी अस्पताल न भेजने की जिद पकड़कर बैठ गईं, लेकिन पूनम घरवालों की बात मानने के लिए तैयार नहीं थीं।

उन्होंने घरवालों से साफ कह दिया कि अगर देश में संकट के समय मैं मरीजों का इलाज करने नहीं गई तो फिर डॉक्टर की डिग्री लेने का मतलब ही क्या रह गया।

करीब एक सप्ताह से वह मेडिकल कालेज में कोरोना पीड़ितों के इलाज में जुटी हैं। संक्रमण के खतरे को देखते हुए उन्हें घर भी नहीं जाने दिया जा रहा है। परिवारवालों से फोन पर भी बड़ी मुश्किल से बात हो पा रही है।


50 से भी अधिक कोरोना पीड़ितों के बीच वह अस्पताल में अपनी जिम्मेदारी निभाने में जुटी हैं। सांसद संगमलाल गुप्ता ने बताया कि एक सप्ताह में सिर्फ दो बार बेटी से बात हो सकी है। हमें उसकी चिंता जरूर हो रही है, लेकिन इस बात का फख्र है कि वह मुसीबत के समय देश के काम आ रही है।
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