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जेल पहुंचे डीएम-एसपी, सवा घंटे तक बैरकों की करते रहे छानबीन
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जिला जेल का निरीक्षण कर बाहर निकलते जिलाधिकारी नितिन बंसल। संवाद
- फोटो : PRATAPGARH
जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक ने मंगलवार को जिला कारागार का औचक निरीक्षण किया। जिससे जेल में खलबली मची रही। अफसरों ने करीब सवा घंटे तक बैरकों की छानबीन की। हालांकि इस दौरान कोई भी प्रतिबंधित सामान नहीं मिला। बंदियों से समस्याओं की जानकारी ली। अधिकारियों के लौटने के बाद जेल प्रशासन ने राहत की सांस ली।
जिलाधिकारी डॉ. नितिन बंसल व पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल मंगलवार को अचानक जिला कारागार का निरीक्षण करने जा पहुंचे। अधिकारियों के पहुंचते ही कारागार प्रशासन में हड़कंप मच गया। प्रभारी जेल अधीक्षक आरपी चौधरी से बंदियों के बारे में जानकारी लेने के बाद दोनों बैरकों का निरीक्षण करने पहुंच गए। बैरक नंबर 9,10 व 12 की सघन जांच की मगर, कुछ हाथ नहीं लगा। बंदियों के कपड़ों में भी खोजबीन होती रही।
करीब सवा घंटे तक बंदियों की बैरक खंगाली जाती रही। इस दौरान अधिकारियों ने बंदियों से बात कर समस्याओं के बारे में जानकारी ली। बैरकों व शौचालय की समुचित साफ-सफाई के लिए जिलाधिकारी ने जेल अधिकारियों को निर्देश दिया। बंदियों के खाने व अस्पताल बैरक की व्यवस्था का जायजा लिया। जिन मरीजों का अस्पताल के बैरक नंबर एक में इलाज चल रहा था, उन लोगों से भी जानकारी ली।
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निर्देश दिया कि जरूरत होने पर बंदियों को तत्काल इलाज के लिए समुचित इंतजाम होना चाहिए। अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान जेल में हड़कंप मचा रहा। इस दौरान बंदियों की दूसरी शिफ्ट की मुलाकात रोक दी गई। अधिकारियों के जाने के बाद जेल प्रशासन ने राहत की सांस ली।
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जिलाधिकारी डॉ. नितिन बंसल व पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल मंगलवार को अचानक जिला कारागार का निरीक्षण करने जा पहुंचे। अधिकारियों के पहुंचते ही कारागार प्रशासन में हड़कंप मच गया। प्रभारी जेल अधीक्षक आरपी चौधरी से बंदियों के बारे में जानकारी लेने के बाद दोनों बैरकों का निरीक्षण करने पहुंच गए। बैरक नंबर 9,10 व 12 की सघन जांच की मगर, कुछ हाथ नहीं लगा। बंदियों के कपड़ों में भी खोजबीन होती रही।
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करीब सवा घंटे तक बंदियों की बैरक खंगाली जाती रही। इस दौरान अधिकारियों ने बंदियों से बात कर समस्याओं के बारे में जानकारी ली। बैरकों व शौचालय की समुचित साफ-सफाई के लिए जिलाधिकारी ने जेल अधिकारियों को निर्देश दिया। बंदियों के खाने व अस्पताल बैरक की व्यवस्था का जायजा लिया। जिन मरीजों का अस्पताल के बैरक नंबर एक में इलाज चल रहा था, उन लोगों से भी जानकारी ली।
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निर्देश दिया कि जरूरत होने पर बंदियों को तत्काल इलाज के लिए समुचित इंतजाम होना चाहिए। अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान जेल में हड़कंप मचा रहा। इस दौरान बंदियों की दूसरी शिफ्ट की मुलाकात रोक दी गई। अधिकारियों के जाने के बाद जेल प्रशासन ने राहत की सांस ली।