{"_id":"610ed1518ebc3e7b28458d5e","slug":"dm-canceled-57-licenses-of-third-weapon-pratapgarh-news-ald3128529195","type":"story","status":"publish","title_hn":"असलहा सरेंडर न करने वाले 57 का लाइसेंस निरस्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
असलहा सरेंडर न करने वाले 57 का लाइसेंस निरस्त
Sun, 08 Aug 2021 12:38 AM IST
इलाहाबाद ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़
Published by: इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 08 Aug 2021 12:38 AM IST
सार
अपने नाम से तीन असलहों का लाइसेंस रखने वाले तीन लोगों ने शासन के निर्देश के बाद भी अपनी तीसरा लाइसेंस सरेंडर नहीं किया है। उधर, जिलाधिकारी ने तीसरा असलहा सरेंडर..
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अपने नाम से तीन असलहों का लाइसेंस रखने वाले तीन लोगों ने शासन के निर्देश के बाद भी अपनी तीसरा लाइसेंस सरेंडर नहीं किया है। उधर, जिलाधिकारी ने तीसरा असलहा सरेंडर करने वाले 57 लोगों के लाइसेंस निरस्त करते हुए रिपोर्ट शासन को भेज दी है। जिले के कुछ माननीयों ने अपने तीसरे असलहे को अपने करीबियों के नाम ट्रांसफर कर दिया है।
शासन ने तीन असलहे रखने वाले लोगों पर शिंकजा कसा था। सभी को मोहलत दी गई थी कि वे अपने असलहे नजदीकी थाना या असलहे की दुकान पर जमा कर शस्त्र कार्यालय में सूचना दें। शासन के आदेश के बाद तीन असलहों का लाइसेंस बनवाने वाले लोगों की खोजबीन शुरू हुई। जिले में कुल 60 लोगों ने तीन असलहों का लाइसेंस लिया था। इनमें अधिकतर माननीय या प्रभावशाली लोग शामिल थे। ऐसे लोगों को प्रभारी अधिकारी शस्त्र की ओर से पहले पत्र भेजा गया। इसके बाद सभी को नोटिस भेजते हुए नजदीकी थाने या असलहे की दुकान पर शस्त्र जमाकर विभाग को सूचना उपलब्ध कराने के लिए कहा गया था।
शासन का सख्त रुख देख जिलाधिकारी डाक्टर नितिन बंसल ने असलहा जमा न देने वालों के बारे में थानेदारों के जरिए सूचना मांगी। जिसके बाद असलहा जमा करने वालों की संख्या में इजाफा हुआ। हाल ही में जिलाधिकारी डा. नितिन बंसल ने 57 असलहों का लाइसेंस निरस्त करते हुए शासन को रिपोर्ट भेज दी। अभी भी तीन असलहे लिखापढ़ी में जमा नहीं हुए हैं। सूत्रों के अनुसार जिले के कई माननीयों ने अपना असलहा बचाने के लिए अपनों के नाम लाइसेंस ट्रांसफर करवा दिया। अपर जिलाधिकारी शत्रोहन वैश्य ने बताया कि जिन लोगों ने असलहे जमा कर सूचना दी थी, उनके लाइसेंस निरस्त करते हुए शासन को रिपोर्ट भेज दी गई है। तीन शस्त्र अभी पेंडिंग हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
शासन ने तीन असलहे रखने वाले लोगों पर शिंकजा कसा था। सभी को मोहलत दी गई थी कि वे अपने असलहे नजदीकी थाना या असलहे की दुकान पर जमा कर शस्त्र कार्यालय में सूचना दें। शासन के आदेश के बाद तीन असलहों का लाइसेंस बनवाने वाले लोगों की खोजबीन शुरू हुई। जिले में कुल 60 लोगों ने तीन असलहों का लाइसेंस लिया था। इनमें अधिकतर माननीय या प्रभावशाली लोग शामिल थे। ऐसे लोगों को प्रभारी अधिकारी शस्त्र की ओर से पहले पत्र भेजा गया। इसके बाद सभी को नोटिस भेजते हुए नजदीकी थाने या असलहे की दुकान पर शस्त्र जमाकर विभाग को सूचना उपलब्ध कराने के लिए कहा गया था।
विज्ञापन
शासन का सख्त रुख देख जिलाधिकारी डाक्टर नितिन बंसल ने असलहा जमा न देने वालों के बारे में थानेदारों के जरिए सूचना मांगी। जिसके बाद असलहा जमा करने वालों की संख्या में इजाफा हुआ। हाल ही में जिलाधिकारी डा. नितिन बंसल ने 57 असलहों का लाइसेंस निरस्त करते हुए शासन को रिपोर्ट भेज दी। अभी भी तीन असलहे लिखापढ़ी में जमा नहीं हुए हैं। सूत्रों के अनुसार जिले के कई माननीयों ने अपना असलहा बचाने के लिए अपनों के नाम लाइसेंस ट्रांसफर करवा दिया। अपर जिलाधिकारी शत्रोहन वैश्य ने बताया कि जिन लोगों ने असलहे जमा कर सूचना दी थी, उनके लाइसेंस निरस्त करते हुए शासन को रिपोर्ट भेज दी गई है। तीन शस्त्र अभी पेंडिंग हैं।
विज्ञापन