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दिलीपपुर स्टेट की संपत्ति को लेकर बवाल, हुई तोड़फोड़
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Sat, 14 Mar 2015 11:51 PM IST
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जनपद के दिलीपपुर राजघराने की संपत्ति को लेकर शनिवार सुबह भंगवा चुंगी के करीब जमकर बवाल हुआ। असलहाधारियों ने परिसर में तोड़फोड़ की और 10 दुकानों में दूसरे ताले जड़ दिए। एसपी के आदेश के बाद हरकत में आई कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची तो आरोपी वहां से भाग निकले। राजकुमारी भावना सिंह ने अपने चाचा और प्रदेश के एक कैबिनेट मंत्री पर खुद की हत्या की साजिश रचने की आशंका जताई है।
दिलीपपुर स्टेट की काफी संपत्ति भंगवा चुंगी पर है। आरोप है कि शनिवार को 100 से अधिक असलहाधारी कोठी वाले परिसर में पहुंच गए। वे दीवार फांदकर भीतर घुस गए। इसके बाद उन्होंने तोड़फोड़ की। दस दुकानों के बाहर लिखे नाम की पोताई करा डाली। इस बीच चौकीदार अंगद सिंह को पीटा और उसका मोबाइल छीनकर तोड़ दिया और भगा दिया। पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर राजकुमारी ने अपनी कोठी व संपत्ति पर हो रहे कब्जे से अवगत कराया। एसपी के आदेश के बाद कोतवाली पुलिस के साथ ही सीओ सिटी एमपी सलोनिया मौके पर पहुंचे।
दोपहर में राजकुमारी भावना ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि उनके चाचा उदय प्रताप सिंह और चचेरे भाई सूरज प्रताप सिंह असलहाधारी समर्थकों के साथ पहुंचे और उनके हिस्से की संपत्ति पर कब्जा करने की नीयत से तोड़फोड़ कर चौकीदार को मारापीटा। प्रदेश के एक कैबिनेट मंत्री के प्रतिनिधि भी बवालियों की मदद के लिए मौके पर मौजूद थे और पुलिस पर लगातार दबाव बना रहे थे। उन्होंने आशंका जताई कि उनके चाचा राजा उदय प्रताप सिंह और कैबिनेट मंत्री साजिश रचकर उनकी हत्या करा सकते हैं।
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इस बाबत सीओ सिटी एमपी सलोनिया का कहना है कि दिलीपपुर स्टेट की पैतृक संपत्ति को लेकर विवाद है। उसी के संबंध में कुछ लोग तोड़फोड़ करने पहुंचे थे। तहरीर मिलने पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। दिलीपपुर स्टेट की संपत्ति को लेकर काफी दिनों से रार ठनी हुई है। राजकुमारी भावना सिंह की मानें तो करीब 55 मुकदमे विभिन्न न्यायालयों में विचाराधीन हैं। मौजूदा समय में भंगवा चुंगी स्थित पूरे परिसर का स्थगन आदेश है।
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दिलीपपुर स्टेट की काफी संपत्ति भंगवा चुंगी पर है। आरोप है कि शनिवार को 100 से अधिक असलहाधारी कोठी वाले परिसर में पहुंच गए। वे दीवार फांदकर भीतर घुस गए। इसके बाद उन्होंने तोड़फोड़ की। दस दुकानों के बाहर लिखे नाम की पोताई करा डाली। इस बीच चौकीदार अंगद सिंह को पीटा और उसका मोबाइल छीनकर तोड़ दिया और भगा दिया। पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर राजकुमारी ने अपनी कोठी व संपत्ति पर हो रहे कब्जे से अवगत कराया। एसपी के आदेश के बाद कोतवाली पुलिस के साथ ही सीओ सिटी एमपी सलोनिया मौके पर पहुंचे।
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दोपहर में राजकुमारी भावना ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि उनके चाचा उदय प्रताप सिंह और चचेरे भाई सूरज प्रताप सिंह असलहाधारी समर्थकों के साथ पहुंचे और उनके हिस्से की संपत्ति पर कब्जा करने की नीयत से तोड़फोड़ कर चौकीदार को मारापीटा। प्रदेश के एक कैबिनेट मंत्री के प्रतिनिधि भी बवालियों की मदद के लिए मौके पर मौजूद थे और पुलिस पर लगातार दबाव बना रहे थे। उन्होंने आशंका जताई कि उनके चाचा राजा उदय प्रताप सिंह और कैबिनेट मंत्री साजिश रचकर उनकी हत्या करा सकते हैं।
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इस बाबत सीओ सिटी एमपी सलोनिया का कहना है कि दिलीपपुर स्टेट की पैतृक संपत्ति को लेकर विवाद है। उसी के संबंध में कुछ लोग तोड़फोड़ करने पहुंचे थे। तहरीर मिलने पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। दिलीपपुर स्टेट की संपत्ति को लेकर काफी दिनों से रार ठनी हुई है। राजकुमारी भावना सिंह की मानें तो करीब 55 मुकदमे विभिन्न न्यायालयों में विचाराधीन हैं। मौजूदा समय में भंगवा चुंगी स्थित पूरे परिसर का स्थगन आदेश है।