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एक ही गेहूं के बीज के अलग- अलग दाम, मुश्किल में किसान
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गेहूं बीज बिक्री में कृषि विभाग के गोदामों से किसानों को ठगा जा रहा है। साधन सहकारी समितियों पर 40 किलोग्राम की गेहूं की बोरी 1200 रुपये में मिल रही है, तो कृषि गोदामों से वहीं गेहूं का बीज 1480 रुपये प्रति बोरी मिल रहा है। इससे साधन सहकारी समितियों पर किसान गेहूं के बीज की खरीदारी कर रहे हैं। जबकि कृषि गोदामों में बीज डंप पड़े हुए हैं।
जिले में गेहूं की बुवाई जोरशोर से चल रही है। किसानों की सहूलियत के लिए राजकीय बीज भंडारों पर गेहूं के बीज आए हैं। गेहूं के बीज की चार वेरायटी आई है। सप्ताहभर पहले जिले में 5900 क्विंटल बीज आया है। किसानों को गेहूं के बीज में 50 प्रतिशत की सब्सिडी दी जा रही है। मगर गेहूं की बुवाई करने वाले किसानों को गेहूं का बीज खरीदने के लिए कृषि विभाग को अधिक धनराशि चुकाना पड़ रहा है। किसानों को 40 किलोग्राम गेहूं के बीज 1480 रुपये में दिया जा रहा है।
साधन सहकारी समितियों पर यही बीज 1200 रुपये प्रति बोरी की दर से बिक रहा है। अगर खुले गेहूं के बीज की बात करें तो साधन सहकारी समितियों पर 30 रुपये प्रति किलोग्राम और कृषि विभाग के गोदामों से 37 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बीज की बिक्री की जा रही है। जबकि दोनों विभागों को बीज वित्त निगम कानपुर ने ही सप्लाई किया है। मगर दोनों विभागों में अलग-अलग बिक्री की दर होने से किसान साधन सहकारी समितियों से अधिक बीज खरीद रहे हैं।
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यही वजह है कि कृषि विभाग के गोदामों पर गेहूं का बीज डंप पड़ा हुआ है। कृषि विभाग के अनुसार रबी की बुवाई के लिए 5900 क्विंटल गेहूं आया था। अभी तक महज 3500 क्विंटल गेहूं के बीज की बिक्री हुई है। विभाग में अभी भी 24 00 क्विंटल गेहूं का बीज डंप पड़ा है। इस विभागीय केंद्र प्रभारियों की परेशानी बढ़ गई है।
सहकारिता विभाग के बीज का दाम सहकारिता विभाग निर्धारित करता है, जबकि कृषि विभाग के बीज के दाम कृषि विभाग निर्धारित करता है। कृषि विभाग का बीज लेने पर 50 प्रतिशत की सब्सिडी दी जाती है।
डॉ अश्वनी सिंह जिला कृषि अधिकारी
दोनों विभागों को बीज वित्त निगम कानपुर ने बीज की सप्लाई किया है। दाम भी वही से निर्धारित हुए है। बीज खरीदने पर सब्सिडी दी जाती है।
सहायक निबंधक अरविंद कुमार
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जिले में गेहूं की बुवाई जोरशोर से चल रही है। किसानों की सहूलियत के लिए राजकीय बीज भंडारों पर गेहूं के बीज आए हैं। गेहूं के बीज की चार वेरायटी आई है। सप्ताहभर पहले जिले में 5900 क्विंटल बीज आया है। किसानों को गेहूं के बीज में 50 प्रतिशत की सब्सिडी दी जा रही है। मगर गेहूं की बुवाई करने वाले किसानों को गेहूं का बीज खरीदने के लिए कृषि विभाग को अधिक धनराशि चुकाना पड़ रहा है। किसानों को 40 किलोग्राम गेहूं के बीज 1480 रुपये में दिया जा रहा है।
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साधन सहकारी समितियों पर यही बीज 1200 रुपये प्रति बोरी की दर से बिक रहा है। अगर खुले गेहूं के बीज की बात करें तो साधन सहकारी समितियों पर 30 रुपये प्रति किलोग्राम और कृषि विभाग के गोदामों से 37 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बीज की बिक्री की जा रही है। जबकि दोनों विभागों को बीज वित्त निगम कानपुर ने ही सप्लाई किया है। मगर दोनों विभागों में अलग-अलग बिक्री की दर होने से किसान साधन सहकारी समितियों से अधिक बीज खरीद रहे हैं।
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यही वजह है कि कृषि विभाग के गोदामों पर गेहूं का बीज डंप पड़ा हुआ है। कृषि विभाग के अनुसार रबी की बुवाई के लिए 5900 क्विंटल गेहूं आया था। अभी तक महज 3500 क्विंटल गेहूं के बीज की बिक्री हुई है। विभाग में अभी भी 24 00 क्विंटल गेहूं का बीज डंप पड़ा है। इस विभागीय केंद्र प्रभारियों की परेशानी बढ़ गई है।
सहकारिता विभाग के बीज का दाम सहकारिता विभाग निर्धारित करता है, जबकि कृषि विभाग के बीज के दाम कृषि विभाग निर्धारित करता है। कृषि विभाग का बीज लेने पर 50 प्रतिशत की सब्सिडी दी जाती है।
डॉ अश्वनी सिंह जिला कृषि अधिकारी
दोनों विभागों को बीज वित्त निगम कानपुर ने बीज की सप्लाई किया है। दाम भी वही से निर्धारित हुए है। बीज खरीदने पर सब्सिडी दी जाती है।
सहायक निबंधक अरविंद कुमार