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समय के साथ ही अस्थान में मंद पड़ गईं योजनाएं
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 25 Nov 2014 12:44 AM IST
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समय बीतने के साथ ही अस्थान गांव में योजनाएं मंद पड़ गई। स्वीकृत योजनाएं भी आधी अधूरी ही क्रियान्वित हो सकीं। तेजी से बनने शुरू हुए शौचालयों से भी विकास विभाग का ध्यान हट चुका है।
कालाकांकर विकास क्षेत्र के अस्थान गांव में बालिका के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या की घटना को लेकर बवाल हो गया था। बाद में शासन ने इस गांव में पर्याप्त शौचालय बनाने के साथ ही अन्य योजनाओं से आच्छादित करने का फरमान सुनाया। विकास कार्यों के लिए खूब धन आया।
खासतौर से गांव में 66 शौचालय बनाने का आदेश हुआ। काम शुरू हुए और चले भी लेकिन बाद में यह सब बंद हो गए। अब हालत यह है कि गांव में शौचालय तो बने दिखते हैं लेकिन किसी में छत नहीं है तो किसी में दरवाजे नहीं हैं।
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कुछ तो आधे ही बनाकर छोड़ दिए गए हैं। ग्रामीणों ने भी शासन की दिलचस्पी न देख अब इनका उपयोग दूसरे रूप में करना शुरू कर दिया है। किसी में जानवर बांधे जाते हैं तो किसी में उपले और कंडे रखे जाते हैं।
इस बारे में एडीओ पंचायत रवींद्र मिश्रा से बात की तो उन्होंने कहा कि अभी मुझे आए कुछ ही दिन हुए हैं। यदि ऐसा कुछ है तो इसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
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कालाकांकर विकास क्षेत्र के अस्थान गांव में बालिका के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या की घटना को लेकर बवाल हो गया था। बाद में शासन ने इस गांव में पर्याप्त शौचालय बनाने के साथ ही अन्य योजनाओं से आच्छादित करने का फरमान सुनाया। विकास कार्यों के लिए खूब धन आया।
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खासतौर से गांव में 66 शौचालय बनाने का आदेश हुआ। काम शुरू हुए और चले भी लेकिन बाद में यह सब बंद हो गए। अब हालत यह है कि गांव में शौचालय तो बने दिखते हैं लेकिन किसी में छत नहीं है तो किसी में दरवाजे नहीं हैं।
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कुछ तो आधे ही बनाकर छोड़ दिए गए हैं। ग्रामीणों ने भी शासन की दिलचस्पी न देख अब इनका उपयोग दूसरे रूप में करना शुरू कर दिया है। किसी में जानवर बांधे जाते हैं तो किसी में उपले और कंडे रखे जाते हैं।
इस बारे में एडीओ पंचायत रवींद्र मिश्रा से बात की तो उन्होंने कहा कि अभी मुझे आए कुछ ही दिन हुए हैं। यदि ऐसा कुछ है तो इसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।