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डिपो पर ताला बंद कर भागा मुंशी, भड़के कोटेदार
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Sat, 20 Dec 2014 11:33 PM IST
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कस्बा स्थित डिपो पर मिट्टी का तेल लेने पहुंचे कोटेदारों ने प्रदर्शन किया। जमकर नारेबाजी करते हुए डिपो संचालक पर मनमानी का आरोप लगाया। उनका कहना था कि बुलाने के बाद भी डिपो पर ताला लगाकर लोग गायब हो जाते हैं।
क्षेत्र के कोटेदारों को डिपो से मिट्टी का तेल देने के लिए बुलाया गया था। तेल के ड्रमों को लादने के लिए वह किराए पर गाड़ी लेकर आए थे। वे जैसे ही डिपो पर पहुंचे मुंशी डिपो में ताला लगाकर भाग गया। इसके बाद उसने फोन भी बंद कर लिया। कोटेदारों ने तेल के लिए काफी प्रयास किया लेकिन बात नहीं बनी।
नाराज कोटेदारों ने हंगामा करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया। नारेबाजी भी की। कोटेदारों का कहना था कि उन्हें गाड़ी के साथ बुला लिया जाता है। साधन का किराया तो अब उन्हें भरना ही होगा। ऐसे में हमारा नुकसान हो जाता है। तेल के लिए हर महीने इस समस्या से जूझना पड़ता है। एक बार तेल के लिए बुला लिया जाता है बाद में उन्हें खाली लौटना पड़ता है। इस दौरान बृजेश श्रीवास्तव पुरनेमऊ, केशव प्रसाद रैयापुर, गुड्डी देवी त्रिलोकपुर, उमेश कुमार देवरी हरदोपट्टी, परसू मलावा छजईपुर, गुड्डू सिंह मोहद्दीनगर, रामप्यारे सराय सुंदर, गिरजा शंकर धमावा आदि मौजूद रहे। इस मामले में डिपो संचालक रमेश जायसवाल का कहना है कि स्टॉक कम होने के कारण तेल नहीं बांटा गया। अगर किसी कोटेदार को दिया जाता और किसी को नहीं तो वे हंगामा करते।
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क्षेत्र के कोटेदारों को डिपो से मिट्टी का तेल देने के लिए बुलाया गया था। तेल के ड्रमों को लादने के लिए वह किराए पर गाड़ी लेकर आए थे। वे जैसे ही डिपो पर पहुंचे मुंशी डिपो में ताला लगाकर भाग गया। इसके बाद उसने फोन भी बंद कर लिया। कोटेदारों ने तेल के लिए काफी प्रयास किया लेकिन बात नहीं बनी।
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नाराज कोटेदारों ने हंगामा करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया। नारेबाजी भी की। कोटेदारों का कहना था कि उन्हें गाड़ी के साथ बुला लिया जाता है। साधन का किराया तो अब उन्हें भरना ही होगा। ऐसे में हमारा नुकसान हो जाता है। तेल के लिए हर महीने इस समस्या से जूझना पड़ता है। एक बार तेल के लिए बुला लिया जाता है बाद में उन्हें खाली लौटना पड़ता है। इस दौरान बृजेश श्रीवास्तव पुरनेमऊ, केशव प्रसाद रैयापुर, गुड्डी देवी त्रिलोकपुर, उमेश कुमार देवरी हरदोपट्टी, परसू मलावा छजईपुर, गुड्डू सिंह मोहद्दीनगर, रामप्यारे सराय सुंदर, गिरजा शंकर धमावा आदि मौजूद रहे। इस मामले में डिपो संचालक रमेश जायसवाल का कहना है कि स्टॉक कम होने के कारण तेल नहीं बांटा गया। अगर किसी कोटेदार को दिया जाता और किसी को नहीं तो वे हंगामा करते।
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