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कोरोना संक्रमण के साथ डेंगू की भी दस्तक, जिले में सामने आए दो मरीज
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कोरोना संक्रमण के सकोरोना महामारी के बीच मंगलवार को डेंगू के दो मरीजों के मिलने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। अब स्वास्थ्य विभाग को कोरोना के साथ डेंगू से निपटने की चुनौती मिलने लगी है। दोनों मरीजों के घर पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दवा का छिड़काव कराने के साथ ही परिवार के अन्य सदस्यों की डेंगू की जांच की।
जिले के गौरा ब्लाक के कौलापुर निवासी मुख्तार अली (50) और संग्रामगढ़ के लाला का पुरवा निवासी राम चंद्र पटेल (19) कुछ दिनों से बीमार चल रहे हैं। बुखार से पीड़ित होने के बाद लगातार स्थानीय चिकित्सकों से इलाज कराते रहे। मगर, आराम न मिलने पर प्रयागराज चले गए। एसआरएन में दोनों लोगों की जांच हुई।
जांच रिपोर्ट आने पर दोनों डेंगू पॉजिटिव निकले। प्रयागराज स्वास्थ्य विभाग की टीम ने इसकी सूचना प्रतापगढ़ सीएमओ को दी। मुख्य चिकित्साधिकारी ने दोनों संक्रमितों के नजदीकी सीएचसी अधीक्षक को गांव में भेजकर दवा का छिड़काव कराया। अभी तक स्वास्थ्य विभाग कोरोना महामारी से बचाव के लिए तैयारी कर रहा था। डेंगू से बचाव के लिए कोई प्रयास नहीं हो रहा था। जिले में डेंगू की जांच की व्यवस्था नहीं है।
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डेंगू के लक्षण
डेंगू एक तरह का वायरल बुखार है। डेंगू बुखार होने पर 2 से 7 दिन तक तेज बुखार चढ़ता है। सिर में आगे की ओर तेज दर्द होता है। आंखों के पीछे दर्द और आंखों के हिलने से दर्द, मांसपेशियों (बदन) व जोडों में दर्द होता है। स्वाद का पता न चलना व भूख न लगना भी लक्षण में शामिल है। शरीर पर खून के चकते एवं खून की सफेद कोशिकाओं की कमी। प्लेटलेट कोशिकाओं की संख्या 1,00,000 या इससें कम हो जाना। प्यास ज्यादा लगना (गला सूख जाना)। खून वाली या बिना खून वाली उल्टी आना।
डेंगू से बचाव
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉक्टर आर्यदेश दीपक ने बताया कि कूलर का पानी सप्ताह में एक बार अवश्य बदले। घर में कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करें। बच्चों को फुल शर्ट पहनाएं। सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें। टंकियों तथा बर्तनों को ढककर रखें। घरों की खिड़कियों में जाली लगवा दें। गमले का पानी हर दूसरे दिन बदल दें।
डेंगू के मरीज के घर पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दवा का छिड़काव कराया है। फागिंग लगातार कराई जा रही है। संदिग्धों पर निगरानी रखी गई है। हालांकि डेंगू संक्रमितों के परिवार या फिर गांव के किसी को बुखार तक नहीं आ रहा है।
डॉक्टर ओपी सिंह, सीएचसी अधीक्षक गौरा
जिले में डेंगू की जांच की व्यवस्था के लिए शासन को पत्राचार किया गया है। जल्द ही मेडिकल कॉलेज में जांच की व्यवस्था शुरू हो सकती है। हालांकि दोनों डेंगू के संक्रमितों के घर पर कार्रवाई की जा चुकी है। प्रत्येक सीएचसी में अलग से वार्ड पहले से बने थे। उसी को चालू कर दिया गया है। डॉक्टर सीपी शर्मा, डिप्टी सीएमओ
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जिले के गौरा ब्लाक के कौलापुर निवासी मुख्तार अली (50) और संग्रामगढ़ के लाला का पुरवा निवासी राम चंद्र पटेल (19) कुछ दिनों से बीमार चल रहे हैं। बुखार से पीड़ित होने के बाद लगातार स्थानीय चिकित्सकों से इलाज कराते रहे। मगर, आराम न मिलने पर प्रयागराज चले गए। एसआरएन में दोनों लोगों की जांच हुई।
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जांच रिपोर्ट आने पर दोनों डेंगू पॉजिटिव निकले। प्रयागराज स्वास्थ्य विभाग की टीम ने इसकी सूचना प्रतापगढ़ सीएमओ को दी। मुख्य चिकित्साधिकारी ने दोनों संक्रमितों के नजदीकी सीएचसी अधीक्षक को गांव में भेजकर दवा का छिड़काव कराया। अभी तक स्वास्थ्य विभाग कोरोना महामारी से बचाव के लिए तैयारी कर रहा था। डेंगू से बचाव के लिए कोई प्रयास नहीं हो रहा था। जिले में डेंगू की जांच की व्यवस्था नहीं है।
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डेंगू के लक्षण
डेंगू एक तरह का वायरल बुखार है। डेंगू बुखार होने पर 2 से 7 दिन तक तेज बुखार चढ़ता है। सिर में आगे की ओर तेज दर्द होता है। आंखों के पीछे दर्द और आंखों के हिलने से दर्द, मांसपेशियों (बदन) व जोडों में दर्द होता है। स्वाद का पता न चलना व भूख न लगना भी लक्षण में शामिल है। शरीर पर खून के चकते एवं खून की सफेद कोशिकाओं की कमी। प्लेटलेट कोशिकाओं की संख्या 1,00,000 या इससें कम हो जाना। प्यास ज्यादा लगना (गला सूख जाना)। खून वाली या बिना खून वाली उल्टी आना।
डेंगू से बचाव
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉक्टर आर्यदेश दीपक ने बताया कि कूलर का पानी सप्ताह में एक बार अवश्य बदले। घर में कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करें। बच्चों को फुल शर्ट पहनाएं। सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें। टंकियों तथा बर्तनों को ढककर रखें। घरों की खिड़कियों में जाली लगवा दें। गमले का पानी हर दूसरे दिन बदल दें।
डेंगू के मरीज के घर पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दवा का छिड़काव कराया है। फागिंग लगातार कराई जा रही है। संदिग्धों पर निगरानी रखी गई है। हालांकि डेंगू संक्रमितों के परिवार या फिर गांव के किसी को बुखार तक नहीं आ रहा है।
डॉक्टर ओपी सिंह, सीएचसी अधीक्षक गौरा
जिले में डेंगू की जांच की व्यवस्था के लिए शासन को पत्राचार किया गया है। जल्द ही मेडिकल कॉलेज में जांच की व्यवस्था शुरू हो सकती है। हालांकि दोनों डेंगू के संक्रमितों के घर पर कार्रवाई की जा चुकी है। प्रत्येक सीएचसी में अलग से वार्ड पहले से बने थे। उसी को चालू कर दिया गया है। डॉक्टर सीपी शर्मा, डिप्टी सीएमओ