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बेल्हा में डेंगू की दस्तक, लापरवाह बना स्वास्थ्य विभाग

Sat, 10 Aug 2019 12:22 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 10 Aug 2019 12:22 AM IST
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Dengue knock in Belha, two patients found
dengu
जिले में डेंगू ने दस्तक दे दिया है। इससे स्वास्थ्य विभाग में खलबली जरूर मच गई लेकिन स्वास्थ्य विभाग अंजान बना हुआ है। जिला अस्पताल में डेंगू के लिए बने दस बेड के वार्ड में ताला लटक रहा है। इससे मरीजों को प्रयागराज रेफर कर दिया जा रहा है। जिला अस्पताल की पैथलॉजी में जांच के दौरान दो मरीजों में डेंगू के लक्षण मिले। जिला अस्पताल में सुविधा न होने का बहाना करते हुए मरीजों को प्रयागराज रेफर कर दिया गया।
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जिला प्रशासन की लापरवाही के चलते जगह-जगह जलभराव है। बरसात का पानी एक जगह रुकने के कारण मलेरिया के साथ ही डेंगू मच्छर पनपने लगे हैं। रात तो दूर दिन में भी मच्छर लोगों को खून चूसकर उन्हें बीमार बना रहे हैं। माह भर के अंदर जहां 14 लोग मलेरिया बुखार से पीड़ित मिले हैं वहीं दो मरीजों में डेंगू के लक्षण मिले हैं। शहर के बलीपुर के साथ मुख्यालय से दस किमी दूर घाटमपुर में डेंगू से पीड़ित एक-एक मरीज मिले। जिला अस्पताल के लैब में खून जांच के दौरान इसकी पुष्टि हुई।
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इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग डेंगू से निपटने के लिए कोई पहल शुरू नहीं की। शासन के आदेेश पर भले ही पीएचसी में पांच तो सीएचसी में दस और जिला अस्पताल में तीस बेड का अतिरिक्त डेंगू वार्ड का निर्माण कराने के लिए तीन साल पहले आदेश दिया था, मगर जिले में शासन के आदेश को हवा में उड़ा दिया गया।
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जिला अस्पताल में महज दस बेड का डेंगू वार्ड बनाया गया है। मगर इस वार्ड में ताला लटकता रहता है। ऐसे में डेंगू के मरीजों का भले ही जांच अब जिला अस्पताल होने लगी है लेकिन अव्यवस्था के चलते इलाज कराने के लिए लोगों को प्रयागराज का ही चक्कर काटना पड़ रहा है। बीते नौ दिन के भीतर डेंगू के दो मरीज सामने आए हैं। पहला मरीज तो नगर कोतवाली के विवेक नगर निवासी मोहम्मद अमन पुत्र मोहम्मद अनीस है तो दूसरा नगर कोतवाली के घाटमपुर पृथ्वीगंज निवासी आशीष तिवारी पुत्र अशोक तिवारी।
दोनों मरीजों को काफी दिनों से बुखार आ रहा है। जिला अस्पताल के चिकित्सक से इलाज के दौरान जांच में डेंगू के लक्षण मिले। डॉक्टरों ने इलाज के लिए दोनों को प्रयागराज भेज दिये। जानकारी होने पर जिला मलेरिया अधिकारी अपनी टीम लेकर दोनों मरीजों के घर पर पहुंचे। दवा का छिड़काव कराते हुए सफाई करने का सुझाव दिया।
अस्पताल में भर्ती मरीजों को भी डेंगू का खतरा
जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों को भी डेंगू का खतरा है। दरअसल वार्डों की खिड़कियों में लगी जाली टूट गई है। दिन रात मच्छर वार्ड में भनभनाते रहते हैं। मरीजों को मच्छर से निजात पाने के लिए क्वाइल बाजार से खरीदकर जलाना पड़ता है। मगर इस ओर सीएमएस का ध्यान नहीं पड़ रहा है।
अस्पताल में डंप है कचरा
जिला अस्पताल परिसर में मोर्चरी के बगल कूड़ा डंपिंग जोन बनाया गया है। जहां अस्पताल का कचरा डंप किया जाता है। बरसात का पानी भरा होने के कारण मच्छर पनपते हैं। इससे मरीजों के साथ अस्पताल परिसर में रहने वाले डॉक्टरों को भी डेंगू का खतरा बना रहता है।
दो मरीज जो मिले हैं, उस पर बहुत विश्वास नहीं किया जा सकता है। दोनों मरीजों को मेडिकल कॉलेज जांच के लिए भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही डेंगू माना जाएगा। बरसात तक डेंगू खतरा नहीं है। बरसात बंद होने के बाद डेंगू मच्छर पनपते हैं।

राजेश गुप्ता, जिला मलेरिया अधिकारी।
सीएचसी और पीएचसी में डेंगू वार्ड का निर्माण कराया गया है। वार्ड को साफ कराने के लिए आदेश दिया गया है। जिला अस्पताल के डेंगू वार्ड में यदि ताला लटक रहा है और मरीजों को भर्ती नहीं किया जा रहा है तो गलत है। इसके लिए शासन को अवगत कराया जाएगा।
डॉक्टर अरविंद कुमार श्रीवास्तव, सीएमओ।
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