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बेकाबू हुआ डेंगू, एक दिन में मिले 21 मरीज
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जिले में डेंगू का प्रकोप तेजी से फैल रहा है। बृहस्पतिवार को 24 घंटे के भीतर 21 नए मरीज सामने आए। इसके साथ ही जिले में डेंगू के मरीजों का आंकड़ा 67 पहुंच गया है। पहले जिले में हर रोज एक-दो मरीज मिल रहे थे। बृहस्पतिवार को अचानक 21 मरीज सामने आने के बाद स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया। सबसे ज्यादा सात मरीज कालाकांकर में मिले हैं।
अब तक जिले में डेंगू के इक्का-दुक्का मामले ही सामने आ रहे थे। बीमारी को रोकने को लेकर स्वास्थ्य विभाग भी लापरवाह बना था। जिले में कहीं भी दवाओं का छिड़काव नहीं कराया गया। यहां तक कि मेडिकल कॉलेज समेत जिले के किसी भी अस्पताल में डेंगू के इलाज की व्यवस्था नहीं है। डेंगू वार्ड बनाने के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की गई। डेंगू की पुष्टि होने के बाद मरीजों को प्रयागराज रेफर कर दिया जा रहा था।
कागज पर ही दवाओं का छिड़काव और फागिंग कराई जा रही थी। बृहस्पतिवार को एक साथ 21 मरीज सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। ज्यादातर मरीजों को डॉक्टरों ने प्रयागराज रेफर कर दिया। चिंताजनक बात ये हैं कि जिले के सभी इलाकों में डेंगू के मरीज मिले हैं। इससे दिक्कत बढ़ सकती है।
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घरों में मिल रहा लार्वा
डेंगू का प्रकोप बढ़ने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण इलाकों में टीमें बनाकर लार्वा जांच के लिए सर्वे शुरू कर दिया है। अधिकतर घरों में रखी टंकी, कूलरों व खाली पड़े बर्तनों भरे पानी में लार्वा मिल रहा है। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि लार्वा सबसे ज्यादा कूलर के पानी में मिल रहा है। इसके अलावा छतों पर रखे पुराने बर्तन, टंकियां जिनमें साफ या बारिश का पानी भरा है, उनमें मच्छर पनप रहे हैं।
जिले में डेंगू के 21 नए मरीज मिले हैं। अब मरीजों की संख्या बढ़कर 67 पहुंच गई है। स्वास्थ्य निरीक्षकों को डेंगू मरीजों के घर मॉनीटरिंग तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी लोग बुखार होने पर घरेलू उपचार करने की बजाय चिकित्सक के पास जाकर उपचार कराएं। प्रदीप मिश्र, प्रभारी जिला मलेरिया अधिकारी
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अब तक जिले में डेंगू के इक्का-दुक्का मामले ही सामने आ रहे थे। बीमारी को रोकने को लेकर स्वास्थ्य विभाग भी लापरवाह बना था। जिले में कहीं भी दवाओं का छिड़काव नहीं कराया गया। यहां तक कि मेडिकल कॉलेज समेत जिले के किसी भी अस्पताल में डेंगू के इलाज की व्यवस्था नहीं है। डेंगू वार्ड बनाने के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की गई। डेंगू की पुष्टि होने के बाद मरीजों को प्रयागराज रेफर कर दिया जा रहा था।
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कागज पर ही दवाओं का छिड़काव और फागिंग कराई जा रही थी। बृहस्पतिवार को एक साथ 21 मरीज सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। ज्यादातर मरीजों को डॉक्टरों ने प्रयागराज रेफर कर दिया। चिंताजनक बात ये हैं कि जिले के सभी इलाकों में डेंगू के मरीज मिले हैं। इससे दिक्कत बढ़ सकती है।
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घरों में मिल रहा लार्वा
डेंगू का प्रकोप बढ़ने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण इलाकों में टीमें बनाकर लार्वा जांच के लिए सर्वे शुरू कर दिया है। अधिकतर घरों में रखी टंकी, कूलरों व खाली पड़े बर्तनों भरे पानी में लार्वा मिल रहा है। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि लार्वा सबसे ज्यादा कूलर के पानी में मिल रहा है। इसके अलावा छतों पर रखे पुराने बर्तन, टंकियां जिनमें साफ या बारिश का पानी भरा है, उनमें मच्छर पनप रहे हैं।
जिले में डेंगू के 21 नए मरीज मिले हैं। अब मरीजों की संख्या बढ़कर 67 पहुंच गई है। स्वास्थ्य निरीक्षकों को डेंगू मरीजों के घर मॉनीटरिंग तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी लोग बुखार होने पर घरेलू उपचार करने की बजाय चिकित्सक के पास जाकर उपचार कराएं। प्रदीप मिश्र, प्रभारी जिला मलेरिया अधिकारी