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मुन्ना अली के घर से आया था मां जानकी के श्रृंगार का सामान
pratapgarh
Updated Sun, 07 Oct 2018 06:30 PM IST
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ramlela
- फोटो : amar ujala
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पर्वतपुर संडवा खास गांव की रामलीला कौमी एकता की मिसाल है। 5 दशक पहलेे जब रामलीला मंचन की नींव पड़ी तो उस समय गांव के मुन्ना अली के घर से मां जानकी के श्रृंगार की सामाग्रियां भेंट की गई थीं। बस्ती के सभी हिंदु व मुस्लिम भाइयों ने यथासंभव मदद की थी। 108 रुपये में शुरू हुई पर्वतपुर सडंवा खास की रामलीला में अब लाखों रुपये खर्च होते है।
गांव के हिंदुओं व मुसलमानों की एकजुटता से होने वाली रामलीला ने गंगा-जमुनी तहजीब कायम रखी है। मानधाता के पर्वतपुर में रामलीला समिति की नींव स्व. राजबली ने 1969 में रखी थी। पड़ोसी गांव में होने वाली रामलीला से प्रेरित होकर उन्होंने गांव में रामलीला मंचन को लेकर परिचर्चा की तो लोगों ने हर संभव सहयोग देने का संकल्प लिया।
रामलीला मंचन में सहयोग के लिए संकल्प के साथ मुस्लिम समुदाय के लोग भी एक जुट नजर आए और फिर बैठक के दूसरे दिन मंचन के लिए सहयोग धनराशि एकत्र की जाने लगी। कुल 108 रुपये जुटाए गए। घर-घर से कलाकारों के लिए जरूरत की सामाग्रियां एकत्र की गईं। जिसमें मुस्लिम समुदाय भी पीछे नहीं हटा। रामलीला मंचन में सक्रिय सहयोग करने वाले मुन्ना अली के घर से उस दौरान मां जानकी के श्रृंगार की सामाग्री भेंट की गई थी। रामलीला मंचन के लिए गांव स्थित पुराने चबूतरे को चुना गया। मंच पर रेशमी चादर बिछाकर गैस की रोशनी में मंचन की शुरुआत हुई। पंडाल में सभी समुदाय के लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। करीब पंाच दशक पहले जिस भाव से मुस्लिम भाइयों में रामलीला में सहयोग किया था, वह आज भी बरकरार है। अब रामलीला मंचन व लाइटिंग में लाखों रुपये खर्च होते हैं। नौ दिनों तक रामलीला मंचन से पूरा गांव राम भक्ति में सराबोर दिखता है।
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श्री रामलीला समिति पर्वतपुर की ओर से आयोजित होने वाली रामलीला में राम का किरदार निभाने वाले सुरेश सिंह के अलावा अधिकांश कलाकार रोजगार के सिलसिले में मायानगरी में रहते है। सुरेश पुणे में रहते हैं। वहां प्राइवेट जॉब करते हैं। लक्ष्मण विजय सिंह, मेघनाद प्रदीप सिंह सहित मायानगरी में रहते हैं। जबकि दशरथ का किरदार निभने वाले दयाशंकर सिंह इंटर कालेज में प्रवक्ता हैं। रावण का किरदार निभाने वाले भैरव बख्स सिह रामलीला समिति के निर्देशक हैं।
जब से रामलीला समिति की नींव पड़ी है तब से गांव के भैरव बख्श रावण का किरदार निभा रहे हैं। वह इस रोल में इतने मझ चुके हैं कि उन्हें अब रिहर्सल की जरूरत नहीं पड़ती। जीवन के सत्तर बसंत देखने के बाद भी जब वह मंच पर दहाड़ते हैं तो सन्नाटा पसर जाता है।
40 सदस्यीय श्री रामलीला समिति पर्वतपुर कमेटी के अध्यक्ष वंशबहादुर सिंह ने बताया कि इस बार 15 अक्तूबर से रामलीला की शुरुआत होगी। मंचन 24 अक्तूबर तक चलेगा। सहयेागी हरिकेश सिंह, पंकज सरोज, अखिलेश चंद्रपांडेय आदि मंचन की तैयारी में जुटे हुए हैं।
गांव के हिंदुओं व मुसलमानों की एकजुटता से होने वाली रामलीला ने गंगा-जमुनी तहजीब कायम रखी है। मानधाता के पर्वतपुर में रामलीला समिति की नींव स्व. राजबली ने 1969 में रखी थी। पड़ोसी गांव में होने वाली रामलीला से प्रेरित होकर उन्होंने गांव में रामलीला मंचन को लेकर परिचर्चा की तो लोगों ने हर संभव सहयोग देने का संकल्प लिया।
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रामलीला मंचन में सहयोग के लिए संकल्प के साथ मुस्लिम समुदाय के लोग भी एक जुट नजर आए और फिर बैठक के दूसरे दिन मंचन के लिए सहयोग धनराशि एकत्र की जाने लगी। कुल 108 रुपये जुटाए गए। घर-घर से कलाकारों के लिए जरूरत की सामाग्रियां एकत्र की गईं। जिसमें मुस्लिम समुदाय भी पीछे नहीं हटा। रामलीला मंचन में सक्रिय सहयोग करने वाले मुन्ना अली के घर से उस दौरान मां जानकी के श्रृंगार की सामाग्री भेंट की गई थी। रामलीला मंचन के लिए गांव स्थित पुराने चबूतरे को चुना गया। मंच पर रेशमी चादर बिछाकर गैस की रोशनी में मंचन की शुरुआत हुई। पंडाल में सभी समुदाय के लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। करीब पंाच दशक पहले जिस भाव से मुस्लिम भाइयों में रामलीला में सहयोग किया था, वह आज भी बरकरार है। अब रामलीला मंचन व लाइटिंग में लाखों रुपये खर्च होते हैं। नौ दिनों तक रामलीला मंचन से पूरा गांव राम भक्ति में सराबोर दिखता है।
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श्री रामलीला समिति पर्वतपुर की ओर से आयोजित होने वाली रामलीला में राम का किरदार निभाने वाले सुरेश सिंह के अलावा अधिकांश कलाकार रोजगार के सिलसिले में मायानगरी में रहते है। सुरेश पुणे में रहते हैं। वहां प्राइवेट जॉब करते हैं। लक्ष्मण विजय सिंह, मेघनाद प्रदीप सिंह सहित मायानगरी में रहते हैं। जबकि दशरथ का किरदार निभने वाले दयाशंकर सिंह इंटर कालेज में प्रवक्ता हैं। रावण का किरदार निभाने वाले भैरव बख्स सिह रामलीला समिति के निर्देशक हैं।
जब से रामलीला समिति की नींव पड़ी है तब से गांव के भैरव बख्श रावण का किरदार निभा रहे हैं। वह इस रोल में इतने मझ चुके हैं कि उन्हें अब रिहर्सल की जरूरत नहीं पड़ती। जीवन के सत्तर बसंत देखने के बाद भी जब वह मंच पर दहाड़ते हैं तो सन्नाटा पसर जाता है।
40 सदस्यीय श्री रामलीला समिति पर्वतपुर कमेटी के अध्यक्ष वंशबहादुर सिंह ने बताया कि इस बार 15 अक्तूबर से रामलीला की शुरुआत होगी। मंचन 24 अक्तूबर तक चलेगा। सहयेागी हरिकेश सिंह, पंकज सरोज, अखिलेश चंद्रपांडेय आदि मंचन की तैयारी में जुटे हुए हैं।