एसडीएम की पिटाई से मौत : छह हजार ईंटों के रुपये न देना नायब नाजिर की जान पर पड़ गया भारी
लालगंज तहसील के आवासीय परिसर की चहारदीवारी के लिए एसडीएम ने नायब नाजिर पर रुपये देने का दबाव बनाया था। रुपये देने में नायब आनाकानी कर रहे थे। बेटे ने आरोप लगाया कि रुपये की व्यवस्था न होने पर तीन लोगों के साथ एसडीएम धमक पड़े और घर में घुसकर पिता को बेरहमी से पीटा। इससे उनकी जान चली गई।
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लालगंज तहसील के आवासीय परिसर की चहारदीवारी के निर्माण के लिए छह हजार रुपये न देने की कीमत नायब नाजिर सुनील कुमार शर्मा को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। रुपये न देने से नाराज एसडीएम ज्ञानेंद्र विक्रम अपने तीन साथियों के साथ उसके आवास पर पहुंच गए। इसके बाद सुनील को घसीटते हुए घर से बाहर निकालकर पीटा।
उनके साथ आए तीन लोगों ने उसे तब तक पीटा जब तक वह बेहोश नहीं हो गया। मरणासन्न स्थिति देख कुछ खास लोगों से एसडीएम ने सुनील को उपचार के लिए सीएचसी भेजा। लालगंज पुलिस अभी तक घटना में एक कदम भी आगे नहीं बढ़ सकी है। मेडिकल कॉलेज से फरार एसडीएम का अभी तक पुलिस सुराग नहीं लगा सकी।
नगर कोतवाली के विवेक नगर निवासी सुधीर शर्मा ने शनिवार की रात पुलिस को तहरीर देते हुए आरोप लगाया कि उसके पिता सुनील शर्मा 30 मार्च की रात नौ बजे लालगंज तहसील परिसर स्थित आवास में थे। इस बीच उपजिलाधिकारी लालगंज ज्ञानेंद्र विक्रम सिंह तीन अज्ञात लोगों के साथ उसके आवास में घुस आए। उसके पिता सुनील को पीटते हुए घसीटकर बाहर निकाल ले गए। डंडों से उन्हें पीटा जाता रहा।
छह हजार ईंटों की व्यवस्था करने का दिया था निर्देश
एसडीएम ने उसके पिता से तहसील के आवासीय परिसर की चहारदीवारी बनवाने के लिए छह हजार ईंटों की व्यवस्था करने के लिए कहा था, लेकिन उन्होंने रुपये न होने की बात कहते हुए इससे इनकार कर दिया था। पहले भी उनसे रुपये की मांग की गई थी। बेरहमी से की गई पिटाई के चलते उसके पिता बेहोश हो गए। एसडीएम ने अपने करीबियों से उन्हें उपचार के लिए सीएचसी भेजा।
परिवार के लोगों को भी मिलने से रोक दिया। काफी जद्दोजहद के बाद उन्हें उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज लाया गया। जहां शनिवार को पिटाई से आई चोटों के कारण उनकी मौत हो गई। घटना के बाद कर्मचारी यह सवाल कर रहे हैं कि एसडीएम के आवास पर किसी काम के सिलसिले में आए तीन बाहरी लोगों ने सुनील को बुरी तरह क्यों पीटा।
मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस अभी तक बाहरी लोगों को चिह्नित तक नहीं कर सकी। आरोपी एसडीएम मेडिकल कॉलेज से फरार है। पुलिस उनकी तलाश दावा कर रही है। सीओ लालगंज रामसूरत सोनकर ने बताया कि मुकदमा दर्ज कराने वाले मृतक कर्मचारी के बेटे के बयान के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। तीन बाहरी अज्ञात लोगों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
मोबाइल लोकेशन की मदद से बाहरी लोगों की तलाश करेगी पुलिस
एसडीएम लालगंज ज्ञानेंद्र विक्रम सिंह के साथ तीन बाहरी लोगों ने तहसीलकर्मी सुनील शर्मा की बेरहमी से पिटाई की थी। घायल तहसीलकर्मी की मौत के बाद मुकदमा दर्ज करने वाली लालगंज पुलिस अब मृतक के बेटे के बयान की तैयारी कर रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, छानबीन करने के लिए रात में ही सर्विलांस व स्वॉट टीम ने घटनास्थल का जायजा लिया था। घटना के समय से एक घंटे के भीतर वहां मौजूद लोगों के बारे में मोबाइल लोकेशन के जरिए जानकारी जुटाने का प्रयास किया जा रहा है।
दो दिन तक टालमटोल करने वाली लालगंज पुलिस ने दो मिनट में दर्ज कर लिया मुकदमा
लालगंज एसडीएम ज्ञानेंद्र विक्रम सिंह की पिटाई से मरे नायब नाजिर सुनील शर्मा दो दिन तक आला अधिकारियों से इंसाफ की गुहार लगाते हुए मुकदमा दर्ज करने के लिए प्रार्थना पत्र लेकर भटकता रहा, मगर पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया। अफसर व उनके तीन करीबियों को बचाने में पुलिस जुटी रही।
लालगंज तहसील परिसर स्थित सरकारी आवास में रहने वाले नायब नाजिर सुनील शर्मा ने 31 मार्च को एसडीएम लालगंज पर पिटाई का आरोप लगाते हुए कोतवाल को तहरीर दी। पुलिस ने शरीर पर चोट के निशान देखने के बाद भी मेडिकल कराना बेहतर नहीं समझा। चूंकि प्रकरण एसडीएम से जुड़ा था। इसलिए पुलिस भी उन्हें बचाने के लिए प्रयासरत रही। वहां मेडिकल न होने पर कुछ करीबी सुनील शर्मा को मुख्यालय लाए। जहां मेडिकल कॉलेज में उसका चिकित्सकीय परीक्षण हुआ।
डीएम के आदेश पर दर्ज हुआ केस
दो दिन तक तहरीर लेकर सुनील शर्मा भटकता रहा, मगर लालगंज पुलिस मुकदमा लिखने के बजाय टालमटोल करती रही। शनिवार की शाम सुनील की मौत की खबर के बाद कर्मचारी हंगामा करने लगे। मेडिकल कॉलेज के गेट पर जाम लगा दिया। पुलिस से झड़प भी हुई। देर रात जिलाधिकारी डॉ. नितिन बंसल व पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल भी अस्पताल पहुंचे।
अधिकारियों का आदेश होते ही मृतक कर्मचारी सुनील के बेटे सुधीर शर्मा की तहरीर पर दो दिन से टालमटोल करने वाली लालगंज पुलिस ने दो मिनट में ही मुकदमा दर्ज करते हुए नकल की कॉपी भी भेज दी। जाम लगाने वाले कर्मचारियों को एसडीएम व तीन अज्ञात के खिलाफ मुकदमे की कॉपी दिखाई गई। तब जाकर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
बवाल से डरी पुलिस ने सुबह ही मंगा ली बस
लालगंज एसडीएम की पिटाई से तहसीलकर्मी सुनील शर्मा की मौत के बाद रात में कर्मचारियों के बवाल से बैकफुट पर रही पुलिस सुबह भी डरी नजर आई। रविवार को सुबह ही पुलिस ने बस मंगा ली और आननफानन में परिवार के लोगों को अंतिम संस्कार के लिए ऋंग्वेरपुर भेजने की व्यवस्था कराई। घर से शव रवाना होने के बाद पुलिस समेत प्रशासनिक अधिकारियों ने राहत की सांस ली। अंतिम संस्कार के समय लालगंज के नए एसडीएम अरुण सिंह भी पूरे समय मौजूद रहे।
लालगंज एसडीएम ज्ञानेंद्र विक्रम सिंह व तीन अज्ञात लोगों की पिटाई से मरे सुनील शर्मा का शव पोस्टमार्टम के बाद शनिवार को आधी रात के बाद घर पहुंचा। परिजन शव देखकर बिलखने लगे। चूंकि रात में विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने जाम लगाकर नारेबाजी की थी। उनका आक्रोश कहीं फिर बवाल की वजह न बन जाए, इसलिए पुलिस ने परिवार के लोगों को रविवार की सुबह जल्दी अंतिम संस्कार के लिए राजी कर लिया था।
सुबह होते ही पुलिस ने बस मंगा ली। करीब आठ बजे शव को बस से अंतिम संस्कार के लिए ऋंग्वेरपुर भेजा गया। पुलिसकर्मियों ने बस से लेकर दूसरे इंतजाम किए। ताकि शव ले जाने में कोई अड़चन न आ सके। जिलाधिकारी डॉ. नितिन बंसल के आदेश पर लालगंज के नए उपजिलाधिकारी अरुण सिंह भी ऋंग्वेरपुर घाट पर अंतिम समय तक मौजूद रहे।