Pratapgarh : मजदूर की हत्या कर शव स्कूल के गेट पर लटकाया, छानबीन में जुटी पुलिस
अयोध्या का रहने वाला मजदूर प्रकाश घूम-घूमकर सिल बट्टा की कुटाई करता था। तीन दिन पहले ही वह गांव में आया था। एक साल पहले वह प्रतापगढ़ में ही रहता था। इसके बाद पत्नी और बच्चों को लेकर कहीं चला गया था दो दिन पहले ही वह गांव में फिर आया था।
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अयोध्या जिले के पूरे कलंदर थाने के निशा का पुरवा, मिर्जापुर निमौली का ओम प्रकाश उर्फ प्रकाश पुत्र राजकुमार सिल बट्टे बनाने और कूटने का काम करता था। काफी साल से वह अपने काम को लेकर रानीगंज इलाके में रहता था। एक साल पहले वह नरहरपुर में बीवी और बच्चे के साथ था लेकिन उसके बाद वह अपना परिवार लेकर चला गया था। दो दिन पहले वह आया था और जयशंकर शुक्ला के बिना दरवाजे के एक कमरें में रहने लगा।
शुक्रवार की रात वह गांव के पास सोती का पुरवा में एक भंडारे में खाने गया था। सुबह उसका शव सड़क के किनारे जनता जूनियर हाई स्कूल के बंद गेट पर उसी के गमछे से फंदा बनाकर लटका हुआ मिला। पैर उसके जमीन को छू रहे थे। यह देखकर आसपास सनसनी फ़ैल गई और लोगों की भीड़ इकठ्ठा हो गई। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई, जिसके बाद फोरेंसिक की टीम आई और आसपास जांच पड़ताल में जुटी।
गमछे का फंदा काटकर उसका शव जमीन पर रखा गया। उसके कान में एक बार सुलगी बीड़ी भी लगी थी और जेब में इंची टेप और 205 रुपये बरामद हुए। पुलिस ने लोगों से जानकारी की तो उसका ननिहाल प्रयागराज के हरीसेनगंज में होने की बात सामने आई। जहां से उसके भाई दगडू को उसके मौत के बारे में जानकारी दी गई।
मृतक मजदूर के 16 साल का एक बेटा मोनू है। ग्रामीणों का कहना था कि उसकी हत्या करके शव को स्कूल गेट पर लटकाया गया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। इंस्पेक्टर शशिकांत यादव और दुर्गागंज चौकी प्रभारी रोहित यादव मौके पर जुटे थे।
प्राथमिक विद्यालय और जनता जूनियर हाई स्कूल में नहीं आए विद्यार्थी
थाने के नरहरपुर के सड़क के किनारे जनता जूनियर हाईस्कूल उससे सटा हुआ प्राथमिक विद्यालय है। सुबह मजदूर का शव गेट पर टंगे होने के बाद शिक्षक तो आए, लेकिन विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चे नहीं आए। सुबह 10.30 बजे जब शव विद्यालय के गेट से हटाया गया तो शिक्षक ताला खोलकर अंदर गए। वहीं दोनों विद्यालय में घटना को लेकर शिक्षकों में डर दिखाई दिया।
हालांकि मजदूर की हत्या करके शव लटकाने के सवाल का उत्तर आसपास के लोग भी नहीं बता पा रहे थे। हालांकि मृतक की पहचान गांव के लोगों से थी, लेकिन कोई कुछ भी बता नहीं पा रहे थे।