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डाला छठ: डूबते सूर्य को आज दिया जाएगा पहला अर्घ्य

Tue, 09 Nov 2021 11:27 PM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 09 Nov 2021 11:27 PM IST
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Dala Chhath: Arghya will be given to the setting sun today
दहिलामऊ में छठ पूजा के लिए खरना बनाकर पूजन करती श्रद्धालु। संवाद - फोटो : PRATAPGARH
सूर्योपासना के महापर्व को लेकर श्रद्धालुओं में काफी उत्साह है। पर्व के दूसरे दिन व्रतियों ने खरना कर प्रसाद वितरित किया। मंगलवार को व्रती बाजारों में पूजन सामग्री के लिए फल के साथ ही श्रृंगार से जुड़ी वस्तुएं और कपड़े खरीदते रहे। बुधवार शाम को डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा।
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चार दिन तक चलने वाले छठ महापर्व में भगवान सूर्य की आराधना की जाती है। आठ नवंबर को नहाय-खाय के साथ शुरू हुआ यह पर्व सप्तमी को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ समाप्त होगा। मुख्य पूजा 10 और 11 नवंबर को होगी। पहला अर्घ्य 10 नवंबर को अस्त होते सूरज को दिया जाएगा। जबकि 11 नवंबर की सुबह उगते हुए सूर्य को व्रती अर्घ्य देंगे। इसके साथ ही यह पर्व समाप्त हो जाएगा और व्रती प्रसाद खाकर पारण करेंगे।
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वहीं मंगलवार को खरना के बाद से व्रतियों का 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू हो गया। इस दिन व्रत रखने वाले स्त्री और पुरुषों ने दिन भर उपवास रखने के बाद शाम को स्नान कर विधि-विधान से रोटी और गुड़ की खीर का प्रसाद तैयार किया। श्रद्धालुओं ने मिट्टी के चूल्हे पर आम की लकड़ी से खीर का प्रसाद तैयार किया। इसके बाद भगवान भाष्कर का पूजन-अर्चन कर उन्हें खीर का प्रसाद व केला चढ़ाया गया।
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व्रती अंतिम पूजा समाप्त होने तक नमक और चीनी के साथ ही प्याज व लहसुन का इस्तेमाल नहीं करते हैं। व्रतियों के प्रसाद ग्रहण करने के बाद ही आस-पास के लोगों व घर के सदस्यों ने प्रसाद ग्रहण किया। मंगलवार को दिनभर पूजन में लगने वाले सामानों की श्रद्धालु खरीदारी करते रहे। बाजार से बांस या पीतल के सूप, बास का दौरा, डलिया और डगरा, पानी वाला नारियल, अनानास, सिंघाड़ा, मौसमी फल, बोड़ा, कच्चा व पका केला, पत्ता लगा हुआ गन्ना, सुथनी, शकरकंदी, हल्दी, अदरक, आदि खरीदा गया।
गन्ना और नींबू की रही डिमांड
छठ पूजा में गन्ना और नींबू का बहुत महत्व है। इसके बिना पूजा अधूरी मानी जाती है। बाजारों में नींबू और गन्ना उपलब्ध न होने के कारण श्रद्धालुओं को दूरदराज से पूजन सामाग्री लानी पड़ रही है। बाजारों में गन्ने व नींबू की खूब डिमांड रही।

बेल्हा देवी सहित दर्जनों घाटों पर होगी पूजा
शहर स्थित बेल्हा देवी घाट के अलावा रानीगंज क्षेत्र के बाराही धाम, शनिदेव धाम के घाट, कुंडा के मानिकपुर, कालाकांकर व पट्टी क्षेत्र के बेलखरनाथ घाट सहित जिले के दर्जनों घाटों पर श्रद्धालुओं का भीड़ बुधवार को छठ पूजा के लिए उमड़ेगी। वहीं तमाम लोग घर के आस-पास घाट न होने के कारण तालाब, पोखरे व गड्ढे में पानी भरकर सूर्य को अर्घ्य देंगे।
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