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कोतवाल दोषी तो क्यों दी जा रही दरोगा-सिपाहियों को माफी

Mon, 07 Nov 2016 11:34 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़।
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़। Updated Mon, 07 Nov 2016 11:34 PM IST
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why are not constable convict
न्‍यूूज

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गैर बिरादरी के युवक से प्रेम और शादी करने के बाद ऑनर किलिंग का शिकार हुई संजू की मौत के मामले में एसपी ने प्रभारी कोतवाल को तो सस्पेंड कर दिया, लेकिन इसके गुनहगार और भी हैं। अगर संजू के जान का खतरा जताने के बाद भी परिजनों के साथ भेजने के लिए तत्कालीन कोतवाल के साथ हल्का सिपाही-दरोगा के साथ पट्टी कोतवाली के अन्य पुलिसकर्मी भी कम जिम्मेदार नहीं हैं। घरवालों के साथ भेजने के बाद अगले दिन जब उसका पता नहीं चला तो सौरभ की शिकायत और एसपी की फटकार के बाद भी हल्का दरोगा और सिपाही कहां थे। संजू को उसके घर ढूंढने जाने के बजाए पुलिस मामा के घर ढूंढने क्यों गईं। जबकि उसकी लाश उसी के घर में एक एक नवंबर को पाई गई थी। इस मामले में एसपी ने तत्कालीन कोतवाल को तो सस्पेंड कर दिया, लेकिन बाकी पुलिसकर्मियों के साथ नरमी क्यों बरती गई। क्या उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी! या फिर सिर्फ प्रभारी कोतवाल को सस्पेंड कर संजू की फाइल को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा। पूरे मामले की जानकारी तो आला अफसरों को भी थी। फिर वो क्या कर रहे थे। खतरे की आशंका के बावजूद त्वरित कदम क्यों नहीं उठाया गया। इन सवालों के जवाब कौन देगा!

हालांकि इस पूरे घटनाक्रम में तेजी से कार्रवाई करते हुए एसपी ने पूर्व प्रभारी कोतवाल राजकिशोर को निलंबित कर दिया। अब सवाल यह उठता है कि  कोतवाली में पंचायत के दौरान हल्का दरोगा, सिपाही समेत पुलिसकर्मी भी मौजूद थे। चर्चा है कि अफसर प्रभारी कोतवाल पर कार्रवाई की गाज गिराने के बाद क्या मामले को ठंडे बस्ते को डाल देना चाहते हैं। पंचायत के दौरान मौजूद पुलिसकर्मी भी संजू की मौत के लिए दोषी हैं। उन पर कार्रवाई के बजाय अफसर उन्हें माफी क्यों दे रहे हैं। लोगों का कहना है कि प्रभारी कोतवाल से पुलिसकर्मियों की मिलीभगत के चलते सभी मामले को पचाने में जुटे रहे।
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न भेजा जाएगा बिसरा, न आएगी रिपोर्ट
गैर बिरादरी से प्रेम विवाह करने वाली संजू आनरकिलिंग का शिकार हो गई। उसकी मौत का स्पष्ट कारण खोजने के लिए जांच की खातिर बिसरा प्रयोगशाला भेजने का सुझाव डाक्टरों ने दिया है। जबकि स्वास्थ्य विभाग के पास बिसरा भेजने की किट ही समाप्त हो गई है। ऐसे में जांच के लिए न बिसरा भेजा जाएगा और न ही उसकी रिपोर्ट आएगी। मौजूदा समय में स्वास्थ्य विभाग के पास बिसरा जांच को भेजने वाली किट नही है। किट न उपलब्ध होने के कारण बहुत सी संदिग्ध मौतों का कारण जानने के लिए बिसरा नहीं भेजा जा सका। अब यह चर्चा होने लगी है कि संजू की मौत का स्पष्ट कारण खोजने के लिए पोस्टमार्टम करने वाले डाक्टरों ने बिसरा प्रयोगशाला भेजकर जांच कराने के लिए लिखा था। घटना के छह दिन बाद भी पट्टी पुलिस बिसरे को जांच के लिए नहीं भेज सकी। जब बिसरा जांच के लिए भेजा ही नहीं जाएगा तो उसकी रिपोर्ट कहां से आएगी और दोषियों को सजा मिलने में भी विलंब होगा।
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