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नशे की गिरफ्त में फंस रहे युवा

Sat, 27 Dec 2014 11:06 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़ Updated Sat, 27 Dec 2014 11:06 PM IST
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trapped in the grip of drugs young
कोहंडौर थाना क्षेत्र का मकूनपुर बाजार नशे के सौदागरों का अड्डा बन चुका है। बेखौफ सौदागर नशीले पदार्थ बेंच रहे हैं। नशे की गिरफ्त में युवा फंस रहे हैं। पुलिस को खुद सीधे कार्रवाई करनी चाहिए। मगर आलम ये है कि पुलिस शिकायत पर भी चुप्पी साधे हुए है। इन दिनों मकूनपुर बाजार में नशे के सौदागरों का बोलबाला है। अभी तक भांग की सरकारी दुकानों पर गांजा ही बेचा जाता था, लेकिन अब बाजार में स्मैक का भी धंधा शुरू हो गया है। युवा तेजी से स्मैक की लत में फंस रहे हैं। हालात बेकाबू हो रहे हैं। बाजार के इर्द-गिर्द के कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्र नशे के कारोबारियों के निशाने पर हैं। हर दिन इनकी संख्या में इजाफा हो रहा है।
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ऐसा नहीं कि पुलिस को नशे के कारोबारियों के बारे में जानकारी नहीं है, मगर पुलिस चुप्पी साधे हुए है। ऐसे में तमाम लोगों ने नशे के कारोबारियों की शिकायत पुलिस से की लेकिन पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है। नशे के सौदागर मोटी कमाई के लिए युवाओं को नशे की गिरफ्त में फंसा रहे हैं। हाल ये है कि नशीले पदार्थ की तलाश में जिले की सीमा से लगे सुल्तानुपर, अमेठी से भी लोग आने लगे हैं। इस बाबत सीओ सिटी एमपी सलोनिया का कहना है कि मामला मेरे संज्ञान में नहीं था। मैं खुद दबिश दूंगा। नशे के कारोबारियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
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 नशे के सौदागरों ने अपना जाल शहर के कई कोने में फैला रखा है। टक्करगंज, नया माल गोदाम रोड, भंगवा, जेल रोड, सिप्तैन रोड के साथ ही मीराभवन इलाके में मादक पदार्थाें की बिक्री चरम पर है। सूत्रों की मानें तो नशे के कारोबार का सरगना बाबागंज इलाके में रहता है। गांजा की एक पुड़िया 50 रुपये स्मैक की एक पुड़िया 100 रुपये में मिलती है। ऐसे में कमजोर माली हालत वाले युवा अपना नशा पूरा करने के लिए चोरी की वारदात करने से बाज नहीं आते। छिनैती, साइकिल और छोटे, मोटे सामान की चोरी की घटनाओं को लोग भी गंभीरता से नहीं लेते और पुलिस तो बड़ी घटनाओं पर भी खामोश रहती है। ऐसे में नशे की गिरफ्त में जकड़े युवा आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। अगर पुलिस नशे के कारोबार पर पाबंदी लगा दे तो मुमकिन है कि तमाम वारदात होने की नौबत ही न आए।
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