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यह कैसी राहत : खाद का दाम घटा पांच किलो कम कर दिया वजन
प्रतापगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 18 Jul 2018 12:19 AM IST
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खाद की सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : प्रतापगढ़
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किसानों को यह कैसी राहत दी जा रही है। यूरिया की बोरी सस्ती करने के चक्कर में वजन ही घटा दिया गया है। विभाग के शीर्ष अधिकारी भले ही इसे किसानों के लिए राहत मान रहे हैं, मगर हकीकत यह है कि किसानों को अब और जेब ढीली करनी होगी। फिलहाल अभी तक 50 किग्रा वजन की बिकने वाली यूरिया अब 45 किग्रा में बाजार में पहुंच गई है।
जिले के किसानों को खाद के बढ़ते दामों से राहत दिलाने के लिए इफको ने इस वर्ष बोरियों का वजन ही घटा दिया है। किसानों को साधन सहकारी समितियों और बिक्री केंद्रों से मिलने वाली यूरिया की बोरी 50 किग्रा की होती थी। बाजार में किसानों को यह बोरी 330.50 रुपये में मिलती थी। जुलाई माह में इफको से आने वाली यूरिया की बोरी 45 किग्रा की हो गई है। साथ ही इसका दाम घटाकर 299.0 रुपये कर दिया गया है। डीएपी के दामों में भी इजाफा किया गया है। पूर्व में डीएपी की बोरी 1063 रुपये में मिल रही थी, मगर बाजार में आने वाली नई डीएपी की दर 1290 प्रति बोरी कर दी गई है। हालांकि डीएपी की बोरियों में वजन कम नहीं किया गया है। यूरिया की बोरी से पांच किग्रा वजन करके भले ही शीर्ष अधिकारी और सरकार में बैठे लोग किसानों के लिए राहत मान रहे हैं, मगर सच्चाई यह है कि इससे किसानों को और नुकसान उठाना पड़ेगा। फिलहाल किसान मजबूरी में कम वजन वाली यूरिया खरीदने को मजबूर हैं।
यूरिया की बढ़ गई डिमांड
धान की रोपाई के साथ ही यूरिया की मांग बढ़ गई है। साधन सहकारी समितियों और प्राइवेट दुकानों पर नई बोरियां किसानों को दी जा रही हैं। अधिकांश किसान फसलों में छिड़कांव करने
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यूरिया का दाम कम होने से किसानों को काफी राहत मिलेगी। 45 किग्रा वजन वाली यूरिया बाजार में पहुंच रही है, इससे किसानों के अंधाधुंध यूरिया के प्रयोग पर रोक लगेगी। फिलहाल छोटे किसानों के लिए काफी लाभदायक है।
अरविंद प्रकाश, सहायक निबंधक, सहकारिता।
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जिले के किसानों को खाद के बढ़ते दामों से राहत दिलाने के लिए इफको ने इस वर्ष बोरियों का वजन ही घटा दिया है। किसानों को साधन सहकारी समितियों और बिक्री केंद्रों से मिलने वाली यूरिया की बोरी 50 किग्रा की होती थी। बाजार में किसानों को यह बोरी 330.50 रुपये में मिलती थी। जुलाई माह में इफको से आने वाली यूरिया की बोरी 45 किग्रा की हो गई है। साथ ही इसका दाम घटाकर 299.0 रुपये कर दिया गया है। डीएपी के दामों में भी इजाफा किया गया है। पूर्व में डीएपी की बोरी 1063 रुपये में मिल रही थी, मगर बाजार में आने वाली नई डीएपी की दर 1290 प्रति बोरी कर दी गई है। हालांकि डीएपी की बोरियों में वजन कम नहीं किया गया है। यूरिया की बोरी से पांच किग्रा वजन करके भले ही शीर्ष अधिकारी और सरकार में बैठे लोग किसानों के लिए राहत मान रहे हैं, मगर सच्चाई यह है कि इससे किसानों को और नुकसान उठाना पड़ेगा। फिलहाल किसान मजबूरी में कम वजन वाली यूरिया खरीदने को मजबूर हैं।
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यूरिया की बढ़ गई डिमांड
धान की रोपाई के साथ ही यूरिया की मांग बढ़ गई है। साधन सहकारी समितियों और प्राइवेट दुकानों पर नई बोरियां किसानों को दी जा रही हैं। अधिकांश किसान फसलों में छिड़कांव करने
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यूरिया का दाम कम होने से किसानों को काफी राहत मिलेगी। 45 किग्रा वजन वाली यूरिया बाजार में पहुंच रही है, इससे किसानों के अंधाधुंध यूरिया के प्रयोग पर रोक लगेगी। फिलहाल छोटे किसानों के लिए काफी लाभदायक है।
अरविंद प्रकाश, सहायक निबंधक, सहकारिता।