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Yamuna Nagar News: समय बचाने के लिए शॉर्टकट लेकर ट्रैक पर खतरे में डाल रहे जिंदगी
Mon, 31 Aug 2026 12:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 31 Aug 2026 12:45 AM IST
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पश्चिमी यमुना नहर पुल पर बने रेल ट्रैक से बच्चे के साथ गुजरती महिला। संवाद
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संवाद न्यूज एजेेंसी
जगाधरी। लोगों के लिए शॉर्टकट बन चुका यमुनानगर जगाधरी रेलवे स्टेशन के पास पश्चिमी यमुना नहर पुल आए दिन खून से लाल हो रहा है। रेलवे स्टेशन के दूसरी तरफ बसी कॉलोनियों व क्षेत्र के लोग शहर आने के लिए पश्चिमी यमुना नहर के रेलवे पुल का इस्तेमाल शॉर्टकट के रूप में करते हैं।
लोगों का यह शॉर्टकट जिंदगी का आखिरी कट बन रहा है। शॉर्टकट के चक्कर में लाइन क्रॉस कर जान गंवा रहे हैं। इससे ट्रेन का ट्रैक लगातार खून से लाल हो रहा और परिवार उजड़ रहे हैं। इसके बाद भी लोग हादसों से सबक नहीं ले रहे और न ही इस पर कार्रवाई करने वालों का इस पर ध्यान है।
पिछले वर्ष 22 लोगों की रेल लाइन क्रॉस करते हुए ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई है। रेल लाइन क्रॉस करने वालों पर लगाम लगाने के लिए रेलवे सुरक्षा बल और राजकीय रेलवे पुलिस यमुनानगर-जगाधरी स्टेशन पर मौजूद है। इसके बाद भी सुरक्षा बलों के सामने ही रोजाना नियम के साथ जिंदगी की डोर टूट रही है। लापरवाही के चलते अनमोल जिंदगी लाइनों पर दम तोड़ रही।
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पश्चिमी यमुना नहर के ऊपर से गुजर रही दोनों रेल लाइन को लोगों ने शॉर्टकट रास्ता बना लिया है। शहर की आबादी का एक बड़ा हिस्सा पश्चिमी यमुना नहर पार बाड़ी माजरा, टपरिया, पांसरा, शादीपुर गांव की तरफ रहता है। रेल लाइन से ही कुछ दूरी पर सहारनपुर हाईवे भी है। हाईवे से आना-जाना लोगों को दूर पड़ता है। इसलिए लोग शॉर्ट के लिए रेल लाइन से गुजरते हैं।
जिस वक्त लोग रेलवे लाइन से गुजरते हैं तो सामने या फिर पीछे से ट्रेन आ जाती है। तब लोगों को भागने तक का मौका नहीं मिलता है। पुल पर साइड में कोई स्थान नहीं है यदि कोई एक तरफ कूद जाए तो नीचे यमुना नहर में डूब जाएगा। वहीं, पांसरा फाटक तक के क्षेत्र को रेडलाइन के नाम से जाना जाता है। रेलवे के रिकॉर्ड में भी यह क्षेत्र काफी संवेदनशील है। रेल लाइन के एक तरफ लकड़ी मंडी तो दूसरी तरफ शहर है। लोग क्रॉसिंग पॉइंट की बजाए शॉर्टकट के चक्कर में अक्सर ट्रेन की चपेट में जाते हैं। संवाद
रेल लाइन पार करने के दौरान हुए हादसे
29 अगस्त को मालगाड़ी के लिए बनी डीएफसीसी कॉरिडोर लाइन पर पुल पार करते समय युवक की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। 20 अगस्त को रेल लाइन पार कर खाना लेने जा रहे मामा-भांजे की ट्रेन से कटकर मौत हो गई थी। वहीं, हादसे में करनाल निवासी 19 वर्षीय मैक्स घायल हो गया था। मार्च में शॉर्टकट के चक्कर में पुल पार करते समय युवक की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। जनवरी में दो लोगों की लाइन पार करते समय ट्रेन से कट कर मौत हो गई। 16 अगस्त 2025 को लाइन पार करते समय 24 वर्षीय युवक की मौत हो गई। 13 जुलाई 2025 को बच्चे का जन्मदिन मनाने के सामान की खरीदारी कर घर जाते समय पुल पार करते हुए दो सगी बहनें ट्रेन की चपेट में आ गई। इस दौरान एक महिला का शरीर दो हिस्सा में बंट गया और आधा हिस्सा कट कर यमुना नहर में गिर गया। 26 जून 2025 को नहर रेलवे पुल पार करते हुए युवक ने जान गंवा दी। 18 मई 2025 को पुल पार करते हुए अधेड़ की जान चली गई थी।
रेल लाइन पार करना दंडनीय अपराध है। इसके लिए आरपीएफ की ओर से जागरूकता अभियान चलाया जाता है। इसके साथ ही रेल लाइन के चालान भी किए जाते हैं। मोहित त्यागी, कंपनी कमांडर, रेलवे सुरक्षा बल।
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जगाधरी। लोगों के लिए शॉर्टकट बन चुका यमुनानगर जगाधरी रेलवे स्टेशन के पास पश्चिमी यमुना नहर पुल आए दिन खून से लाल हो रहा है। रेलवे स्टेशन के दूसरी तरफ बसी कॉलोनियों व क्षेत्र के लोग शहर आने के लिए पश्चिमी यमुना नहर के रेलवे पुल का इस्तेमाल शॉर्टकट के रूप में करते हैं।
लोगों का यह शॉर्टकट जिंदगी का आखिरी कट बन रहा है। शॉर्टकट के चक्कर में लाइन क्रॉस कर जान गंवा रहे हैं। इससे ट्रेन का ट्रैक लगातार खून से लाल हो रहा और परिवार उजड़ रहे हैं। इसके बाद भी लोग हादसों से सबक नहीं ले रहे और न ही इस पर कार्रवाई करने वालों का इस पर ध्यान है।
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पिछले वर्ष 22 लोगों की रेल लाइन क्रॉस करते हुए ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई है। रेल लाइन क्रॉस करने वालों पर लगाम लगाने के लिए रेलवे सुरक्षा बल और राजकीय रेलवे पुलिस यमुनानगर-जगाधरी स्टेशन पर मौजूद है। इसके बाद भी सुरक्षा बलों के सामने ही रोजाना नियम के साथ जिंदगी की डोर टूट रही है। लापरवाही के चलते अनमोल जिंदगी लाइनों पर दम तोड़ रही।
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पश्चिमी यमुना नहर के ऊपर से गुजर रही दोनों रेल लाइन को लोगों ने शॉर्टकट रास्ता बना लिया है। शहर की आबादी का एक बड़ा हिस्सा पश्चिमी यमुना नहर पार बाड़ी माजरा, टपरिया, पांसरा, शादीपुर गांव की तरफ रहता है। रेल लाइन से ही कुछ दूरी पर सहारनपुर हाईवे भी है। हाईवे से आना-जाना लोगों को दूर पड़ता है। इसलिए लोग शॉर्ट के लिए रेल लाइन से गुजरते हैं।
जिस वक्त लोग रेलवे लाइन से गुजरते हैं तो सामने या फिर पीछे से ट्रेन आ जाती है। तब लोगों को भागने तक का मौका नहीं मिलता है। पुल पर साइड में कोई स्थान नहीं है यदि कोई एक तरफ कूद जाए तो नीचे यमुना नहर में डूब जाएगा। वहीं, पांसरा फाटक तक के क्षेत्र को रेडलाइन के नाम से जाना जाता है। रेलवे के रिकॉर्ड में भी यह क्षेत्र काफी संवेदनशील है। रेल लाइन के एक तरफ लकड़ी मंडी तो दूसरी तरफ शहर है। लोग क्रॉसिंग पॉइंट की बजाए शॉर्टकट के चक्कर में अक्सर ट्रेन की चपेट में जाते हैं। संवाद
रेल लाइन पार करने के दौरान हुए हादसे
29 अगस्त को मालगाड़ी के लिए बनी डीएफसीसी कॉरिडोर लाइन पर पुल पार करते समय युवक की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। 20 अगस्त को रेल लाइन पार कर खाना लेने जा रहे मामा-भांजे की ट्रेन से कटकर मौत हो गई थी। वहीं, हादसे में करनाल निवासी 19 वर्षीय मैक्स घायल हो गया था। मार्च में शॉर्टकट के चक्कर में पुल पार करते समय युवक की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। जनवरी में दो लोगों की लाइन पार करते समय ट्रेन से कट कर मौत हो गई। 16 अगस्त 2025 को लाइन पार करते समय 24 वर्षीय युवक की मौत हो गई। 13 जुलाई 2025 को बच्चे का जन्मदिन मनाने के सामान की खरीदारी कर घर जाते समय पुल पार करते हुए दो सगी बहनें ट्रेन की चपेट में आ गई। इस दौरान एक महिला का शरीर दो हिस्सा में बंट गया और आधा हिस्सा कट कर यमुना नहर में गिर गया। 26 जून 2025 को नहर रेलवे पुल पार करते हुए युवक ने जान गंवा दी। 18 मई 2025 को पुल पार करते हुए अधेड़ की जान चली गई थी।
रेल लाइन पार करना दंडनीय अपराध है। इसके लिए आरपीएफ की ओर से जागरूकता अभियान चलाया जाता है। इसके साथ ही रेल लाइन के चालान भी किए जाते हैं। मोहित त्यागी, कंपनी कमांडर, रेलवे सुरक्षा बल।

पश्चिमी यमुना नहर पुल पर बने रेल ट्रैक से बच्चे के साथ गुजरती महिला। संवाद