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बीमारी से तंग युवक ने जहर खाकर दी जान
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Thu, 02 Jun 2016 11:51 PM IST
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आत्महत्या
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नगर कोतवाली के सकरौली के रहने वाले संदीप (20) ने बीमारी से तंग आकर मौत को गले लगा लिया। जहर खाने के बाद उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। सकरौली निवासी संदीप के पिता छोटेलाल की पंद्रह वर्ष पहले मौत हो गई थी। पिता की मौत के बाद उसकी मां उर्मिला ने मेहनत मजदूरी कर किसी तरह अपने दो बेटों की परवरिश की। गरीबी में पले बड़े संदीप किशोर अवस्था से ही मेहनत मजदूरी कर मां का हाथ बंटाने लगा। एक माह पहले वह रोजी रोटी के सिलसिले में मुंबई गया। रिश्तेदारों के साथ रहते हुए काम धंधा खोजने लगा। अचानक उसकी तबीयत खराब हुई।
डाक्टर को दिखाया तो पता चला कि उसकी एक किडनी खराब हो गई है और दूसरी में भी इंफेक्शन फैल रहा है। आर्थिक तंगी के चलते संदीप ठीक ढंग से अपना इलाज नहीं करा सका और बुधवार को घर लौट आया। उसने अपनी मां से बीमारी के बारे में बताया। जिसे सुनने के बाद मां की आखों में आंसू आ गए। वह बुधवार को देर रात गांव में घूमता रहा। गुरुवार की सुबह उसने बीमारी से तंग आकर जहर खा लिया। उसकी हालत खराब देख आसपास के लोगों ने उसे जिला अस्पताल पहुुंचाया। यहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। यह देख उसकी मां उर्मिला रोने बिलखने लगी। पिता की मौत के बाद विरासत में मिली गरीबी से वह जंग लड़ नहीं सका। कच्चे आवास के अलावा उसके पास एक विस्वा खेत भी नहीं था।
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डाक्टर को दिखाया तो पता चला कि उसकी एक किडनी खराब हो गई है और दूसरी में भी इंफेक्शन फैल रहा है। आर्थिक तंगी के चलते संदीप ठीक ढंग से अपना इलाज नहीं करा सका और बुधवार को घर लौट आया। उसने अपनी मां से बीमारी के बारे में बताया। जिसे सुनने के बाद मां की आखों में आंसू आ गए। वह बुधवार को देर रात गांव में घूमता रहा। गुरुवार की सुबह उसने बीमारी से तंग आकर जहर खा लिया। उसकी हालत खराब देख आसपास के लोगों ने उसे जिला अस्पताल पहुुंचाया। यहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। यह देख उसकी मां उर्मिला रोने बिलखने लगी। पिता की मौत के बाद विरासत में मिली गरीबी से वह जंग लड़ नहीं सका। कच्चे आवास के अलावा उसके पास एक विस्वा खेत भी नहीं था।
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