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शेखपुर आशिक में होने वाले भंडारे पर लगी रोक
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़।
Updated Sun, 09 Oct 2016 11:33 PM IST
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भंडारा
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कुंडा इलाके के शेखपुर आशिक गांव में मोहर्रम की दसवीं के दिन हनुमान मंदिर पर आयोजित होने वाले भंडारे पर उपजिलाधिकारी कुंडा ने रोक लगा दी है। उन्होंने कार्यक्रम को परंपरागत न बताते हुए अनुमति नहीं दी है।
कोतवाली क्षेत्र के शेखपुर आशिक गांव में स्थित हनुमान मंदिर पर मोहर्रम के दिन पिछले दो वर्षों से भंडारे का आयोजन किया जा रहा था। उसी रास्ते से बड़ी संख्या में ताजिया भी निकाले जाते हैं। वर्ष 2015 में हनुमान मंदिर पर होने वाले भंडारे के चलते ताजियादारों ने ताजिया दफनाने से इनकार कर दिया था। प्रशासन ने समझाकर तीसरे दिन ताजिया दफन कराया था। साथ ही आश्वासन दिया था कि अगले वर्ष से मंदिर पर मोहर्रम की दसवीं के दिन भंडारा नहीं होने दिया जाएगा। इस बार भी मोहर्रम की दसवीं पर भंडारा आयोजित करने के लिए रमाकांत मिश्र और ओमप्रकाश शर्मा की तरफ से एसडीएम को पत्र भेजकर अनुमति मांगी गई थी। जिसे उपजिलाधिकारी ने यह कहकर खारिज कर दिया कि भंडारा परंपरागत नहीं है।
उदय प्रताप ने हाईकोर्ट में दाखिल की थी रिट
पिछले वर्ष प्रशासन द्वारा ताजिएदारों को 2016 में हनुमान मंदिर पर मोहर्रम की दसवीं के दिन भंडारा न कराए जाने के आश्वासन के खिलाफ भदरी नरेश राजा उदय प्रताप सिंह ने हाईकोर्ट में रिट दाखिल की थी। साथ ही उन्होंने भंडारा कराने को लेकर उपजिलाधिकारी कुंडा एके श्रीवास्तव को 30 सितंबर को रजिस्टर्ड पत्र भेजा था। एसडीएम कुंडा ने बताया कि हाईकोर्ट ने उनकी रिट खारिज करते हुए तीन दिन के भीतर मामले को निस्तारित करने का निर्देश दिया था।
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जिले में 30 सितंबर से सोलह नवंबर तक धारा 144 लागू हैं। ऐसे में कोई गैर परंपरागत आयोजन नहीं किए जा सकते, जिससे कानून व्यवस्था प्रभावित होने का खतरा हो।
आदर्श सिंह, जिलाधिकारी।
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कोतवाली क्षेत्र के शेखपुर आशिक गांव में स्थित हनुमान मंदिर पर मोहर्रम के दिन पिछले दो वर्षों से भंडारे का आयोजन किया जा रहा था। उसी रास्ते से बड़ी संख्या में ताजिया भी निकाले जाते हैं। वर्ष 2015 में हनुमान मंदिर पर होने वाले भंडारे के चलते ताजियादारों ने ताजिया दफनाने से इनकार कर दिया था। प्रशासन ने समझाकर तीसरे दिन ताजिया दफन कराया था। साथ ही आश्वासन दिया था कि अगले वर्ष से मंदिर पर मोहर्रम की दसवीं के दिन भंडारा नहीं होने दिया जाएगा। इस बार भी मोहर्रम की दसवीं पर भंडारा आयोजित करने के लिए रमाकांत मिश्र और ओमप्रकाश शर्मा की तरफ से एसडीएम को पत्र भेजकर अनुमति मांगी गई थी। जिसे उपजिलाधिकारी ने यह कहकर खारिज कर दिया कि भंडारा परंपरागत नहीं है।
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उदय प्रताप ने हाईकोर्ट में दाखिल की थी रिट
पिछले वर्ष प्रशासन द्वारा ताजिएदारों को 2016 में हनुमान मंदिर पर मोहर्रम की दसवीं के दिन भंडारा न कराए जाने के आश्वासन के खिलाफ भदरी नरेश राजा उदय प्रताप सिंह ने हाईकोर्ट में रिट दाखिल की थी। साथ ही उन्होंने भंडारा कराने को लेकर उपजिलाधिकारी कुंडा एके श्रीवास्तव को 30 सितंबर को रजिस्टर्ड पत्र भेजा था। एसडीएम कुंडा ने बताया कि हाईकोर्ट ने उनकी रिट खारिज करते हुए तीन दिन के भीतर मामले को निस्तारित करने का निर्देश दिया था।
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जिले में 30 सितंबर से सोलह नवंबर तक धारा 144 लागू हैं। ऐसे में कोई गैर परंपरागत आयोजन नहीं किए जा सकते, जिससे कानून व्यवस्था प्रभावित होने का खतरा हो।
आदर्श सिंह, जिलाधिकारी।