{"_id":"5c699e81bdec220bb35c3bc9","slug":"pratapgarh-the-supply-started-while-adding-fuse-lineman-burn","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रतापगढ़ शटडाउन लेकर फ्यूज जोड़ते समय चालू हुई सप्लाई, जिंदा जल गया लाइनमैन ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
प्रतापगढ़ शटडाउन लेकर फ्यूज जोड़ते समय चालू हुई सप्लाई, जिंदा जल गया लाइनमैन
Mon, 18 Feb 2019 12:13 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 18 Feb 2019 12:13 AM IST
विज्ञापन
जिंदा जल गया लाइनमैन
- फोटो : प्रतापगढ़
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विद्युत उपकेंद्र पर तैनात कर्मचारियों की लापरवाही ने फिर एक संविदाकर्मी लाइनमैन की जान ले ली। पावर हाउस से शटडाउन लेने के बाद बिजली के पोल पर चढ़कर एचटी लाइन का फ्यूज जोड़ते समय करंट की चपेट में आने से लाइनमैन जिंदा जल गया। उसे पोल से नीचे गिरते देख वहां मौजूद लोग भाग निकले। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने शव को पट्टी-रानीगंज मार्ग पर रखकर जाम लगा दिया।
पुलिस को शव कब्जे में लेने से रोक दिया। पांच घंटे बाद मौके पर पहुंचे एसडीएम के आश्वासन पर गांव के लोग माने। इसके बाद शव को पुलिस कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज सकी। मृतक की पत्नी की तहरीर पर पुलिस ने एसडीओ, जेई व एसएसओ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया।
रानीगंज थाना क्षेत्र लच्छीपुर निवासी जीतलाल (35) पुत्र छोटेलाल रानीगंज लिलहा विद्युत उपकेंद्र पर संविदाकर्मी लाइनमैन के पद तैनात था। रविवार की सुबह उसे गांव के करीब ही टंडवा के पास हाईटेंशन लाइन से फ्यूज उड़ने की शिकायत मिली। जिसकी मरम्मत कराने के लिए टंडवा के रहने वाले राजेेंद्र यादव उसके घर पहुंच गए। उसे साथ लेकर वह खेत में स्थित बिजली के पोल के पास पहुंचे। जीतलाल विद्युत उपकेंद्र पर तैनात एसएसओ महेश दुबे से शटडाउन लेने के बाद हाईटेंशन लाइन का फ्यूज जोड़ने के लिए बिजली के पोल पर चढ़ गया।
विज्ञापन
वह दो फ्यूज जोड़ने के बाद अभी तीसरे फ्यूज को बांधने की तैयारी कर रहा था कि तभी आपूर्ति शुरू हो गई। करंट की चपेट में आने से तेज आवाज के साथ जीतलाल का शरीर पल भर में धू-धू कर जलने लगा और वह बिजली के पोल से पलक झपकते नीचे आ गिरा। इससे उसकी दर्दनाक मौत हो गई। उसे लेकर लाइन ठीक कराने पहुंचे लोग भाग निकले। तेज आवाज सुनने के बाद गांव के लोग मौके पर पहुंचे तो नजारा देख दंग रह गए।
सूचना मिलने पर परिजन भी रोते बिलखते मौके पर पहुंचे। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने शव लेकर रानीगंज-पट्टी मार्ग पर रखकर जाम लगा दिया। मौके पर पहुंचे सीओ रानीगंज के समझाने पर शव को आधे घंटे बाद सड़क के किनारे कराया। इस दौरान वहां पहुंचे बसपा के लोकसभा प्रभारी अशोक त्रिपाठी ने भी लोगों को समझाया। जिसके बाद आवागमन प्रारंभ हो सका।
घटना के पांच घंटे बाद मौके पर पहुंचे एसडीएम रानीगंज राहुल यादव ने परिवार के लोगों को पांच लाख रुपये की आर्थिक मदद दिलाने के साथ तत्काल 25 हजार रुपये की मदद दिलाई। बिजली विभाग से दूसरी मदद दिलाने का भरोसा दिलाया। इसके बाद पुलिस शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज सकी। देर शाम पुलिस ने मृतक की पत्नी फोटो देवी की तहरीर पर एसडीओ संतोष पटेल, जेई व एसएसओ के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया।
खाना छोड़कर घर से निकला था जीतलाल
संविदाकर्मी लाइनमैन जीतलाल रविवार की सुबह घर पर काम कर रहा था। राजेंद्र यादव उसे अपने साथ चलकर लाइन बनाने के लिए कहता रहा। पत्नी फोटो देवी जीतलाल को खाना खाने के बाद जाने के लिए बोली। वह खाना निकाल रही थी। तभी जीतलाल को बुलाने गए लोगों की ओर से मेहनताना देने का लालच दिया गया। जिसके बाद वह खाना लौटकर खाने की बात कहते हुए उनके साथ बाइक से चला गया। यही बात याद कर पत्नी फोटो रो-रोकर बेसुध हो जा रही थी। बेटे चंदन, शनी व बेटी वंदना का रो-रोकर बुरा हाल था।
एसएसओ की लापरवाही से पहले भी गई है संविदाकर्मी की जान
लिलहा रानीगंज विद्युत उपकेंद्र पर तैनात एसएसओ महेश दुबे की लापरवाही से पहले भी संविदाकर्मी लाइनमैन की जा चुकी है। ग्रामीणों का आरोप है कि एसएसओ महेश दुबे की तैनाती के दौरान संविदाकर्मी लाइनमैन राजमणि पटेल की जान चली गई थी। बिजली के पोल पर वह चिपक गया था।
पुलिस को छूटा पसीना
रानीगंज-पट्टी मार्ग पर लाइनमैन का शव रखकर जाम लगाने वाले ग्रामीणों को समझाने में पुलिस को पसीना छूट गया। सीओ रानीगंज रमेशचंद्र व रानीगंज थानाध्यक्ष लोगों को बार-बार समझाते रहे। जिसका परिणाम यह हुआ कि लोग शव सड़क के किनारे उठाकर रख दिए। हालांकि लोगों की मंशा को देखते पुलिस की सांस फूलती रही।
साथी की मौत से लाइनमैनों में आक्रोश, गुल रही बिजली
संविदाकर्मी लाइनमैन जीतलाल की लापरवाही के चलते हुई मौत से साथियों में आक्रोश देखने को मिला। रविवार की सुबह 11 बजे से गुल हुई बिजली शाम करीब छह बजे आई। कर्मचारी मृत लाइनमैन के शव के साथ पोस्टमार्टम कराने चले गए। एसएसओ महेश दुबे घटना के बाद से ही उपकेंद्र छोड़कर भाग निकले।
एसडीओ ने मानी लापरवाही
रानीगंज बिजली विभाग के एसडीओ संतोष कुमार पटेल ने एसएसओ की गलती मानी है। उनका कहना था कि जब जीतलाल ने शटडाउन ले रखा था तो फिर किस हालत में लाइन चालू कर दी गई। इस मामले की जांच होगी कि कब जीतलाल ने शटडाउन लिया था। ताकि मामले की हकीकत खंगाली जा सके।
दो साल में 15 लाइनमैनों को गंवानी पड़ी जान
बिजली विभाग की लापरवाही से उपकेंद्रों पर काम करने वाले संविदाकर्मियों को अपनी जान गंवानी पड़ी। 14 जनवरी 2017 को दाउद खान की कुंडा तहसील क्षेत्र में जान चली गई। रविवार को लापरवाही के चलते जीतलाल शिकार बन गया। दो साल के भीतर 15 लोगों की मौत से संविदाकर्मी लाइनमैनों में खौफ बना हुआ है।
विज्ञापन
पुलिस को शव कब्जे में लेने से रोक दिया। पांच घंटे बाद मौके पर पहुंचे एसडीएम के आश्वासन पर गांव के लोग माने। इसके बाद शव को पुलिस कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज सकी। मृतक की पत्नी की तहरीर पर पुलिस ने एसडीओ, जेई व एसएसओ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया।
विज्ञापन
रानीगंज थाना क्षेत्र लच्छीपुर निवासी जीतलाल (35) पुत्र छोटेलाल रानीगंज लिलहा विद्युत उपकेंद्र पर संविदाकर्मी लाइनमैन के पद तैनात था। रविवार की सुबह उसे गांव के करीब ही टंडवा के पास हाईटेंशन लाइन से फ्यूज उड़ने की शिकायत मिली। जिसकी मरम्मत कराने के लिए टंडवा के रहने वाले राजेेंद्र यादव उसके घर पहुंच गए। उसे साथ लेकर वह खेत में स्थित बिजली के पोल के पास पहुंचे। जीतलाल विद्युत उपकेंद्र पर तैनात एसएसओ महेश दुबे से शटडाउन लेने के बाद हाईटेंशन लाइन का फ्यूज जोड़ने के लिए बिजली के पोल पर चढ़ गया।
विज्ञापन
वह दो फ्यूज जोड़ने के बाद अभी तीसरे फ्यूज को बांधने की तैयारी कर रहा था कि तभी आपूर्ति शुरू हो गई। करंट की चपेट में आने से तेज आवाज के साथ जीतलाल का शरीर पल भर में धू-धू कर जलने लगा और वह बिजली के पोल से पलक झपकते नीचे आ गिरा। इससे उसकी दर्दनाक मौत हो गई। उसे लेकर लाइन ठीक कराने पहुंचे लोग भाग निकले। तेज आवाज सुनने के बाद गांव के लोग मौके पर पहुंचे तो नजारा देख दंग रह गए।
सूचना मिलने पर परिजन भी रोते बिलखते मौके पर पहुंचे। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने शव लेकर रानीगंज-पट्टी मार्ग पर रखकर जाम लगा दिया। मौके पर पहुंचे सीओ रानीगंज के समझाने पर शव को आधे घंटे बाद सड़क के किनारे कराया। इस दौरान वहां पहुंचे बसपा के लोकसभा प्रभारी अशोक त्रिपाठी ने भी लोगों को समझाया। जिसके बाद आवागमन प्रारंभ हो सका।
घटना के पांच घंटे बाद मौके पर पहुंचे एसडीएम रानीगंज राहुल यादव ने परिवार के लोगों को पांच लाख रुपये की आर्थिक मदद दिलाने के साथ तत्काल 25 हजार रुपये की मदद दिलाई। बिजली विभाग से दूसरी मदद दिलाने का भरोसा दिलाया। इसके बाद पुलिस शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज सकी। देर शाम पुलिस ने मृतक की पत्नी फोटो देवी की तहरीर पर एसडीओ संतोष पटेल, जेई व एसएसओ के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया।
खाना छोड़कर घर से निकला था जीतलाल
संविदाकर्मी लाइनमैन जीतलाल रविवार की सुबह घर पर काम कर रहा था। राजेंद्र यादव उसे अपने साथ चलकर लाइन बनाने के लिए कहता रहा। पत्नी फोटो देवी जीतलाल को खाना खाने के बाद जाने के लिए बोली। वह खाना निकाल रही थी। तभी जीतलाल को बुलाने गए लोगों की ओर से मेहनताना देने का लालच दिया गया। जिसके बाद वह खाना लौटकर खाने की बात कहते हुए उनके साथ बाइक से चला गया। यही बात याद कर पत्नी फोटो रो-रोकर बेसुध हो जा रही थी। बेटे चंदन, शनी व बेटी वंदना का रो-रोकर बुरा हाल था।
एसएसओ की लापरवाही से पहले भी गई है संविदाकर्मी की जान
लिलहा रानीगंज विद्युत उपकेंद्र पर तैनात एसएसओ महेश दुबे की लापरवाही से पहले भी संविदाकर्मी लाइनमैन की जा चुकी है। ग्रामीणों का आरोप है कि एसएसओ महेश दुबे की तैनाती के दौरान संविदाकर्मी लाइनमैन राजमणि पटेल की जान चली गई थी। बिजली के पोल पर वह चिपक गया था।
पुलिस को छूटा पसीना
रानीगंज-पट्टी मार्ग पर लाइनमैन का शव रखकर जाम लगाने वाले ग्रामीणों को समझाने में पुलिस को पसीना छूट गया। सीओ रानीगंज रमेशचंद्र व रानीगंज थानाध्यक्ष लोगों को बार-बार समझाते रहे। जिसका परिणाम यह हुआ कि लोग शव सड़क के किनारे उठाकर रख दिए। हालांकि लोगों की मंशा को देखते पुलिस की सांस फूलती रही।
साथी की मौत से लाइनमैनों में आक्रोश, गुल रही बिजली
संविदाकर्मी लाइनमैन जीतलाल की लापरवाही के चलते हुई मौत से साथियों में आक्रोश देखने को मिला। रविवार की सुबह 11 बजे से गुल हुई बिजली शाम करीब छह बजे आई। कर्मचारी मृत लाइनमैन के शव के साथ पोस्टमार्टम कराने चले गए। एसएसओ महेश दुबे घटना के बाद से ही उपकेंद्र छोड़कर भाग निकले।
एसडीओ ने मानी लापरवाही
रानीगंज बिजली विभाग के एसडीओ संतोष कुमार पटेल ने एसएसओ की गलती मानी है। उनका कहना था कि जब जीतलाल ने शटडाउन ले रखा था तो फिर किस हालत में लाइन चालू कर दी गई। इस मामले की जांच होगी कि कब जीतलाल ने शटडाउन लिया था। ताकि मामले की हकीकत खंगाली जा सके।
दो साल में 15 लाइनमैनों को गंवानी पड़ी जान
बिजली विभाग की लापरवाही से उपकेंद्रों पर काम करने वाले संविदाकर्मियों को अपनी जान गंवानी पड़ी। 14 जनवरी 2017 को दाउद खान की कुंडा तहसील क्षेत्र में जान चली गई। रविवार को लापरवाही के चलते जीतलाल शिकार बन गया। दो साल के भीतर 15 लोगों की मौत से संविदाकर्मी लाइनमैनों में खौफ बना हुआ है।