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प्रतापगढ़ः दाढ़ी ने ही की थी दादी-पौत्र की हत्या, दोहरे हत्याकांड का खुलासा
Mon, 04 Feb 2019 12:54 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 04 Feb 2019 12:54 AM IST
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दोहरे हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला, प्रतापगढ़
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शहर के बलीपुर गाजी चौराहा के पास दादी-पौत्र की सनसनीखेज हत्या रात में घर में रुके मजदूर दाढ़ी ने ही की थी। पुलिस की सख्ती के बाद आखिरकार वह टूट गया। उसने बताया कि वह घर में चोरी का प्रयास कर रहा था। तभी आहट पाकर सरस्वती की नींद खुल गई। इस पर उसने उसके सिर पर प्रहार किया। उसकी चीख सुनकर पौत्र अनमोल जग गया। इस पर उसने उसे जमीन पर पटककर मार डाला।
नगर कोतवाली के बलीपुर गाजी चौराहा निवासी सरस्वती देवी व उसके पौत्र अनमोल की करीब सप्ताह भर पहले नृशंस हत्या कर दी गई थी। घटना की रात सरस्वती का बेटा धर्मेंद्र अपनी पत्नी राधा व करीबी राजू के साथ गंगा स्नान करने गया था। रात में सभी प्रयागराज में ही राजू की रिश्तेदारी में रुक गए थे। पुलिस की छानबीन के दौरान यह बात सामने आई कि घटना की रात घर पर मजदूर बब्बन उर्फ दाढ़ी निवासी तेजगढ़ कोतवाली लालगंज रुका था।
पुलिस ने उसे काफी मशक्कत के बाद पकड़ा, लेकिन एक दिन तो वह टस से मस नहीं हुआ। पुलिस ने उसे कर्रा किया तो उसने हत्या का जुर्म स्वीकार कर लिया। सूत्रों की मानें तो बब्बन नशे का आदी है। घटना की रात दाढ़ी घर में ही रुका था। रात में उसकी नियत खराब हो गई। वह चोरी करने के लिए कमरे में घुस गया। आहट पाकर सरस्वती जग गई।
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विरोध करने पर दाढ़ी ने सरस्वती के सिर पर वजनदार लोहे की हथौड़ी से प्रहार कर दिया। उसकी चीख सुनकर अनमोल जागा तो उसके सिर पर वार कर दिया। दोनों को घसीटकर भीतर कमरे में ले गया। ताकि बाहर आवाज न जा सके। हालांकि चोरी में वह कामयाब नहीं हो सका। चारों ओर खून देख वह घबराकर भाग निकला। पुलिस उसकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त हथियार बरामद करने में जुटी है।
पैंट के हुक के पीछे लगे खून से आया पकड़ में
दादी-पौत्र का कत्ल करने वाला बब्बन उर्फ दाढ़ी पहले हत्या करने से इनकार करता रहा। इस बीच अचानक पुलिस ने उसकी काले रंग की पैंट चेक की। पैंट में लगे हुक के पीछे आस्तीन में खून लगा था। जिससे वह पुलिस की पकड़ में आ गया।
राजू समेत मजदूर को मिली राहत
दादी-पौत्र की हत्या में बब्बन के गिरफ्त में आने के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली। घटना के बाद से पुलिस की गिरफ्त मेें आए राजू, मजदूर व मिस्त्री के साथ ही राजू के ससुर को राहत मिल गई। पुलिस ने चारों को परिवार के लोगों के सुपुर्द कर दिया।
लॉकअप में सिपाहियों को भी सुलाया
दादी-पौत्र की हत्या का खुलासा करने में स्वाट टीम संग कोतवाली पुलिस लगातार हाथ पैर चला रही थी। कोतवाली के लाकअप में सभी को एक साथ रखा गया था। शनिवार की रात उनकी बात सुनने के लिए दो सिपाहियों को भी सादी वर्दी में लाकअप में सोना पड़ा। ताकि सभी की होने वाली बातचीत सुन सकें। फिलहाल शहर कोतवाल की यह चाल भी काफी हद तक कारगर रही। आपस में घटना को लेकर होने वाली बातचीत पुलिसकर्मियों ने सुन ली।
गांजा पीने से कर रहा था इनकार
दादी-पौत्र की हत्या का आरोपी बब्बन उर्फ दाढ़ी गांजा पीता था। जिसकी जानकारी उसके सभी साथियों को थी। वह पुलिस की पूछताछ में इस बात से इनकार करता रहा, लेकिन साथियों के अलावा हिरासत में लिए गए सरस्वती के घर काम करने वाले मजदूर धीरज उर्फ नन्हे और उसके मामा ने उसके गांजा पीने की बात स्वीकार कर ली।
कोतवाली में ही करने लगे विवाद
शहर कोतवाल ने दादी-पौत्र की हत्या करने वाले तक पहुंचने के बाद पहले से हिरासत में लिए गए लोगों को छोड़ने के पहले अपने कार्यालय में बुलाया। बातचीत के दौरान ही मिस्त्री व राजू आपस में ही झगड़ा करने लगे। उनसे दाढ़ी की हरकतों को लेकर पूछताछ हो रही थी। तभी राजू बोल पड़ा कि साहब मिस्त्री से पूछ लो। यह सुनते ही मिस्त्री राजू पर भड़क उठा।
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नगर कोतवाली के बलीपुर गाजी चौराहा निवासी सरस्वती देवी व उसके पौत्र अनमोल की करीब सप्ताह भर पहले नृशंस हत्या कर दी गई थी। घटना की रात सरस्वती का बेटा धर्मेंद्र अपनी पत्नी राधा व करीबी राजू के साथ गंगा स्नान करने गया था। रात में सभी प्रयागराज में ही राजू की रिश्तेदारी में रुक गए थे। पुलिस की छानबीन के दौरान यह बात सामने आई कि घटना की रात घर पर मजदूर बब्बन उर्फ दाढ़ी निवासी तेजगढ़ कोतवाली लालगंज रुका था।
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पुलिस ने उसे काफी मशक्कत के बाद पकड़ा, लेकिन एक दिन तो वह टस से मस नहीं हुआ। पुलिस ने उसे कर्रा किया तो उसने हत्या का जुर्म स्वीकार कर लिया। सूत्रों की मानें तो बब्बन नशे का आदी है। घटना की रात दाढ़ी घर में ही रुका था। रात में उसकी नियत खराब हो गई। वह चोरी करने के लिए कमरे में घुस गया। आहट पाकर सरस्वती जग गई।
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विरोध करने पर दाढ़ी ने सरस्वती के सिर पर वजनदार लोहे की हथौड़ी से प्रहार कर दिया। उसकी चीख सुनकर अनमोल जागा तो उसके सिर पर वार कर दिया। दोनों को घसीटकर भीतर कमरे में ले गया। ताकि बाहर आवाज न जा सके। हालांकि चोरी में वह कामयाब नहीं हो सका। चारों ओर खून देख वह घबराकर भाग निकला। पुलिस उसकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त हथियार बरामद करने में जुटी है।
पैंट के हुक के पीछे लगे खून से आया पकड़ में
दादी-पौत्र का कत्ल करने वाला बब्बन उर्फ दाढ़ी पहले हत्या करने से इनकार करता रहा। इस बीच अचानक पुलिस ने उसकी काले रंग की पैंट चेक की। पैंट में लगे हुक के पीछे आस्तीन में खून लगा था। जिससे वह पुलिस की पकड़ में आ गया।
राजू समेत मजदूर को मिली राहत
दादी-पौत्र की हत्या में बब्बन के गिरफ्त में आने के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली। घटना के बाद से पुलिस की गिरफ्त मेें आए राजू, मजदूर व मिस्त्री के साथ ही राजू के ससुर को राहत मिल गई। पुलिस ने चारों को परिवार के लोगों के सुपुर्द कर दिया।
लॉकअप में सिपाहियों को भी सुलाया
दादी-पौत्र की हत्या का खुलासा करने में स्वाट टीम संग कोतवाली पुलिस लगातार हाथ पैर चला रही थी। कोतवाली के लाकअप में सभी को एक साथ रखा गया था। शनिवार की रात उनकी बात सुनने के लिए दो सिपाहियों को भी सादी वर्दी में लाकअप में सोना पड़ा। ताकि सभी की होने वाली बातचीत सुन सकें। फिलहाल शहर कोतवाल की यह चाल भी काफी हद तक कारगर रही। आपस में घटना को लेकर होने वाली बातचीत पुलिसकर्मियों ने सुन ली।
गांजा पीने से कर रहा था इनकार
दादी-पौत्र की हत्या का आरोपी बब्बन उर्फ दाढ़ी गांजा पीता था। जिसकी जानकारी उसके सभी साथियों को थी। वह पुलिस की पूछताछ में इस बात से इनकार करता रहा, लेकिन साथियों के अलावा हिरासत में लिए गए सरस्वती के घर काम करने वाले मजदूर धीरज उर्फ नन्हे और उसके मामा ने उसके गांजा पीने की बात स्वीकार कर ली।
कोतवाली में ही करने लगे विवाद
शहर कोतवाल ने दादी-पौत्र की हत्या करने वाले तक पहुंचने के बाद पहले से हिरासत में लिए गए लोगों को छोड़ने के पहले अपने कार्यालय में बुलाया। बातचीत के दौरान ही मिस्त्री व राजू आपस में ही झगड़ा करने लगे। उनसे दाढ़ी की हरकतों को लेकर पूछताछ हो रही थी। तभी राजू बोल पड़ा कि साहब मिस्त्री से पूछ लो। यह सुनते ही मिस्त्री राजू पर भड़क उठा।