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दूध के नाम पर ‘जहर’ दे रहे स्कूल
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Thu, 11 Feb 2016 11:23 PM IST
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शासन ने परिषदीय स्कूलों में बच्चों की सेहत सुधारने के लिए सप्ताह में एक दिन उन्हें दूध पिलाने का फरमान तो जारी कर दिया, लेकिन इस दूध से बच्चों की सेहत बनने के बजाए बिगड़ने का खतरा पैदा हो गया है। स्कूलों में बच्चों को मिलावटी दूध पिलाया जा रहा है। फूड विभाग की जांच में इसका खुलासा हुआ है। चार स्कूलों से लिए गए दूध के नमूने जांच में फेल हो गए हैं। दूध में कार्बोनेट के साथ सोडा और पानी की मिलावट पाई गई है। ध्यान देने वाली बात यह है कि यह केवल चार विद्यालयों की रिपोर्ट है। अगर जिले भर के विद्यालयों में बच्चों को पिलाए जाने वाले दूध की गुणवत्ता खंगाली जाए तो नतीजे और भी गंभीर आ सकते हैं।
दरअसल, बुधवार के दिन बच्चों को दूध पिलाया जाता है। ऐसे में इस दिन जिले में दूध का गंभीर संकट खड़ा होता है। उत्पादन कम होने और मांग बहुत अधिक बढ़ जाने के कारण बड़े पैमाने पर मिलावट की जाती है। आशंका तो यहां तक है कि खड़िया, डिटर्जेंट, सोडा, यूरिया मिलाकर तैयार किया गया दूध भी बच्चों को परोसा जा रहा है। अभी तक स्कूलों में परोसे जाने वाले दूध की जांच नहीं होती थी। पहली बार ऐसा हुआ कि फूड विभाग ने नमूना लिया और जांच के बाद नतीजे परेशान करने वाले हैं। फूड विभाग ने मामले में कार्रवाई करने के लिए बीएसए को पत्र लिखा है।
एक माह पहले लिए गए थो नमूने
करीब एक महीने पहले फूड विभाग की टीम ने दूध का सैंपल लिया। जांच के बाद सभी विद्यालयों से लिए गए दूध के नमूने फेल हो गए। इसकी जानकारी बीएसए को दी गई। फूड इंस्पेक्टर ने बताया कि जब वह जांच करने के लिए टीम के साथ विद्यालयों में गए तो शिक्षकों से दूधियों के बारे में जानकारी मांगी, लेकिन उन्हें कुछ नहीं बताया गया।
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इन विद्यालयों से लिए गए थे नमूने
टीम ने सदर विकास खंड के पूरे ईश्वरनाथ गांव के पूर्व माध्यमिक विद्यालय, प्राथमिक विद्यालय सिटी द्वितीय, महकनी व कंधई के भैसौना व बीबीरपट्टी प्राथमिक विद्यालय से दूध का नमूना लिया था। इनमें बीबीरपट्टी प्राथमिक विद्यालय में दूध में पानी की मात्रा अधिक मिली है तो बाकी स्कूलों में कार्बोनेट, खड़िया व मीठा सोडा मिलाए जाने की बात फूड इंस्पेक्टर बता रहे हैं।
मिलावटी दूध से हो सकती हैं गंभीर बीमारी
सरकारी स्कूलों में जिस तरह बच्चों के सामने मिलावटी दूध को परोसा जा रहा है, इससे बच्चों का जीवन संकट में पड़ सकता है। डाक्टरों की मानें तो खड़िया, डिटर्जेंट और यूरिया से तैयार दूध के सेवन से किडनी व आंत के साथ लिवर भी खराब हो सकता है।
सरकारी स्कूलों में बच्चों के सामने परोसे जा रहे दूध का नमूना लिया जाता है। बीते माह प्राथमिक विद्यालय सिटी द्वितीय, महकनी, भैसौना, बीबीरपट्टी व पूरे ईश्वरनाथ विद्यालय से दूध का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा गया था। सभी का नमूना फेल हो गया है। दूध में कार्बोनेट, मीठा सोडा आदि की मिलावट मिली है। बीएसए को पत्र भेजा जा रहा है।
दीनानाथ यादव, जिला अभिहित अधिकारी
अभी ऐसी कोई जानकारी नहीं है। फूड विभाग की ओर से कोई पत्र मिलता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। माधवजी तिवारी, बीएसए।
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दरअसल, बुधवार के दिन बच्चों को दूध पिलाया जाता है। ऐसे में इस दिन जिले में दूध का गंभीर संकट खड़ा होता है। उत्पादन कम होने और मांग बहुत अधिक बढ़ जाने के कारण बड़े पैमाने पर मिलावट की जाती है। आशंका तो यहां तक है कि खड़िया, डिटर्जेंट, सोडा, यूरिया मिलाकर तैयार किया गया दूध भी बच्चों को परोसा जा रहा है। अभी तक स्कूलों में परोसे जाने वाले दूध की जांच नहीं होती थी। पहली बार ऐसा हुआ कि फूड विभाग ने नमूना लिया और जांच के बाद नतीजे परेशान करने वाले हैं। फूड विभाग ने मामले में कार्रवाई करने के लिए बीएसए को पत्र लिखा है।
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एक माह पहले लिए गए थो नमूने
करीब एक महीने पहले फूड विभाग की टीम ने दूध का सैंपल लिया। जांच के बाद सभी विद्यालयों से लिए गए दूध के नमूने फेल हो गए। इसकी जानकारी बीएसए को दी गई। फूड इंस्पेक्टर ने बताया कि जब वह जांच करने के लिए टीम के साथ विद्यालयों में गए तो शिक्षकों से दूधियों के बारे में जानकारी मांगी, लेकिन उन्हें कुछ नहीं बताया गया।
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इन विद्यालयों से लिए गए थे नमूने
टीम ने सदर विकास खंड के पूरे ईश्वरनाथ गांव के पूर्व माध्यमिक विद्यालय, प्राथमिक विद्यालय सिटी द्वितीय, महकनी व कंधई के भैसौना व बीबीरपट्टी प्राथमिक विद्यालय से दूध का नमूना लिया था। इनमें बीबीरपट्टी प्राथमिक विद्यालय में दूध में पानी की मात्रा अधिक मिली है तो बाकी स्कूलों में कार्बोनेट, खड़िया व मीठा सोडा मिलाए जाने की बात फूड इंस्पेक्टर बता रहे हैं।
मिलावटी दूध से हो सकती हैं गंभीर बीमारी
सरकारी स्कूलों में जिस तरह बच्चों के सामने मिलावटी दूध को परोसा जा रहा है, इससे बच्चों का जीवन संकट में पड़ सकता है। डाक्टरों की मानें तो खड़िया, डिटर्जेंट और यूरिया से तैयार दूध के सेवन से किडनी व आंत के साथ लिवर भी खराब हो सकता है।
सरकारी स्कूलों में बच्चों के सामने परोसे जा रहे दूध का नमूना लिया जाता है। बीते माह प्राथमिक विद्यालय सिटी द्वितीय, महकनी, भैसौना, बीबीरपट्टी व पूरे ईश्वरनाथ विद्यालय से दूध का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा गया था। सभी का नमूना फेल हो गया है। दूध में कार्बोनेट, मीठा सोडा आदि की मिलावट मिली है। बीएसए को पत्र भेजा जा रहा है।
दीनानाथ यादव, जिला अभिहित अधिकारी
अभी ऐसी कोई जानकारी नहीं है। फूड विभाग की ओर से कोई पत्र मिलता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। माधवजी तिवारी, बीएसए।