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सरकारी आवास में बेहोश मिले प्रतापगढ़ के सीडीओ
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Tue, 21 Jun 2016 12:08 AM IST
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pratapgarh
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आईएएस अफसर और जिले के सीडीओ महेंद्र बहादुर सिंह सोमवार सुबह अपने सरकारी आवास में बेहोशी की अवस्था में पड़े मिले। कानपुर से उनकी पत्नी के पहुंचने पर उन्हें दरवाजा तोड़कर निकाला गया और जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। दोपहर तक हालत में सुधार न हो पाने पर डाक्टरों ने उन्हें लखनऊ के राम मनोहर लोहिया अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। डीएम-एसपी समेत तमाम अधिकारी पूरे समय अस्पताल में डटे रहे। जिला अस्पताल के सीएमएस डा. आरडी द्विवेदी ने बताया कि लक्षण फूड प्वायजनिंग जैसे थे। हम उसी का उपचार कर रहे थे। क्योंकि वह बेहोश थे, इसलिए उन्हें ज्यादा देर तक नहीं रोका गया।
शहर के सिविल लाइंस स्थित कंपनीबाग के पास मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह का सरकारी आवास है। उनकी पत्नी अल्पना शुक्रवार को कानपुर स्थित अपने घर चली गईं थीं। रविवार रात खाना खाने के बाद सीडीओ अपने कमरे में सोने चले गए। बाहर सुरक्षाकर्मी समेत अन्य कर्मचारी भी सो गए। सोमवार सुबह देर तक वह सोकर नहीं उठे। कई बार आवाज देने के बाद भी दरवाजा नहीं खुलने पर कर्मचारियों को शक हुआ। मोबाइल भी बराबर बज रहा था। रोशनदान से झांकने पर कर्मचारियों ने सीडीओ को बेहोश पड़े देखा तो स्तब्ध रह गए। कर्मचारियों ने इसकी जानकारी पहले उनकी पत्नी को दी फिर डीएम को बताया। उस वक्त सीडीओ की पत्नी कानपुर से प्रतापगढ़ लौट रही थीं। उनके पहुंचने पर दरवाजा तोड़कर उन्हें निकाला गया। उनके बेड के पास लाल रंग की उल्टियां हुईं थीं। अस्पताल में दो घंटे तक उनका उपचार चला। होश न आने पर डॉक्टरों ने उन्हें लखनऊ रेफर कर दिया।
सीडीओ को गोमतीनगर के डॉ. राम मनोहर लोहिया संस्थान में देर शाम भर्ती कराया गया। हालत गंभीर देख संस्थान के डॉक्टरों ने सीटी स्कैन और ब्लड की जांच कराई। संस्थान के निदेशक डॉ. दीपक मालवीय ने बताया कि महेंद्र बहादुर सिंह का इलाज आईसीयू में चल रहा है। सीटी स्कैन रिपोर्ट नॉर्मल है। खून की जांच कराई गई है लेकिन रिपोर्ट आने में समय लगेगा। फिलहाल उनका इलाज चल रहा है और लगातार निगरानी रखी जा रही है। आईसीयू के डॉ. दिनकर कुलश्रेष्ठ और डॉ. एके दास इलाज में लगे हैं। अगले 24 घंटे तक उनकी निगरानी की जाएगी। फिलहाल वो होश में नहीं है लेकिन बीच-बीच में रिस्पांड करते हैं। निदेशक ने बताया कि अगले 24 घंटे में वो सामान्य हो जाएंगे। फूड प्वाइजनिंग की वजह से शरीर के अहम हिस्सों को कोई नुकसान न पहुंचे इसके लिए जरूरी दवा चल रही है।
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शहर के सिविल लाइंस स्थित कंपनीबाग के पास मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह का सरकारी आवास है। उनकी पत्नी अल्पना शुक्रवार को कानपुर स्थित अपने घर चली गईं थीं। रविवार रात खाना खाने के बाद सीडीओ अपने कमरे में सोने चले गए। बाहर सुरक्षाकर्मी समेत अन्य कर्मचारी भी सो गए। सोमवार सुबह देर तक वह सोकर नहीं उठे। कई बार आवाज देने के बाद भी दरवाजा नहीं खुलने पर कर्मचारियों को शक हुआ। मोबाइल भी बराबर बज रहा था। रोशनदान से झांकने पर कर्मचारियों ने सीडीओ को बेहोश पड़े देखा तो स्तब्ध रह गए। कर्मचारियों ने इसकी जानकारी पहले उनकी पत्नी को दी फिर डीएम को बताया। उस वक्त सीडीओ की पत्नी कानपुर से प्रतापगढ़ लौट रही थीं। उनके पहुंचने पर दरवाजा तोड़कर उन्हें निकाला गया। उनके बेड के पास लाल रंग की उल्टियां हुईं थीं। अस्पताल में दो घंटे तक उनका उपचार चला। होश न आने पर डॉक्टरों ने उन्हें लखनऊ रेफर कर दिया।
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सीडीओ को गोमतीनगर के डॉ. राम मनोहर लोहिया संस्थान में देर शाम भर्ती कराया गया। हालत गंभीर देख संस्थान के डॉक्टरों ने सीटी स्कैन और ब्लड की जांच कराई। संस्थान के निदेशक डॉ. दीपक मालवीय ने बताया कि महेंद्र बहादुर सिंह का इलाज आईसीयू में चल रहा है। सीटी स्कैन रिपोर्ट नॉर्मल है। खून की जांच कराई गई है लेकिन रिपोर्ट आने में समय लगेगा। फिलहाल उनका इलाज चल रहा है और लगातार निगरानी रखी जा रही है। आईसीयू के डॉ. दिनकर कुलश्रेष्ठ और डॉ. एके दास इलाज में लगे हैं। अगले 24 घंटे तक उनकी निगरानी की जाएगी। फिलहाल वो होश में नहीं है लेकिन बीच-बीच में रिस्पांड करते हैं। निदेशक ने बताया कि अगले 24 घंटे में वो सामान्य हो जाएंगे। फूड प्वाइजनिंग की वजह से शरीर के अहम हिस्सों को कोई नुकसान न पहुंचे इसके लिए जरूरी दवा चल रही है।
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