{"_id":"57bc8ee34f1c1b6138d4fe66","slug":"porch-colapce-women-died","type":"story","status":"publish","title_hn":"बारजा ढहने से विवाहिता की मौत","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
बारजा ढहने से विवाहिता की मौत
प्रतापगढ़ अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 23 Aug 2016 11:59 PM IST
विज्ञापन
न्यूज
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कंधई के लोनियापुर गांव में बारजा ढहने से मलबे की चपेट में आकर एक विवाहिता की मौत हो गई। अचानक हुए इस हादसे से घर में कोहराम मच गया। उसकी छह बेटियों व दो बेटों का रो-रो कर बुरा हाल है।
लोनियापुर गांव निवासी माधुरी (40) पत्नी ओमप्रकाश मंगलवार शाम बाल्टी लेकर पशुओं की तरफ जा रही थी। इस बीच अचानक कुछ टूटने की आवाज आई तो उसने भागने का प्रयास किया, लेकिन दरवाजे पर कीचड़ के चलते फिसल गई। इस बीच मकान के टूट रहे बारजे का एक बड़ा हिस्सा सीधे उसके सिर पर गिर पड़ा।
गंभीर चोट आने के कारण मौके पर ही उसकी मौत हो गई। अचानक हुए इस हादसे से उसका पति अवधेश बदहवास हो गया। वह एंबुलेस से पत्नी को लेकर सीएचसी पहुंचा जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। माधुरी की छह बेटियां और दो बेटे हैं। बड़ी बेटी पूजा की शादी हो चुकी है, जबकि प्रतिभा, नंदिता, नेहा, लाची व वंदना घर पर हैं। बेटे सौरभ व नंदू की 11 व 8 वर्ष है। उसकी मौत से घर में कोहराम मचा है।
विज्ञापन
बेटियाें के सामने मां ने तोड़ दिया दमः पांच बच्चियों के सामने ही अचानक एक हादसे ने उनकी मां का साया सिर से हटा दिया। बच्चियां जब तक संभलती, मां की कोई मदद करतीं, तब तक उसके प्राण पखेरू उखड़ चुके थे।
विज्ञापन
लोनियापुर गांव निवासी माधुरी (40) पत्नी ओमप्रकाश मंगलवार शाम बाल्टी लेकर पशुओं की तरफ जा रही थी। इस बीच अचानक कुछ टूटने की आवाज आई तो उसने भागने का प्रयास किया, लेकिन दरवाजे पर कीचड़ के चलते फिसल गई। इस बीच मकान के टूट रहे बारजे का एक बड़ा हिस्सा सीधे उसके सिर पर गिर पड़ा।
विज्ञापन
गंभीर चोट आने के कारण मौके पर ही उसकी मौत हो गई। अचानक हुए इस हादसे से उसका पति अवधेश बदहवास हो गया। वह एंबुलेस से पत्नी को लेकर सीएचसी पहुंचा जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। माधुरी की छह बेटियां और दो बेटे हैं। बड़ी बेटी पूजा की शादी हो चुकी है, जबकि प्रतिभा, नंदिता, नेहा, लाची व वंदना घर पर हैं। बेटे सौरभ व नंदू की 11 व 8 वर्ष है। उसकी मौत से घर में कोहराम मचा है।
विज्ञापन
बेटियाें के सामने मां ने तोड़ दिया दमः पांच बच्चियों के सामने ही अचानक एक हादसे ने उनकी मां का साया सिर से हटा दिया। बच्चियां जब तक संभलती, मां की कोई मदद करतीं, तब तक उसके प्राण पखेरू उखड़ चुके थे।