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पालीटेक्निक शिक्षक की संदिग्ध हालात में मौत
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 30 Nov 2014 11:42 PM IST
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राजकीय पालीटेक्निक चिलबिला में प्रयोगशाला अनुदेशक के पद पर तैनात शीतलाप्रसाद चौधरी (44) का शव रविवार सुबह इलाहाबाद-फैजाबाद हाइवे पर सोनावां गांव के पास पाया गया। उनकी जेब में 25 रुपये के सिक्के और देशी शराब की शीशी मिली है।
वाराणसी के इंडस्ट्रियल एरिया महेशपुर निवासी शीतला प्रसाद कई साल से चिलबिला पालीटेक्निक में तैनात थे। कुछ दिनों के लिए उनका यहां से तबादला हो गया था लेकिन फिर वापस आ गए। वे कालेज कैंपस में अकेले रहते थे। पास में ही रहने वाले अन्य शिक्षक रविवार को अवकाश के कारण शनिवार को अपने घर चले गए थे। छात्रावास में रहने वाले छात्रों ने शनिवार शाम करीब साढे़ 6 बजे उन्हें बाहर निकलते देखा था।
देर रात कुछ लोगों ने उन्हें सोनांवा गांव के पास देखा था। रविवार सुबह हाईवे के समीप शव देख लोगों की भीड़ लग गई। इसी दौरान पालीटेक्निक के कुछ छात्र पहुंच गए और उन्हें पहचान लिया। सूचना पर चिलबिला चौकी प्रभारी अखिलेश राय और शहर कोतवाल बलिराम मिश्र पहुंचे। पुलिसकर्मियाें को उनकी जेब में एसबीआई की चेकबुक, एक शीशी देशी शराब और 25 रुपये के सिक्के मिले। शरीर पर कोई चोट का निशान नहीं था। दोपहर बाद परिजन पहुंच गए। पोस्टमार्टम में भी मौत का कारण साफ नहीं हो सका। पुलिस पहले शराब से मौत होने की बात कह रही थी, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसकी पुष्टि नहीं हो सकी।
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राजकीय पालीटेक्निक चिलबिला के अनुदेशक शीतला प्रसाद चौधरी के शव का पंचायतनामा पोस्टमार्टम हाउस से गायब हो गया। डाक्टर ने पंचायतनामा भरने वाले दरोगा से फोटोस्टेट काफी मांगकर पोस्टमार्टम किया। रविवार को पोस्टमार्टम के लिए डा. अरविंद कुमार मौर्य की ड्यूटी थी। पंचायतनामा एक बार देखने के बाद वे फार्मासिस्ट के साथ शव देखने चले गए। वापस लौटे तो पंचायतनामा गायब था। काफी देर तलाश के बाद भी नहीं मिला तो डाक्टर ने शहर कोतवाल बलिराम मिश्र को फोन कर फोटोस्टेट काफी मांगी। इस दौरान आधे घंटे से अधिक समय तक पोस्टमार्टम का काम रुका रहा।
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वाराणसी के इंडस्ट्रियल एरिया महेशपुर निवासी शीतला प्रसाद कई साल से चिलबिला पालीटेक्निक में तैनात थे। कुछ दिनों के लिए उनका यहां से तबादला हो गया था लेकिन फिर वापस आ गए। वे कालेज कैंपस में अकेले रहते थे। पास में ही रहने वाले अन्य शिक्षक रविवार को अवकाश के कारण शनिवार को अपने घर चले गए थे। छात्रावास में रहने वाले छात्रों ने शनिवार शाम करीब साढे़ 6 बजे उन्हें बाहर निकलते देखा था।
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देर रात कुछ लोगों ने उन्हें सोनांवा गांव के पास देखा था। रविवार सुबह हाईवे के समीप शव देख लोगों की भीड़ लग गई। इसी दौरान पालीटेक्निक के कुछ छात्र पहुंच गए और उन्हें पहचान लिया। सूचना पर चिलबिला चौकी प्रभारी अखिलेश राय और शहर कोतवाल बलिराम मिश्र पहुंचे। पुलिसकर्मियाें को उनकी जेब में एसबीआई की चेकबुक, एक शीशी देशी शराब और 25 रुपये के सिक्के मिले। शरीर पर कोई चोट का निशान नहीं था। दोपहर बाद परिजन पहुंच गए। पोस्टमार्टम में भी मौत का कारण साफ नहीं हो सका। पुलिस पहले शराब से मौत होने की बात कह रही थी, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसकी पुष्टि नहीं हो सकी।
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राजकीय पालीटेक्निक चिलबिला के अनुदेशक शीतला प्रसाद चौधरी के शव का पंचायतनामा पोस्टमार्टम हाउस से गायब हो गया। डाक्टर ने पंचायतनामा भरने वाले दरोगा से फोटोस्टेट काफी मांगकर पोस्टमार्टम किया। रविवार को पोस्टमार्टम के लिए डा. अरविंद कुमार मौर्य की ड्यूटी थी। पंचायतनामा एक बार देखने के बाद वे फार्मासिस्ट के साथ शव देखने चले गए। वापस लौटे तो पंचायतनामा गायब था। काफी देर तलाश के बाद भी नहीं मिला तो डाक्टर ने शहर कोतवाल बलिराम मिश्र को फोन कर फोटोस्टेट काफी मांगी। इस दौरान आधे घंटे से अधिक समय तक पोस्टमार्टम का काम रुका रहा।