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थाने ही नहीं सुरक्षित, वाहनों से चोरी हो रहे उपकरण
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Wed, 29 Nov 2017 11:28 PM IST
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बेल्हा के थाना और चौकियों में बंद वाहन असुरक्षित हैं। रात तो दूर दिन में ही इनके जरूरी सामान गायब होते जा रहे हैं, लेकिन इस ओर पुलिसकर्मियों का ध्यान नहीं पड़ रहा है। इसका खामियाजा वाहन स्वामियों को उठाना पड़ता है। पुलिस के खौफ के चलते वे इसकी शिकायत भी नहीं करते हैं। करीब करीब सात वर्षों से जिले के थाना और चौकियों में खड़े सीज वाहनों को न तो नीलाम किया जा रहा है और न ही उनकी देखरेख की जा रही है। इससे वाहन कंडम होते जा रहे हैं। इसके पार्ट्स भी दिनों दिन गायब होते जा रहे हैं। आरोपों को सच माना जाए तो दिन में खुद पुलिसकर्मी ही वाहनों से बैटरी, डायनमो, टंकी, सेल्फ, हेडलाइट, पहिया आदि खोल ले रहे हैं। वहीं शाम ढलने के बाद उचक्के सामान चोरी कर उसे किलो के भाव में बेच देते हैं।
किसी की गाड़ी के सीज हुए यदि सप्ताह भर हो जाता है और मालिक कोर्ट से वाहन छुड़वाने के बाद उसे लेने के लिए थाना पहुंचता है तो स्थिति देखते ही उसका पारा चढ़ जाता है। आरोप है कि इस संदर्भ में जब सिपाहियों से पूछताछ की जाती है तो वे फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर उसे चुप करा देते हैं। अक्सर ऐसे में वाहन मालिक कुछ बोलने की जगह चुपचाप अपने वाहन को छोड़कर वहां से चले जाते हैं।
किसी की गाड़ी के सीज हुए यदि सप्ताह भर हो जाता है और मालिक कोर्ट से वाहन छुड़वाने के बाद उसे लेने के लिए थाना पहुंचता है तो स्थिति देखते ही उसका पारा चढ़ जाता है। आरोप है कि इस संदर्भ में जब सिपाहियों से पूछताछ की जाती है तो वे फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर उसे चुप करा देते हैं। अक्सर ऐसे में वाहन मालिक कुछ बोलने की जगह चुपचाप अपने वाहन को छोड़कर वहां से चले जाते हैं।
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