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प्रोग्रामिंग मैनेजर को पीटा, चश्मा तोड़ा
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Fri, 10 Feb 2017 11:16 PM IST
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दो साल पहले का जन्म प्रमाणपत्र बनवाने आया युवक अपना आपा खो बैठा और ब्लाक प्रोग्रामिंग मैनेजर स्वास्थ्य से भिड़ गया। मारपीट के दौरान अस्पताल का स्टाफ इकठ्ठा हो गया और उसे पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। हालांकि बाद में माफी मांगने पर उसे छोड़ दिया गया।
हथिगवां थाना क्षेत्र के भीख का पुरवा पुरनेमऊ गांव निवासी राजेंद्र सरोज अपने बेटे का जन्म प्रमाण पत्र कुंडा सीएचसी में बनवाने आया था। सीएचसी में वह ब्लाक प्रोग्रामिंग मैनेजर स्वास्थ्य से मिला तो उसने बताया कि दो साल पुराना जन्म प्रमाणपत्र हमारे यहां से नहीं बन सकता। इसको लेकर दोनों में बहस शुरू हो गई। बहस इतनी बढ़ गई कि दोनों के बीच मारपीट शुरू हो गई। इस पर अस्पताल में हंगामा खड़ा हो गया। मरीज भागने लगे तो अस्पताल स्टाफ में भी भगदड़ मच गई। शोर शराबा सुन अस्पताल स्टाफ मौके पर इकठ्ठा हो गया और राजेंद्र को पकड़ लिया गया। सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई और उसे थाने ले आई। घटना के दौरान बीपीएम रमेश यादव का चश्मा टूट गया। बाद में उसकी पत्नी के गलती मानने पर अधीक्षक ने कोई तहरीर नहीं दी। इसके चलते उसे छोड़ दिया गया।
मिट्टी डालने के विवाद में मारपीट
मिट्टी डालने के विवाद में दो पक्षों में मारपीट हो गई। दोनों पक्षों ने तहरीर देकर एक दूसरे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। इसमें पुलिस ने दो महिलाओं को पकडक़र चालान कर दिया है। कोतवाली क्षेत्र के शेखपुर गांव निवासी राजेंद्र निर्मल तालाब में मिट्टी डालकर भाठ रहा था। इसको लेकर उसका पड़ोसियों से विवाद हो गया। बगल के बबलू ने मिट्टी डालने से मना किया तो दोनों भिड़ गए। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच मारपीट हो गई। इसमें गीता पत्नी राजेंद्र व सुमित्रा पत्नी रमेश को भी चोटें आईं। दोनों ने एक दूसरे के विरुद्ध थाने में तहरीर दी तो पुलिस ने दोनों का ही चालान कर दिया।
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हथिगवां थाना क्षेत्र के भीख का पुरवा पुरनेमऊ गांव निवासी राजेंद्र सरोज अपने बेटे का जन्म प्रमाण पत्र कुंडा सीएचसी में बनवाने आया था। सीएचसी में वह ब्लाक प्रोग्रामिंग मैनेजर स्वास्थ्य से मिला तो उसने बताया कि दो साल पुराना जन्म प्रमाणपत्र हमारे यहां से नहीं बन सकता। इसको लेकर दोनों में बहस शुरू हो गई। बहस इतनी बढ़ गई कि दोनों के बीच मारपीट शुरू हो गई। इस पर अस्पताल में हंगामा खड़ा हो गया। मरीज भागने लगे तो अस्पताल स्टाफ में भी भगदड़ मच गई। शोर शराबा सुन अस्पताल स्टाफ मौके पर इकठ्ठा हो गया और राजेंद्र को पकड़ लिया गया। सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई और उसे थाने ले आई। घटना के दौरान बीपीएम रमेश यादव का चश्मा टूट गया। बाद में उसकी पत्नी के गलती मानने पर अधीक्षक ने कोई तहरीर नहीं दी। इसके चलते उसे छोड़ दिया गया।
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मिट्टी डालने के विवाद में मारपीट
मिट्टी डालने के विवाद में दो पक्षों में मारपीट हो गई। दोनों पक्षों ने तहरीर देकर एक दूसरे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। इसमें पुलिस ने दो महिलाओं को पकडक़र चालान कर दिया है। कोतवाली क्षेत्र के शेखपुर गांव निवासी राजेंद्र निर्मल तालाब में मिट्टी डालकर भाठ रहा था। इसको लेकर उसका पड़ोसियों से विवाद हो गया। बगल के बबलू ने मिट्टी डालने से मना किया तो दोनों भिड़ गए। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच मारपीट हो गई। इसमें गीता पत्नी राजेंद्र व सुमित्रा पत्नी रमेश को भी चोटें आईं। दोनों ने एक दूसरे के विरुद्ध थाने में तहरीर दी तो पुलिस ने दोनों का ही चालान कर दिया।
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