{"_id":"5730d5864f1c1b1a14919c6e","slug":"not-clear-reason-of-sucide","type":"story","status":"publish","title_hn":"पूर्व सभासद की पत्नी की मौत का कारण नहीं हो सका स्पष्ट","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
पूर्व सभासद की पत्नी की मौत का कारण नहीं हो सका स्पष्ट
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Mon, 09 May 2016 11:57 PM IST
विज्ञापन
ऊषा सिंह
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पूर्व सभासद की पत्नी का पोस्टमार्टम में भी मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका। उसके शरीर पर चोट के निशान भी मिले हैं। मौत का कारण साफ न होने पर डॉक्टरों ने उसका बिसरा प्रिजर्व कर लिया। इसके बाद लोग शव लेकर सतइसा चले गए। मृतका के पिता के आने के बाद ही शव का अंतिम संस्कार किया जाएगा। नगर कोतवाली के कटरामेदनीगंज निवासी दिनेश सिंह पूर्व सभासद हैं। रविवार की देर रात उनकी पत्नी ऊषा सिंह (32) का संदिग्ध हालत में कमरे में शव मिला था। मौके पर पहुंची पुलिस ने छानबीन के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतका की बुआ रात में ही ऊषा के ससुराल पहुंचकर हत्या का आरोपी ससुरालीजनों पर लगाने लगी।
इससे माहौल खराब होने की आशंका बन गई। सोमवार को शव का पोस्टमार्टम हुआ। सूत्रों की मानें तो मौत का कारण स्पष्ट न होने पर डॉक्टरों ने बिसरा प्रिजर्व कर जांच के लिए भेज दिया। मृतका के शरीर पर चोट के निशान मिले हैं। शरीर पर कई स्थानों पर काले धब्बे भी मिलने की बात सामने आई है। पीएम के बाद शव लेकर लोग उसकी बुआ के घर सतइसा चले गए। बतादें कि ऊषा का विवाह वर्ष 2002 में हुआ था। नगर कोतवाल हरिपाल सिंह यादव ने बताया कि मृतका के घरवालों ने कोई तहरीर नहीं दी है। चूंकि शादी को सात साल से अधिक का समय बीत चुका है। पीएम रिपोर्ट मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मासूम बच्चों के सामने हुई थी ऊषा की पिटाई
पूर्व सभासद दिनेश सिंह के पिता अमर बहादुर सिंह का नाम इलाके के संभ्रांत लोगों में शुमार होता है। दिनेश के दो बेटे आदित्य और अमित हैं। दोनों अपने नाना के पास पढ़ाई करते थे, लेकिन इस बार कटरामेदनीगंज में ही पढ़ाई कर रहे हैं। मासूम बच्चों का कहना है कि शनिवार की शाम उसकी मां को तीनों चाचा ने मिलकर पीटा था। वह जान बचाने के लिए मंदिर के पास भाग गई थी। रात में पिता घर लौटे तो वह उसे अपने साथ ले आए। बाद में उनकी मां को सभी लोगों ने डराया। रविवार को भी चाचा व चाची मिलकर उसकी मां को पीटे और कमरे में बंद कर दिया था। भूख लगने पर उन्हें समोसा दिलाया गया। मां के कमरे में जाने नहीं दिया गया। वह मां की मौत के बाद भयभीत दिखाई पड़ रहे थे।
विज्ञापन
कहीं डेढ़ विस्वा जमीन के लिए तो नहीं मारी गई ऊषा
ऊषा का मायका फतनपुर थाना क्षेत्र के धनऊपुर में है। उसके पिता महेंद्र प्रताप सिंह गुवाहाटी में स्थित होटल में प्रबंधक हैं। फोन पर महेंद्र ने आरोप लगाया कि अजीत नगर में उसकी डेढ़ विस्वा जमीन है। जिसे दिनेश के दूसरे भाई अपने नाम बैनामा करने की डिमांड कर रहे थे। जबकि वह चाहता था कि दिनेश और उसकी बेटी मकान बनाकर वहां रहे। इससे उसके ससुर, जेठ व देवर नाराज रहते थे। बच्चों की परवरिश भी वही करते थे।
विज्ञापन
इससे माहौल खराब होने की आशंका बन गई। सोमवार को शव का पोस्टमार्टम हुआ। सूत्रों की मानें तो मौत का कारण स्पष्ट न होने पर डॉक्टरों ने बिसरा प्रिजर्व कर जांच के लिए भेज दिया। मृतका के शरीर पर चोट के निशान मिले हैं। शरीर पर कई स्थानों पर काले धब्बे भी मिलने की बात सामने आई है। पीएम के बाद शव लेकर लोग उसकी बुआ के घर सतइसा चले गए। बतादें कि ऊषा का विवाह वर्ष 2002 में हुआ था। नगर कोतवाल हरिपाल सिंह यादव ने बताया कि मृतका के घरवालों ने कोई तहरीर नहीं दी है। चूंकि शादी को सात साल से अधिक का समय बीत चुका है। पीएम रिपोर्ट मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
मासूम बच्चों के सामने हुई थी ऊषा की पिटाई
पूर्व सभासद दिनेश सिंह के पिता अमर बहादुर सिंह का नाम इलाके के संभ्रांत लोगों में शुमार होता है। दिनेश के दो बेटे आदित्य और अमित हैं। दोनों अपने नाना के पास पढ़ाई करते थे, लेकिन इस बार कटरामेदनीगंज में ही पढ़ाई कर रहे हैं। मासूम बच्चों का कहना है कि शनिवार की शाम उसकी मां को तीनों चाचा ने मिलकर पीटा था। वह जान बचाने के लिए मंदिर के पास भाग गई थी। रात में पिता घर लौटे तो वह उसे अपने साथ ले आए। बाद में उनकी मां को सभी लोगों ने डराया। रविवार को भी चाचा व चाची मिलकर उसकी मां को पीटे और कमरे में बंद कर दिया था। भूख लगने पर उन्हें समोसा दिलाया गया। मां के कमरे में जाने नहीं दिया गया। वह मां की मौत के बाद भयभीत दिखाई पड़ रहे थे।
विज्ञापन
कहीं डेढ़ विस्वा जमीन के लिए तो नहीं मारी गई ऊषा
ऊषा का मायका फतनपुर थाना क्षेत्र के धनऊपुर में है। उसके पिता महेंद्र प्रताप सिंह गुवाहाटी में स्थित होटल में प्रबंधक हैं। फोन पर महेंद्र ने आरोप लगाया कि अजीत नगर में उसकी डेढ़ विस्वा जमीन है। जिसे दिनेश के दूसरे भाई अपने नाम बैनामा करने की डिमांड कर रहे थे। जबकि वह चाहता था कि दिनेश और उसकी बेटी मकान बनाकर वहां रहे। इससे उसके ससुर, जेठ व देवर नाराज रहते थे। बच्चों की परवरिश भी वही करते थे।