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गैंगस्टर के आरोपी चार वकीलों के खिलाफ गैर जमानती वारंट
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Sun, 26 Mar 2017 11:19 PM IST
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तीन माह पहले तहसीलदार से मारपीट करने वाले चार आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर कोर्ट के गैर जमानती वारंट जारी करने से हड़कंप मचा हुआ है। तहसीलदार ने वकीलों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कराया था, जिसके बाद जिला प्रशासन ने गैंगस्टर की कार्रवाई कर दी। पुलिस का दावा है कि वारंट जारी होने के बाद वांछित वकीलाें की किसी भी समय गिरफ्तारी हो सकती है।
लालगंज तहसील में तीन माह पहले किसी बात को लेकर वकीलाें व तहसीलदार के बीच विवाद हो गया था। घटना के बाद तहसीलदार ठाकुर प्रसाद ने राव वींरेद्र सिंह, विकास मिश्रा, आसिफ अली व संदीप सिंह के खिलाफ हत्या के प्रयास समेत कई अन्य धाराआें में केस दर्ज कराया था। इसके कुछ दिन बाद ही जिला प्रशासन ने नामजद चारों वकीलों पर शिकंजा कसते हुए गैंगस्टर की कार्रवाई कर दी थी। जिसको लेकर वकीलों व प्रशासन के बीच तनातनी चल रही है। लालगंज के वकील प्रशासन पर दबाव बनाने के लिए लगातार साथियों पर दर्ज केस वापस लेने की मांग को लेकर हंगामा काट रहे हैं।
तहसीलदार कोर्ट का बहिष्कार करने का निर्णय वकीलाें ने लिया है। तय किया गया है कि जब तक तहसीलदार का तबादला व वकीलों पर दर्ज केस वापस नहीं लिया जाता तब तक संघर्ष जारी रहेगा। एक तरफ वकील आर पार की लड़ाई पर आमादा हैं वहीं रविवार को गैंगस्टर की कार्रवाई में पाबंद चारों वकीलों के खिलाफ कोर्ट ने गैरजमानती वारंट जारी कर दिया है। वारंट जारी होने की जानकारी मिलने पर वकीलाें में हड़कंप मच गया। बताया जाता है कि गैंगस्टर के मामले की विवेचना जेठवारा पुलिस द्वारा की जा रही थी। जिसमें चार्जशीट कोर्ट पहुंचने के बाद वारंट जारी किया गया है। इस बारे में कोतवाल ने बताया कि जेठवारा थाने से गैंगस्टर के मुकदमे की विवेचना हुई है। जिसमें गैरजमानती वारंट जारी हुआ है। कोर्ट के आदेश को देखते हुए आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।
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वकीलों के खिलाफ वारंट जारी होने के बाद से सोमवार से और अधिक बवाल तहसील में बढ़ जाएगा। जिन वकीलाें पर कार्रवाई हो रही है उनमें संदीप सिंह संयुक्त अधिवक्ता संघ के महामंत्री हैं तो राव वीरेंद्र सिंह हाल ही में संघ के अध्यक्ष का कार्यकाल पूरा किए हैं। आरोपी विकास मिश्र दो माह पहले हुए संयुक्त अधिवक्ता संघ के चुनाव में एक मताें से अध्यक्ष पद का चुनाव हारे हैं। जिन वकीलाें पर प्रशासन कार्रवाई करने जा रहा है वे तहसील के जाने माने वकील हैं। ऐसे में साफ है कि तहसील परिसर में सोमवार से वकीलों व प्रशासनिक अफसरों के बीच पहले से चल रही तनातनी और तेज हो जाएगी।
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लालगंज तहसील में तीन माह पहले किसी बात को लेकर वकीलाें व तहसीलदार के बीच विवाद हो गया था। घटना के बाद तहसीलदार ठाकुर प्रसाद ने राव वींरेद्र सिंह, विकास मिश्रा, आसिफ अली व संदीप सिंह के खिलाफ हत्या के प्रयास समेत कई अन्य धाराआें में केस दर्ज कराया था। इसके कुछ दिन बाद ही जिला प्रशासन ने नामजद चारों वकीलों पर शिकंजा कसते हुए गैंगस्टर की कार्रवाई कर दी थी। जिसको लेकर वकीलों व प्रशासन के बीच तनातनी चल रही है। लालगंज के वकील प्रशासन पर दबाव बनाने के लिए लगातार साथियों पर दर्ज केस वापस लेने की मांग को लेकर हंगामा काट रहे हैं।
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तहसीलदार कोर्ट का बहिष्कार करने का निर्णय वकीलाें ने लिया है। तय किया गया है कि जब तक तहसीलदार का तबादला व वकीलों पर दर्ज केस वापस नहीं लिया जाता तब तक संघर्ष जारी रहेगा। एक तरफ वकील आर पार की लड़ाई पर आमादा हैं वहीं रविवार को गैंगस्टर की कार्रवाई में पाबंद चारों वकीलों के खिलाफ कोर्ट ने गैरजमानती वारंट जारी कर दिया है। वारंट जारी होने की जानकारी मिलने पर वकीलाें में हड़कंप मच गया। बताया जाता है कि गैंगस्टर के मामले की विवेचना जेठवारा पुलिस द्वारा की जा रही थी। जिसमें चार्जशीट कोर्ट पहुंचने के बाद वारंट जारी किया गया है। इस बारे में कोतवाल ने बताया कि जेठवारा थाने से गैंगस्टर के मुकदमे की विवेचना हुई है। जिसमें गैरजमानती वारंट जारी हुआ है। कोर्ट के आदेश को देखते हुए आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।
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वकीलों के खिलाफ वारंट जारी होने के बाद से सोमवार से और अधिक बवाल तहसील में बढ़ जाएगा। जिन वकीलाें पर कार्रवाई हो रही है उनमें संदीप सिंह संयुक्त अधिवक्ता संघ के महामंत्री हैं तो राव वीरेंद्र सिंह हाल ही में संघ के अध्यक्ष का कार्यकाल पूरा किए हैं। आरोपी विकास मिश्र दो माह पहले हुए संयुक्त अधिवक्ता संघ के चुनाव में एक मताें से अध्यक्ष पद का चुनाव हारे हैं। जिन वकीलाें पर प्रशासन कार्रवाई करने जा रहा है वे तहसील के जाने माने वकील हैं। ऐसे में साफ है कि तहसील परिसर में सोमवार से वकीलों व प्रशासनिक अफसरों के बीच पहले से चल रही तनातनी और तेज हो जाएगी।