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रुपये न मिलने के सदमे से किसान की गई जान
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़।
Updated Fri, 25 Nov 2016 12:03 AM IST
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खाद व बीज के लिए दो दिनों से बैंक का चक्कर लगा रहे किसान की गुरुवार की सुबह हृदयगति रुकने से मौत हो गई। यह देख परिजन रोने बिलखने लगे। देर शाम शव का परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया।
उदयपुर थाना क्षेत्र के पूरे कालू लाखापुर निवासी राजनारायण यादव (50) अपनी ससुराल में रहता था। वह खेत बुआई के लिए भराई कर चुके थे। खेत में खाद व बीज डालने के लिए उसके पास रुपये नहीं थे। वह अपनी पत्नी चमेली देवी उर्फ सुग्गू के खाते से रुपये निकालने के लिए दो दिनों से ग्रामीण बैंक का चक्कर लगे रहे थे। दो दिनों तक लाइन लगाने के बाद भी उन्हें रुपये नहीं मिल सके।
गुरुवार की सुबह वह रुपये निकालने के लिए पत्नी के साथ बैंक जाने की तैयारी कर रहे था।
करीब आठ बजे अचानक उनके सीने में दर्द हुआ और वह गश खाकर गिर पड़ा। यह देख परिजन परेशान हो उठे और आसपास के लोगों की मदद से उसे लेकर इलाज के लिए अस्पताल की ओर भागे। अस्पताल पहुंचने से पहले ही राजनारायण की सांसें थम गई। डाॅॅटरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। यह सुनते ही लोग रोने बिलखने लगे। मृतक किसान राजनारायण की बेटी का कहना है कि उसके पिता खाद व बीज के लिए काफी परेशान थे। बैंक में जमा रुपये निकालने के लिए वह दो दिन से बैंक का चक्कर लगा रहे थे। इसके बावजूद उसे रुपये नहीं मिल सके। रुपये न मिलने के गम में उसके पिता की मौत हुई है।
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दो बेटियों के पीले करने हैं हाथ
उदयपुर थाना क्षेत्र के पूरे कालू लाखापुर निवासी राजनारायण यादव के तीन बेटियां हैं। बड़ी बेटी सरिता की शादी वह कर सका था। संगीता व काजल का विवाह नहीं कर सका। काजल के छोटे होने के कारण वह संगीता के लिए लड़के की तलाश कर रहा था। अब दोनों बेटियों के हाथ कैसे पीले होंगे।
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उदयपुर थाना क्षेत्र के पूरे कालू लाखापुर निवासी राजनारायण यादव (50) अपनी ससुराल में रहता था। वह खेत बुआई के लिए भराई कर चुके थे। खेत में खाद व बीज डालने के लिए उसके पास रुपये नहीं थे। वह अपनी पत्नी चमेली देवी उर्फ सुग्गू के खाते से रुपये निकालने के लिए दो दिनों से ग्रामीण बैंक का चक्कर लगे रहे थे। दो दिनों तक लाइन लगाने के बाद भी उन्हें रुपये नहीं मिल सके।
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गुरुवार की सुबह वह रुपये निकालने के लिए पत्नी के साथ बैंक जाने की तैयारी कर रहे था।
करीब आठ बजे अचानक उनके सीने में दर्द हुआ और वह गश खाकर गिर पड़ा। यह देख परिजन परेशान हो उठे और आसपास के लोगों की मदद से उसे लेकर इलाज के लिए अस्पताल की ओर भागे। अस्पताल पहुंचने से पहले ही राजनारायण की सांसें थम गई। डाॅॅटरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। यह सुनते ही लोग रोने बिलखने लगे। मृतक किसान राजनारायण की बेटी का कहना है कि उसके पिता खाद व बीज के लिए काफी परेशान थे। बैंक में जमा रुपये निकालने के लिए वह दो दिन से बैंक का चक्कर लगा रहे थे। इसके बावजूद उसे रुपये नहीं मिल सके। रुपये न मिलने के गम में उसके पिता की मौत हुई है।
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दो बेटियों के पीले करने हैं हाथ
उदयपुर थाना क्षेत्र के पूरे कालू लाखापुर निवासी राजनारायण यादव के तीन बेटियां हैं। बड़ी बेटी सरिता की शादी वह कर सका था। संगीता व काजल का विवाह नहीं कर सका। काजल के छोटे होने के कारण वह संगीता के लिए लड़के की तलाश कर रहा था। अब दोनों बेटियों के हाथ कैसे पीले होंगे।