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पांव पसार रहे मच्छर, स्वास्थ्य विभाग व नगर पालिका ने खड़े किए हाथ

Tue, 21 Aug 2018 10:38 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़ Updated Tue, 21 Aug 2018 10:38 PM IST
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बरसात प्रारंभ होते ही मच्छरों का हमला दिन रात शुरू हो गया। नगर पालिका की सफाई व्यवस्था बद से बदतर हालत में पहुंच चुकी है। हर बार मच्छरों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग और नगर पालिका नाला व नालियों में एंटी लार्वा का छिड़काव कराने के साथ ही फागिंग कराती थी। अभी तक शहर में न तो एंटी लार्वा का छिड़काव हो सका और न ही फागिंग की व्यवस्था प्रारंभ हो सकी। इसका खामियाजा शहरियों को भुगतना पड़ रहा है। चूने का छिड़काव कर काम चलाया जा रहा है।
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बरसात के मौसम में शहर में जगह-जगह जलभराव और गंदगी के कारण मच्छर पैदा हो रहे हैं। मच्छरों के प्रकोप से बचने के लिए लोग अपने स्तर से कदम उठा रहे हैं। मगर नगर पालिका और स्वास्थ्य विभाग अभी सोया हुआ है। गर्मी लगभग बीत चुकी है, मगर शहर में अभी तक फागिंग तक नहीं हो सकी। जबकि सभासदों से शहरी लगातार अपेक्षा कर रहे हैं कि मोहल्लों में एंटी लार्वा का छिड़काव कराने के साथ ही फागिंग कराई जाए। ताकि दिन रात मच्छरों से कुछ हद तक छुटकारा मिल सके। विभागीय सूत्रों की मानें तो फागिंग आदि के लिए बजट नहीं है। अलग से कोई बजट नही मिला। चूंकि बजट के अभाव के कारण ही फागिंग का रोस्टर नहीं बनाया गया। नाले व नालियों के साथ ही जलजमाव वाले स्थानों पर मच्छरों के पनपने से रोकने के लिए एंटी लार्वा का छिड़काव तक नहीं हो सका। शहरियों के स्वास्थ्य के लिए फिक्रमंद स्वास्थ्य विभाग के साथ ही नगर पालिका ने समस्याओं से मुंह मोड़ रखा है। 
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अभी तक साफ हो रहे नाले और नालियां 
नगर पालिका प्रशासन की लापरवाही के चलते अभी तक नाले व नालियों की सफाई कराई जा रही है। वैसे इस बार कुछ ही नालों की सिल्ट निकाली जा सकी थी। बरसात के दौरान भी नालों की सफाई कराई जाती रही। वर्तमान समय में भी हाईवे की पाइपलाइन की सफाई हो रही है। इससे लोगों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। 
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कर्मचारियों के अभाव में फागिंग मशीन पर जमा है धूल 
स्वास्थ्य विभाग के मलेरिया विभाग द्वारा मच्छरों का प्रकोप कम करने के लिए एंटी लार्वा का छिड़काव व फागिंग कराने का दावा भले ही किया जाता हो लेकिन हकीकत इससे इतर है। स्वास्थ्य विभाग के पास फागिंग मशीन है और दवा भी लेकिन कर्मचारी नहीं है। जिसके चलते फागिंग नहीं हो पाती और न ही दवाओं का छिड़काव होता है। स्वास्थ्य विभाग के संसाधनों पर धूल की परतें जमा होती जा रही हैं। 

वर्तमान समय में मच्छरों का प्रकोप अधिक हो गया है। जिसकी रोकथाम के लिए जल्द ही रोस्टर बनाकर फागिंग कराई जाएगी। एंटी लार्वा का छिड़काव अभी तक नाले व नालियों में क्यूं नहीं कराया गया। इसकी जानकारी नहीं है। 

मनोज, अपर जिलाधिकारी/ प्रभारी ईओ, नगर पालिका। 

कर्मचारियों की कमी के बावजूद एंटी लार्वा दवाओं का छिड़काव कराया जा रहा है। फागिंग मशीन है, लेकिन उसे चलाने वाला कोई नहीं है। जिसके चलते फागिंग में दिक्कत होती है। 
राजेश गुप्ता, जिला मलेरिया अधिकारी।
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