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सीओ जियाउल हक के हत्यारोपी की हादसे में मौत

Fri, 10 Mar 2017 11:39 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़ Updated Fri, 10 Mar 2017 11:39 PM IST
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कुंडा के सीओ जिया उल हक के हत्यारोपी योगेंद्र यादव उर्फ बबलू की शुक्रवार की रात सडक़ हादसे में मौत हो गई। घटना की जानकारी बलीपुर पहुंची तो कोहराम मच गया। लगभग एक साल पहले वह जेल से रिहा हुआ था। पुलिस ने ट्रक को कब्जे में ले लिया है। परिवार के लोगों ने हत्या की आशंका जताई है।
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हथिगवां थाना क्षेत्र के बलीपुर निवासी योगेंद्र यादव उर्फ बबलू यादव (25) पुत्र स्व. नन्हे यादव सीओ कुंडा रहे जियाउल हक की हत्या का मुख्य आरोपी था। सीबीआई ने जांच के बाद बबलू को मुख्य आरोपी माना था। हालांकि नाबालिग होने के कारण करीब एक साल पहले उसे न्यायालय से राहत मिल गई थी। शुक्रवार को वह बाइक से लखनऊ की ओर गया था।
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वहां से देर रात बाइक से घर लौट रहा था। जब वह रायबरेली जनपद के ऊंचाहार थाना क्षेत्र के अरखा गांव के करीब पहुंचा तो उसे चार नंबर पर ट्रक ने रौंद दिया। जिससे उसकी दर्दनाक मौत हो गई। चालक वाहन छोडक़र भाग निकला। घटना की जानकारी देर रात घर पहुंची तो कोहराम मच गया। परिजन बबलू यादव के हत्या की आशंका जताते हुए रोने बिलखने लगे। गांव के लोग घटनास्थल की ओर रवाना हो गए। एएसपी पश्चिमी नीरज पांडेय ने बताया कि अरखा हादसा होने की बात सामने आ रही है। इससे अधिक उन्हें कोई जानकारी नही है।
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बलीपुर में हुई थी सीओ प्रधान समेत तीन की हत्या

हथिगंवा थाना क्षेत्र के बलीपुर गांव में ग्राम प्रधान नन्हें यादव (40) की 2 मार्च 2013 की गोली मारकर हत्या कर दी गई। प्रधान पक्ष से आक्रोशित लोगों ने अंधाधुंध फायरिंग की। फायरिंग में प्रधान के भाई सुरेश (35) की मौत हो गई थी। सीओ कुंडा जियाउल हक अपने गनर के साथ मृतक के घर की ओर गए लेकिन कुछ ही देर में वह भी लापता हो गए। देर रात उनकी लाश भी रक्तरंजित मिली थी। इसके बाद बलीपुर सुर्खियों में आया था। घटना की सीबीआई जांच में प्रधान नन्हे यादव के बेटे बबलू यादव को टीम ने मुख्या हत्यारोपी माना लेकिन वह नाबालिग था। इसलिए सीबीआई कोटे से उसे राहत मिल गई थी और वह लगभग एक साल पहले जेल से रिहा हो गया था।
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