{"_id":"58b727714f1c1b9c69830777","slug":"hiding-secret-police-extortion-demand","type":"story","status":"publish","title_hn":"रंगदारी मांगने का राज भी छिपा रही पुलिस","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
रंगदारी मांगने का राज भी छिपा रही पुलिस
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Thu, 02 Mar 2017 01:27 AM IST
विज्ञापन
पुलिस के मुताबिक हमीरपुर के सनेडी निवासी देशराज (35) पिछले तीन सालों से बागवानियां के पास नालका गांव में किराये के मकान में रहता था। देशराज यहां पर अकेले रहता था तथा उसकी पत्नी और एक बच्ची भी है जो उसके गांव में रहती है। दिन में जूते का कारोबार करने के अलावा वह सुबह शाम कबाड़ का कार्य भी करता था। नालका गांव में मिला था शव- 5 मार्च को कुछ लोगों ने देशराज का शव नालका गांव के जाने वाले रास्ते से कुछ दूर खेत में पड़ा देखा। लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची ओर शव को कब्जे में लिया। सनेड़ पंचायत के प्रधान धरेंद्र सिंह ने बताया कि देशराज 2 मार्च से लापता था। हर रोज बागवानियां अपने काम पर आता था। लेकिन जब दो दिन से नहीं दिखाई दिया तो उसके परिचित लोगों ने उसकी खोजबीन की जिस पर उन्हें इसका शव खेतों में मिला। पंचायत प्रधान ने बताया कि मृतक व्यक्ति शराब पीने का भी आदी था।
- फोटो : Demo Pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिला महिला अस्पताल की डॉक्टर मीनाक्षी पांडेय से 10 लाख रुपये रंगदारी मांगने वाली आशा बहू के बेटे को मुचलके पर छोड़ने की पुलिसिया कार्रवाई से डॉक्टर परिवार दंग है। रंगदारी मांगने वाले किशोर ने फोन किसके कहने पर किया था। उसकी मंशा क्या थी। इन तमाम सवालों से डॉक्टर का परिवार राज जानने की फिराक में है। जल्द ही डॉक्टरों की टीम अधिकारियों से मिलकर कोतवाली पुलिस के करतूत को बताएगी।
बता दें कि जिला महिला अस्पताल में तैनात डॉक्टर मीनाक्षी पांडेय के पास 21 फरवरी को एक अनजान नंबर से फोन आया था। डॉक्टर से 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। रुपये न देने पर पूरे परिवार को खत्म करने की धमकी दी गई थी। तहरीर मिलने के बाद कोतवाली में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। कोतवाली पुलिस ने डॉक्टर को धमकी देने वाले को खोज निकाला। धमकी देना वाला सिम नहीं मिला, लेकिन मोबाइल जरूर मिल गया।
पुलिस का कहना है कि किशोर ने फिल्मों को देखकर ऐसा किया है। इससे महिला डॉक्टर इत्तेफाक नहीं रखती। उनका कहना है कि पुलिस ने किशोर को उनके सामने नहीं लाया। वह जानना चाहती हैं कि किशोर के मन में उन्हें ही धमकी देने की बात क्यूं सूझी। उसके पीछे और कौन-कौन हैं। पुलिस किशोर के खिलाफ कार्रवाई भले न करे, लेकिन धमकी से परेशान पीड़ित परिवार के मन से भय निकालने के लिए रंगदारी मांगने वाले को सामने लाना चाहिए। इसके पीछे जरूर किसी की साजिश नजर आती है। महिला डॉक्टर के पति डॉ. एसके पांडेय ने बताया कि अभी वह वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बाहर हैं। वापस लौटते ही वह अधिकारियों से मिलेंगे और कोतवाली पुलिस की कारस्तानी बताने के साथ ही धमकी देने वाले के प्रति रियायत बरतने की असली वजह जानेंगे।
विज्ञापन
महिला डॉक्टर को धमकी देने वाले किशोर की आशा बहू मां ने मामला खुलने के बाद अस्पताल आना ही बंद कर दिया है। इस बात की चर्चा अस्पताल के लोगों को हुई तो वे बुधवार को आशा बहू की खोजबीन करने लगे लेकिन उसका पता नहीं चला। स्वास्थ्यकर्मियों में इस बात का गुस्सा है कि आशा बहू मामला जानने के बाद डॉक्टर के पास क्यूं नहीं आई। जबकि पुलिस के पास सिफारिश करने के लिए पूरा परिवार डटा रहा।
विज्ञापन
बता दें कि जिला महिला अस्पताल में तैनात डॉक्टर मीनाक्षी पांडेय के पास 21 फरवरी को एक अनजान नंबर से फोन आया था। डॉक्टर से 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। रुपये न देने पर पूरे परिवार को खत्म करने की धमकी दी गई थी। तहरीर मिलने के बाद कोतवाली में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। कोतवाली पुलिस ने डॉक्टर को धमकी देने वाले को खोज निकाला। धमकी देना वाला सिम नहीं मिला, लेकिन मोबाइल जरूर मिल गया।
विज्ञापन
पुलिस का कहना है कि किशोर ने फिल्मों को देखकर ऐसा किया है। इससे महिला डॉक्टर इत्तेफाक नहीं रखती। उनका कहना है कि पुलिस ने किशोर को उनके सामने नहीं लाया। वह जानना चाहती हैं कि किशोर के मन में उन्हें ही धमकी देने की बात क्यूं सूझी। उसके पीछे और कौन-कौन हैं। पुलिस किशोर के खिलाफ कार्रवाई भले न करे, लेकिन धमकी से परेशान पीड़ित परिवार के मन से भय निकालने के लिए रंगदारी मांगने वाले को सामने लाना चाहिए। इसके पीछे जरूर किसी की साजिश नजर आती है। महिला डॉक्टर के पति डॉ. एसके पांडेय ने बताया कि अभी वह वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बाहर हैं। वापस लौटते ही वह अधिकारियों से मिलेंगे और कोतवाली पुलिस की कारस्तानी बताने के साथ ही धमकी देने वाले के प्रति रियायत बरतने की असली वजह जानेंगे।
विज्ञापन
महिला डॉक्टर को धमकी देने वाले किशोर की आशा बहू मां ने मामला खुलने के बाद अस्पताल आना ही बंद कर दिया है। इस बात की चर्चा अस्पताल के लोगों को हुई तो वे बुधवार को आशा बहू की खोजबीन करने लगे लेकिन उसका पता नहीं चला। स्वास्थ्यकर्मियों में इस बात का गुस्सा है कि आशा बहू मामला जानने के बाद डॉक्टर के पास क्यूं नहीं आई। जबकि पुलिस के पास सिफारिश करने के लिए पूरा परिवार डटा रहा।