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होटल गोयल रेजीडेंसी में भीषण आग, दस की मौत
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Fri, 19 Jun 2015 11:26 PM IST
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इलाहाबाद-फैजाबाद राजमार्ग पर बाबागंज स्थित गोयल रेजीडेंसी होटल में शुक्रवार तड़के लगी भीषण आग में दस लोगों की मौत हो गई जबकि दर्जनभर से अधिक लोग गंभीर रूप से झुलस गए। इनमें से नौ लोगों की हालत नाजुक देखकर इलाहाबाद रेफर कर दिया गया। हादसे का कारण होटल के ग्राउंड फ्लोर पर संचालित आर्यन रेस्टोरेंट में शार्ट सर्किट होना बताया गया है। आग लगने के कारण पूरी बिल्डिंग में धुआं फैल गया। होटल पूरी तरह शीशे से पैक होने के कारण आठ लोगों का दम घुट गया जबकि दो लोगों की जलने के कारण जान चली गई। घटना के बाद अफरातफरी मच गई। जान बचाने के चक्कर में कई लोग शीशा तोड़कर दूसरी मंजिल से कूद गए, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। कई घंटे की मशक्कत के बाद फायरब्रिगेड ने आसपास के लोगों की मदद से आग पर काबू पाया। जिला अस्पताल पहुंचे जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी ने बताया कि मुख्यमंत्री की ओर मृतकों को दो-दो लाख, घायलों को पचास-पचास हजार और आंशिक रूप से घायल लोगों को बीस-बीस हजार रुपये दिए जाएंगे।
होटल गोयल रेजीडेंसी में संचालित आर्यन रेस्टोरेंट में शुक्रवार भोर में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। चूंकि पूरा होटल एसी है। इसलिए हर ओर दीवार और शीशा लगा हुआ है। इससे आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। नीचे रेस्टोरेंट के साथ दूसरी मंजिल पर स्थित कमरों तक आग पहुंच गई। पूरी बिल्डिंग में धुआं भर गया। इससे कमरों में सो रहे लोगों का दम घुटने लगा। नींद खुलने पर सभी बाहर की ओर भागे तो चारों तरफ धुआं ही धुआं था। होटल के प्रवेश द्वारा के साथ ऊपर की मंजिल पर लगे गेट बंद थे। इससे लोग बाहर नहीं निकल सके। करीब साढ़े चार बजे बाबागंज निवासी शीबू सोनी उस तरफ से गुजरा। उसने धुआं उठते देखकर शोर मचाना शुरू किया। करीब पांच बजे पहुंचे फायर ब्रिगेड कर्मचारियों ने आग बुुझानी शुरू की। इस बीच अपनी जान बचाने के लिए कर्मचारी और मुसाफिर शीशा तोड़कर मदद की गुहार लगाने लगे। कुछ लोग जान बचाने के लिए नीचे कूद पड़े। खबर मिलने पर सीओ सिटी के साथ पुलिसकर्मी भी मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य में जुट गए। कमरो में फंसे मुसाफिरों व होटल के कर्मचारियों को बाहर निकाला जाने लगा। सभी को एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजा गया। यहां डाक्टरों ने दस लोगों को मृत घोषित कर दिया जबकि गंभीर रूप से घायल नौ लोगों को इलाहाबाद रेफर कर दिया। चार घायलों का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है।
हादसे में मृत लोगों में ‘अमर उजाला’ कर्मी मनोज शर्मा (35) पुत्र श्यामसुंदर शर्मा निवासी अशोक नगर नसीबपुर बख्तियारी एमआईजी 8 एडीए कालोनी कैंट इलाहाबाद सहित होटल कर्मचारी दिलीप कुमार (22) पुत्र वीरेंद्र प्रताप निवासी कदिलापुर बमरौली इलाहाबाद, विद्युत विभाग का कैशियर बृजेश कुमार (32) पुत्र सभाजीत निवासी नारंगपुर पट्टी प्रतापगढ़, प्रोग्राम मैनेजर डॉ. सत्याव्रता बेवर्ता मिश्र (35) पुत्र सांची निवासी आदर्श नगर कालोनी नीलमथा लखनऊ, डॉ. बसंत नारायण शिंदे (35) पुत्र नारायण गणेश शिंदे निवासी कवइया रोड, पुणे महाराष्ट्र, प्रियंका (35) पुत्री रामचरन श्रीवास्तव, रांची झारखंड, बजाज आलियांज के जनरल मैनेजर खादिल किरमानी (30) पुत्र मोहम्मद अली निवासी रसूलपुर बाराबंकी, धर्मेंद्र राय (52) पुत्र राजेंद्र राय डेढ़गांवा, गाजीपुर, विशाल चौहान (35) पुत्र सुनील निवासी बेलसड़ा, बदहालगंज गोरखपुर समेत एक अज्ञात चालीस वर्षीय व्यक्ति भी शामिल है। मृत लोगों के परिजनों के पहुंचते ही अस्पताल में कोहराम मच गया। सभी शवों का पोस्टमार्टम कराने के बाद उन्हें घर तक भेजने की व्यवस्था प्रशासन की ओर से की गई। जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी ने बताया कि घटना की उच्चस्तरीय जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट मिलने के बाद दोषी लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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होटल गोयल रेजीडेंसी में संचालित आर्यन रेस्टोरेंट में शुक्रवार भोर में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। चूंकि पूरा होटल एसी है। इसलिए हर ओर दीवार और शीशा लगा हुआ है। इससे आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। नीचे रेस्टोरेंट के साथ दूसरी मंजिल पर स्थित कमरों तक आग पहुंच गई। पूरी बिल्डिंग में धुआं भर गया। इससे कमरों में सो रहे लोगों का दम घुटने लगा। नींद खुलने पर सभी बाहर की ओर भागे तो चारों तरफ धुआं ही धुआं था। होटल के प्रवेश द्वारा के साथ ऊपर की मंजिल पर लगे गेट बंद थे। इससे लोग बाहर नहीं निकल सके। करीब साढ़े चार बजे बाबागंज निवासी शीबू सोनी उस तरफ से गुजरा। उसने धुआं उठते देखकर शोर मचाना शुरू किया। करीब पांच बजे पहुंचे फायर ब्रिगेड कर्मचारियों ने आग बुुझानी शुरू की। इस बीच अपनी जान बचाने के लिए कर्मचारी और मुसाफिर शीशा तोड़कर मदद की गुहार लगाने लगे। कुछ लोग जान बचाने के लिए नीचे कूद पड़े। खबर मिलने पर सीओ सिटी के साथ पुलिसकर्मी भी मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य में जुट गए। कमरो में फंसे मुसाफिरों व होटल के कर्मचारियों को बाहर निकाला जाने लगा। सभी को एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजा गया। यहां डाक्टरों ने दस लोगों को मृत घोषित कर दिया जबकि गंभीर रूप से घायल नौ लोगों को इलाहाबाद रेफर कर दिया। चार घायलों का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है।
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हादसे में मृत लोगों में ‘अमर उजाला’ कर्मी मनोज शर्मा (35) पुत्र श्यामसुंदर शर्मा निवासी अशोक नगर नसीबपुर बख्तियारी एमआईजी 8 एडीए कालोनी कैंट इलाहाबाद सहित होटल कर्मचारी दिलीप कुमार (22) पुत्र वीरेंद्र प्रताप निवासी कदिलापुर बमरौली इलाहाबाद, विद्युत विभाग का कैशियर बृजेश कुमार (32) पुत्र सभाजीत निवासी नारंगपुर पट्टी प्रतापगढ़, प्रोग्राम मैनेजर डॉ. सत्याव्रता बेवर्ता मिश्र (35) पुत्र सांची निवासी आदर्श नगर कालोनी नीलमथा लखनऊ, डॉ. बसंत नारायण शिंदे (35) पुत्र नारायण गणेश शिंदे निवासी कवइया रोड, पुणे महाराष्ट्र, प्रियंका (35) पुत्री रामचरन श्रीवास्तव, रांची झारखंड, बजाज आलियांज के जनरल मैनेजर खादिल किरमानी (30) पुत्र मोहम्मद अली निवासी रसूलपुर बाराबंकी, धर्मेंद्र राय (52) पुत्र राजेंद्र राय डेढ़गांवा, गाजीपुर, विशाल चौहान (35) पुत्र सुनील निवासी बेलसड़ा, बदहालगंज गोरखपुर समेत एक अज्ञात चालीस वर्षीय व्यक्ति भी शामिल है। मृत लोगों के परिजनों के पहुंचते ही अस्पताल में कोहराम मच गया। सभी शवों का पोस्टमार्टम कराने के बाद उन्हें घर तक भेजने की व्यवस्था प्रशासन की ओर से की गई। जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी ने बताया कि घटना की उच्चस्तरीय जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट मिलने के बाद दोषी लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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