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हादसे में पिता-पुत्र की मौत
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Thu, 30 Jun 2016 12:12 AM IST
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इलाहाबाद-फैजाबाद राजमार्ग पर स्थित कोहंड़ौर थाने के करीब अज्ञात वाहन की टक्कर से पिता-पुत्र की मौत हो गई। भोर में आसपास के लोगों के बताने पर पुलिस को जानकारी हो सकी। पुलिस मुकदमा दर्ज कर टक्कर मारने वाले वाहन की तलाश कर रही है। जेठवारा थाना क्षेत्र के छिवलहा निवासी रामजी गुप्ता (40) मंगलवार को अपने पुत्र शिवकुमार (19) को बाइक से सुलतानपुर परीक्षा दिलाने के लिए गए थे। देर शाम परीक्षा समाप्त होने के बाद पिता-पुत्र बाइक से घर लौट रहे थे। रात में कोहंड़ौर थाने से चंद कदम दूर बृजेंद्रमणि इंटर कालेज के सामने अज्ञात वाहन ने बाइक में टक्कर मार दी। टक्कर लगने के बाद पिता-पुत्र सड़क के किनारे गड्ढे में जा गिरे।
बाइक भी दूर जा गिरी। गंभीर रूप से घायल पिता-पुत्र उठ न सके और न ही लोगों की निगाह भी उन पर पड़ी। यही नहीं चंद कदम दूर कोहंड़ौर पुलिस चैन की नींद सोती रही और घायल पिता-पुत्र दर्द से तड़पते रहे। समय से इलाज न होने के चलते दोनों ने दम तोड़ दिया। भोर में आसपास के लोग शौच के लिए निकले तो उनकी नजर पड़ी। लोगों ने पुलिस को सूचना दी। उनके पास मिले मोबाइल व पहचान पत्र से परिवार के लोगों को घटना की जानकारी दी। मृतक के परिजन की तहरीर पर अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस वाहन की तलाश कर रही है।
पुलिस गश्त की खुल गई पोल
वैसे तो आला अधिकारी थानेदारों को रात में अपराधिक घटनाएं रोकने के लिए गश्त का निर्देश हमेशा देते रहते हैं। अधिकारियों के आदेश का पालन किस तरह होता है। इसकी पोल घटनाओं के बाद खुलती है। कोहंड़ौर पुलिस यदि रात में गश्त पर निकलते होते तो शायद पिता पुत्र की जान बचाई जा सकती थी।
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बाइक भी दूर जा गिरी। गंभीर रूप से घायल पिता-पुत्र उठ न सके और न ही लोगों की निगाह भी उन पर पड़ी। यही नहीं चंद कदम दूर कोहंड़ौर पुलिस चैन की नींद सोती रही और घायल पिता-पुत्र दर्द से तड़पते रहे। समय से इलाज न होने के चलते दोनों ने दम तोड़ दिया। भोर में आसपास के लोग शौच के लिए निकले तो उनकी नजर पड़ी। लोगों ने पुलिस को सूचना दी। उनके पास मिले मोबाइल व पहचान पत्र से परिवार के लोगों को घटना की जानकारी दी। मृतक के परिजन की तहरीर पर अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस वाहन की तलाश कर रही है।
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पुलिस गश्त की खुल गई पोल
वैसे तो आला अधिकारी थानेदारों को रात में अपराधिक घटनाएं रोकने के लिए गश्त का निर्देश हमेशा देते रहते हैं। अधिकारियों के आदेश का पालन किस तरह होता है। इसकी पोल घटनाओं के बाद खुलती है। कोहंड़ौर पुलिस यदि रात में गश्त पर निकलते होते तो शायद पिता पुत्र की जान बचाई जा सकती थी।
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