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सीबीआई जांच की मांग पर अड़े इंस्पेक्टर के परिजन
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Tue, 24 Nov 2015 11:11 PM IST
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दिवंगत इंस्पेक्टर अनिल कुमार के परिजन सरकार से मिल रही 20 लाख की आर्थिक मदद नहीं लेंगे। घटना की जांच सीबीआई से कराने के लिए वे जल्द ही मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे। 19 नवंबर की रात शहर के होटल वैष्णवी में रुके पूर्व नगर कोतवाल अनिल कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने रात में ही हत्यारों को गिरफ्तार कर लिया और घटना में प्रयुक्त तमंचा, बाइक बरामद कर जेल भेजा। घटना के दिन से ही परिजन साजिश के तहत हत्या की आशंका जता रहे हैं। सोमवार को प्रदेश सरकार ने इंस्पेक्टर के परिजनों को आर्थिक सहायता के रूप में 20 लाख रुपये देने का ऐलान किया।
मृतक इंस्पेक्टर के भाई राजाराम ने बताया कि सरकार के फैसले की जानकारी मिली है। लेकिन वह इससे संतुष्ट नहीं है। वे लोग मदद नहीं लेंगे। परिवार को इंसाफ चाहिए। उन्होंने कहा कि घटना साजिशन लगती है। घटना की सीबीआई से जांच कराने, इंस्पेक्टर अनिल को मृत्युपरांत वीरता पुरस्कार देने के संग परिवार को आर्थिक मदद के रूप में एक करोड़ रुपये देने की मांग को लेकर जल्द ही परिवार के लोग मुख्यमंत्री से मिलेंगे। सीएम को अपना दुख सुनाकर इंसाफ की मांग करेंगे। यदि मांगे न मानी गईं तो वे लोग दूसरा रास्ता भी अपनाएंगे।
इंस्पेक्टर अनिल की हत्या के बाद कोतवाली पुलिस को भाई विनोद ने जो तहरीर दी है उसे देखने के बाद यह स्पष्ट हो जाता है कि परिवार के लोगों से भी इंस्पेक्टर ने खुद के साथ अनहोनी की आशंका जताई थी। यह बात पुलिस अधिकारी भले ही न मानें लेकिन पुलिसकर्मी जरूर इस बात का मौन समर्थन कर रहे हैं। उनका कहना है कि कुछ न कुछ गड़बड़ जरूर है। अब सवाल यह उठता है कि उन्हें किससे भय था। किन अधिकारियों व पुलिसकर्मियों से अनिल ने अपना दर्द बताया था। चर्चा है कि पुलिस महकमे के काफी लोग भी इस बात को जानते थे कि इंस्पेक्टर अनिल किसी बात से कई दिनों से परेशान थे।
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मृतक इंस्पेक्टर के भाई राजाराम ने बताया कि सरकार के फैसले की जानकारी मिली है। लेकिन वह इससे संतुष्ट नहीं है। वे लोग मदद नहीं लेंगे। परिवार को इंसाफ चाहिए। उन्होंने कहा कि घटना साजिशन लगती है। घटना की सीबीआई से जांच कराने, इंस्पेक्टर अनिल को मृत्युपरांत वीरता पुरस्कार देने के संग परिवार को आर्थिक मदद के रूप में एक करोड़ रुपये देने की मांग को लेकर जल्द ही परिवार के लोग मुख्यमंत्री से मिलेंगे। सीएम को अपना दुख सुनाकर इंसाफ की मांग करेंगे। यदि मांगे न मानी गईं तो वे लोग दूसरा रास्ता भी अपनाएंगे।
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इंस्पेक्टर अनिल की हत्या के बाद कोतवाली पुलिस को भाई विनोद ने जो तहरीर दी है उसे देखने के बाद यह स्पष्ट हो जाता है कि परिवार के लोगों से भी इंस्पेक्टर ने खुद के साथ अनहोनी की आशंका जताई थी। यह बात पुलिस अधिकारी भले ही न मानें लेकिन पुलिसकर्मी जरूर इस बात का मौन समर्थन कर रहे हैं। उनका कहना है कि कुछ न कुछ गड़बड़ जरूर है। अब सवाल यह उठता है कि उन्हें किससे भय था। किन अधिकारियों व पुलिसकर्मियों से अनिल ने अपना दर्द बताया था। चर्चा है कि पुलिस महकमे के काफी लोग भी इस बात को जानते थे कि इंस्पेक्टर अनिल किसी बात से कई दिनों से परेशान थे।
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