{"_id":"4ccc4c48cc848e39ebb03ae40e1f4616","slug":"crime-news-hindi-news-202","type":"story","status":"publish","title_hn":"आरपीएफ थाने से भागा चेन पुलिंग में पकड़ा गया युवक","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
आरपीएफ थाने से भागा चेन पुलिंग में पकड़ा गया युवक
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Sun, 09 Aug 2015 11:38 PM IST
विज्ञापन
प्रतापगढ़ स्टेशन पर पद्मावत एक्सप्रेस की चेन पुलिंग के आरोप में रविवार को पकड़ा गया युवक आरपीएफ थाने से फरार हो गया। वह दौड़ता हुआ चलती ट्रेन में सवार हो गया। पुलिस उसको देखती रह गई। दिल्ली जा रही पद्मावत एक्सप्रेस खुल चुकी थी। प्लेटफार्म पर ही थी तभी एस-वन कोच में किसी ने चेन पुलिंग करके ट्रेन रोक दी। ट्रेन रुकने के बाद एक युवक कोच से उतरा और जल्दी-जल्दी साथियों के साथ भारी बैग लादने लगा। साथ में महिलाएं भी थीं। ट्रेन रुकी तो उस समय चेकिंग कर रहे जीआरपी एसओ बीके सिंह और उपनिरीक्षक राहुल द्विवेदी मौके पर पहुंच गए। तभी आरपीएफ के सिपाही भागते हुए वहां आए और चेन पुलिंग करने वाले युवक को पकड़कर थाने ले गए। वहां पर सहायक उपनिरीक्षक उससे पूछताछ कर रहे थे कि वह सिपाहियों से हाथ छुड़ाकर भागा और चलती पद्मावत के आखिर कोच में चढ़ गया।
थाने से उसको फरार होते स्टेशन मास्टर, पोर्टर और जीआरपी के लोगों ने देखा तो दंग रह गए। जिस समय युवक ने ट्रेन पकड़ी उसकी स्पीड अधिक थी, लेकिन जिस स्टाइल से वह सवार हुआ उसको देखने के बाद लगा कि जैसे उसकी रोज की आदत बन गई हो। इस बारे में आरपीएफ प्रभारी असीम का कहना है कि जब तक स्टेशन मास्टर चेन पुलिंग का मेमो नहीं देंगे, कार्रवाई नहीं कर सकते हैं। इसलिए युवक को छोड़ दिया गया होगा। फिलहाल बातचीत से लग रहा था कि उनको इस बारे में जानकारी नहीं थी। सवाल यह उठता है कि एसएम कहां-कहां मेमो देंगे। क्या आरपीएफ की कोई जिम्मेदार नहीं बनती है। पुलिस वाले अगर इस तरह अपनी जिम्मेदारी से बचते रहे तो चेन पुलिंग की घटनाओं पर अंकुश कैसे लगेगा। एक ओर रेलवे चेन पुलिंग पर हर तरह से अंकुश लगाने की कोशिश कर रहा है। वहीं दूसरी ओर आरपीएफ के जिम्मेदार लोग उसकी मेहनत पर पानी फेर रहे हैं।
विज्ञापन
थाने से उसको फरार होते स्टेशन मास्टर, पोर्टर और जीआरपी के लोगों ने देखा तो दंग रह गए। जिस समय युवक ने ट्रेन पकड़ी उसकी स्पीड अधिक थी, लेकिन जिस स्टाइल से वह सवार हुआ उसको देखने के बाद लगा कि जैसे उसकी रोज की आदत बन गई हो। इस बारे में आरपीएफ प्रभारी असीम का कहना है कि जब तक स्टेशन मास्टर चेन पुलिंग का मेमो नहीं देंगे, कार्रवाई नहीं कर सकते हैं। इसलिए युवक को छोड़ दिया गया होगा। फिलहाल बातचीत से लग रहा था कि उनको इस बारे में जानकारी नहीं थी। सवाल यह उठता है कि एसएम कहां-कहां मेमो देंगे। क्या आरपीएफ की कोई जिम्मेदार नहीं बनती है। पुलिस वाले अगर इस तरह अपनी जिम्मेदारी से बचते रहे तो चेन पुलिंग की घटनाओं पर अंकुश कैसे लगेगा। एक ओर रेलवे चेन पुलिंग पर हर तरह से अंकुश लगाने की कोशिश कर रहा है। वहीं दूसरी ओर आरपीएफ के जिम्मेदार लोग उसकी मेहनत पर पानी फेर रहे हैं।
विज्ञापन