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छह सौ लीटर डीजल गोल कर गए जिम्मेदार
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Sat, 27 Feb 2016 11:41 PM IST
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प्रतापगढ़ रेलवे पावर हाउस से रोड साइड के स्टेशनों को जनरेटर से रोशन करने के लिए भेजे जा रहे डीजल को चुराने का मामला सामने आया है। आरोप है कि इसमें प्रतापगढ़, जंघई के रेलकर्मी और आरपीएफ के जवान शामिल हैं।
प्रतापगढ़ सेक्शन के अंतर्गत जंघई रेलवे स्टेशन आता है। स्टेशन पर जनरेटर के लिए डीजल, सिग्नल लैंप के लिए मिट्टी के तेल आदि की आपूर्ति प्रतापगढ़ रेल पावर हाउस से होती है। जब भी जरूरत पड़ती है तब तेल का टैंकर प्रतापगढ़ से जंघई और बाकी के रोड साइड के स्टेशनों पर भेजा जाता है।
सूत्रों की मानें तो 22 फरवरी को डीजल का टैंकर प्रतापगढ़ में तेल उतारने के बाद जंघई पहुंचा। आरोप है कि यहां स्टोर में तीन ड्रम डीजल उतरना था, जो नहीं उतरा। टैंकर लौटने लगा तो रास्ते में आरपीएफ ने उसको पकड़ लिया। जांच की गई तो पता चला कि मानक के हिसाब से उसमें छह सौ लीटर डीजल अधिक है। डीजल को जंघई स्टोर में उतरना था। जो नहीं उतारा गया। मगर आरपीएफ ने थोड़ी देर बाद टैंकर को छोड़ दिया। मामला तब सामने आया जब शनिवार को रेलवे पावर हाउस पर कर्मचारियों के बीच विवाद होने लगा।
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प्रतापगढ़ सेक्शन के अंतर्गत जंघई रेलवे स्टेशन आता है। स्टेशन पर जनरेटर के लिए डीजल, सिग्नल लैंप के लिए मिट्टी के तेल आदि की आपूर्ति प्रतापगढ़ रेल पावर हाउस से होती है। जब भी जरूरत पड़ती है तब तेल का टैंकर प्रतापगढ़ से जंघई और बाकी के रोड साइड के स्टेशनों पर भेजा जाता है।
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सूत्रों की मानें तो 22 फरवरी को डीजल का टैंकर प्रतापगढ़ में तेल उतारने के बाद जंघई पहुंचा। आरोप है कि यहां स्टोर में तीन ड्रम डीजल उतरना था, जो नहीं उतरा। टैंकर लौटने लगा तो रास्ते में आरपीएफ ने उसको पकड़ लिया। जांच की गई तो पता चला कि मानक के हिसाब से उसमें छह सौ लीटर डीजल अधिक है। डीजल को जंघई स्टोर में उतरना था। जो नहीं उतारा गया। मगर आरपीएफ ने थोड़ी देर बाद टैंकर को छोड़ दिया। मामला तब सामने आया जब शनिवार को रेलवे पावर हाउस पर कर्मचारियों के बीच विवाद होने लगा।
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