चाय वाला मांग रहा थ्ाा दस लाख्ा रुपये की रंगदारी

ब्यूरो/अमर उजाला प्रतापगढ़ Updated Mon, 13 Apr 2015 11:36 PM IST
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सर्राफ से दस लाख रुपए रंगदारी मांगने के मामले को डीजीपी ने संज्ञान में लिया तो जिला पुलिस हरकत में आ गई। आनन-फानन में ताबड़तोड़ दबिश देकर सर्राफ को मैसेज भेजने वाले युवक को धर दबोचा। उसके साथियों की तलाश पुलिस कर रही है। कई संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है।
तहसील के सामने रोड पर राहुल केसरवानी की सर्राफ की दुकान है। उससे कई माह से रंगदारी मांगी जा रही है। कभी उसके मोबाइल पर तो कभी मोबाइल पर मैसेज भेजकर दस लाख रुपये की डिमांड होती थी। 6 अप्रैल को मोबाइल पर मिले मैसेज से पूरा परिवार दहशत में आ गया। पुलिस से शिकायत करने के बाद कोई कार्रवाई न होती देख राहुल ने शनिवार को डीजीपी से मिलकर घटनाक्रम की जानकारी दी। रविवार की रात डीजीपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक को कार्रवाई का निर्देश दिया।

 इसके बाद क्राइम ब्रांच व कोतवाली पुलिस रंगदारी मांगने वालों की छानबीन करने लगी। स्वाट टीम प्रभारी मनोज शुक्ला ने सोमवार को स्कूल वार्ड के रहने वाले रामप्रकाश गुप्ता उर्फ दीनू पुत्र हरीशचंद्र को धर दबोचा। कर्रा करने पर उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया। उसने बताया कि उसी ने शातिर बदमाश डब्बू सिंह, विकास सिंह के नाम की दहशत को देखते हुए राहुल को मैसेज भेजकर दस लाख रुपए रंगदारी मांगी थी। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर रंगदारी मंगाने में प्रयुक्त मोबाइल बरामद कर लिया। रंगदारी मांगने के आरोपी रामप्रकाश से बातचीत कर पुलिस अधीक्षक ने मामले की जानकारी डीजीपी को दी। उन्होंने बताया कि इस प्रकरण में लिप्त लोगों की तलाश की जा रही है। सभी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

 तहसील के सामने चाय की दुकान चलाने वाले रामप्रकाश उर्फ दीनू ने कई लोगों से करीब दो लाख का कर्ज ले रखा था। आए दिन तकादा करने वाले लोग उसकी दुकान से लेकर घर तक पहुंचने लगे। कई दिनों से वह अपनी दुकान पर भी कम बैठता था। पुलिस की बातों पर भरोसा करें तो राहुल दीनू पर शक नहीं कर सकता था। वह चुपके से उसकी हर कदम पर नजर रखता और जेल के पास जाकर शातिर बदमाशों के नाम से इशारा करते हुए मोबाइल पर मैसेज करने के साथ ही मिस काल मारा करता। पूछताछ में वह बराबर शातिर बदमाश डब्बू सिंह, अंकित खंडेलवाल व विकास सिंह का नाम बताता रहा कि उन लोगों के संदेश पर ही वह ऐसा करता रहा लेकिन जब बात कर्रा किया गया तो असलियत सामने आ गई।

तहसील के सामने चाय की दुकान चलाने वाले दीनू को भरोसा था कि शातिर बदमाश के नाम से मांगी गई रंगदारी आसानी से मिल जाएगी। बदमाशों के नाम का खौफ हर किसी को है। वह अपनी दुकान पर बैठकर पुलिस के साथ ही राहुल के क्रियाकलाप पर भी नजर रखता था। यहां तक कि फोन कर बताता था कि उसके साथ कितने सुरक्षाकर्मी कहां-कहां बैठे हैं। वह उससे बच नहीं पाएगा।

बाजार में सिम बेचने वाले लोगों पर भी पुलिस शिकंजा कसने की तैयारी में है। जिस मोबाइल नंबर का दीनू ने मैसेज में प्रयोग किया है। जांच में आया है कि वह दूसरे के नाम से था। बाद में उस सिम को दूसरी कंपनी में बदल दिया गया। इससे पुलिस को छानबीन में परेशानी भी हुई। कई संदिग्ध लोगों से पुलिस पूछताछ कर रही है।

सर्राफ राहुल केसरवानी को मैसेज कर दस लाख की रंगदारी मांगने वाले रामप्रकाश गुप्ता उर्फ दीनू ने सात सौ रुपए में खरीदा मोबाइल वापस कर दिया था। बेचने वाले से पुलिस ने पूछताछ की तो उसने बताया कि वापस करने के बाद फिर दीनू ने मोबाइल ले लिया था।

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