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मेडिकल को निकले युवक का अपहरण
ब्यूरो/अमर उजाला प्रतापगढ़
Updated Sat, 04 Apr 2015 11:44 PM IST
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सिपाही भर्ती के लिए निकले युवक का इनोवा सवार चार लोगों ने अपहरण कर लिया। उसका एडमिट कार्ड व आठ हजार रुपए छीनने के बाद उसे मध्य प्रदेश के सिंगरारा जनपद में छोड़कर अपहृर्ता भाग निकले। एसपी से परिजनों ने शिकायत की तो युवक की खोजबीन होने लगी।
अंतू थाना क्षेत्र के कोलबझान निवासी सुधीरपाल पुत्र रामधन सिपाही भर्ती का मेडिकल कराने के लिए शुक्रवार की शाम अपने भाई व ताऊ के साथ घर से इलाहाबाद के लिए निकला। अंबेडकर चौराहे पर स्थित एसबीआई के एटीएम से रुपए निकालने के बाद सुधीर ने अपने भाई रंजीत को पंद्रह सौ रुपए देते हुए साथी को देकर आने के लिए कहा। इस बीच लखनऊ नंबर की एक इनोवा कार उसके करीब आकर रुकी और दरवाजा खुलते ही दो लोगों ने उसे भीतर खींच लिया। इसके बाद उसे लेकर मीराभवन की ओर भाग निकले।
वापस लौटने पर रंजीत को सुधीर नहीं मिला तो वह परेशान हो उठा। उसने घटना की जानकारी सिविल लाइन पुलिस चौकी में भी दी लेकिन आसपास तलाश करने की बात कहते हुए पुलिसकर्मियों ने उसे टरका दिया। रात भर खोजबीन के बाद शनिवार को परिजनों ने पुलिस अधीक्षक से मामले की शिकायत की। उन्होंने कोतवाल को तत्काल मामले की जांच का आदेश दिया। परिजनों से पूछताछ के बाद सुधीर का मोबाइल सर्विलांस पर लगाया गया। दोपहर में अचानक सुधीर का मोबाइल खुला। परिजनों के पूछने पर उसने आपबीती सुनाई तो सभी दंग रह गए। उसने बताया कि वह मौजूदा समय मध्य प्रदेश के सिंगरौली जनपद में है।
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अपहरण करने वालों ने उसकी आंख पर पट्टी बांध रखी थी। कड़ा मानिकपुर के रास्ते अपहृर्ता उसे ले गए थे। उसका सिपाही भर्ती एडमिट कार्ड, प्रमाण पत्र, आठ हजार रुपये छीन ले गए। परिजन उसे लेने के लिए यहां से रवाना हो गए। इस मामले में सीओ सिटी एमपी सलोनिया ने बताया कि जिस स्थान से अपहरण की बात कही जा रही है। वहां ऐसी कोई घटना ही नहीं हुई है। सुधीर से पूछताछ के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
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अंतू थाना क्षेत्र के कोलबझान निवासी सुधीरपाल पुत्र रामधन सिपाही भर्ती का मेडिकल कराने के लिए शुक्रवार की शाम अपने भाई व ताऊ के साथ घर से इलाहाबाद के लिए निकला। अंबेडकर चौराहे पर स्थित एसबीआई के एटीएम से रुपए निकालने के बाद सुधीर ने अपने भाई रंजीत को पंद्रह सौ रुपए देते हुए साथी को देकर आने के लिए कहा। इस बीच लखनऊ नंबर की एक इनोवा कार उसके करीब आकर रुकी और दरवाजा खुलते ही दो लोगों ने उसे भीतर खींच लिया। इसके बाद उसे लेकर मीराभवन की ओर भाग निकले।
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वापस लौटने पर रंजीत को सुधीर नहीं मिला तो वह परेशान हो उठा। उसने घटना की जानकारी सिविल लाइन पुलिस चौकी में भी दी लेकिन आसपास तलाश करने की बात कहते हुए पुलिसकर्मियों ने उसे टरका दिया। रात भर खोजबीन के बाद शनिवार को परिजनों ने पुलिस अधीक्षक से मामले की शिकायत की। उन्होंने कोतवाल को तत्काल मामले की जांच का आदेश दिया। परिजनों से पूछताछ के बाद सुधीर का मोबाइल सर्विलांस पर लगाया गया। दोपहर में अचानक सुधीर का मोबाइल खुला। परिजनों के पूछने पर उसने आपबीती सुनाई तो सभी दंग रह गए। उसने बताया कि वह मौजूदा समय मध्य प्रदेश के सिंगरौली जनपद में है।
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अपहरण करने वालों ने उसकी आंख पर पट्टी बांध रखी थी। कड़ा मानिकपुर के रास्ते अपहृर्ता उसे ले गए थे। उसका सिपाही भर्ती एडमिट कार्ड, प्रमाण पत्र, आठ हजार रुपये छीन ले गए। परिजन उसे लेने के लिए यहां से रवाना हो गए। इस मामले में सीओ सिटी एमपी सलोनिया ने बताया कि जिस स्थान से अपहरण की बात कही जा रही है। वहां ऐसी कोई घटना ही नहीं हुई है। सुधीर से पूछताछ के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।