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नहीं किया शव का अंतिम संस्कार
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़।
Updated Sun, 11 Sep 2016 12:29 AM IST
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एसएसबी जवान पन्नालाल की हत्या से आक्रोशित परिजनों ने शनिवार को अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया। उनकी मांग थी कि मुख्यमंत्री मौके पर आएं। बाद में मृतक जवान के भाई के घर पहुंचने पर अंतिम संस्कार रविवार तक टाल दिया गया। तनाव को देखते हुए गांव में भारी फोर्स तैनात कर दी गई है।
हथिगवां थाना क्षेत्र के इब्राहिमपुर परसीपुर गांव निवासी एसएसबी जवान पन्नालाल सरोज की शुक्रवार को गांव के ही दो लोगों ने हत्या कर दी थी। पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में लेने के साथ ही शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। घटना से घरवाले और ग्रामीण काफी आक्रोशित थे। घटना के बाद गांववालों ने आरोपियों को घेर भी लिया था। मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों को बहुत समझाया और किसी तरह आरोपियों को हिरासत में लिया।
पुलिस को अंदाजा था कि शव गांव लाए जाने के बाद एक बार फिर तनाव फैल सकता है। मामले की गंभीरता को देखते हुए शाम को ही पुलिस अफसरों ने माला-फूल चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी थी। इसके साथ ही शाम से ही भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई थी। शनिवार सुबह सीओ सदर डीएल सुधीर, महिला थाने की फोर्स के साथ एसओ मीरा कुशवाहा, महेशगंज, संग्रामगढ़, बाघराय, नवाबगंज सहित कई थानों की फोर्स और फायर ब्रिगेड गांव में पहुंच गई। हालांकि परिजनों ने यह कहते हुए अंतिम संस्कार से मना कर दिया कि मुख्यमंत्री मौके पर आएं।
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पुलिस ने दबाव बनाया तो परिजनों ने मृतक के बड़े भाई अमृतलाल के आने के बाद ही निर्णय लेने की बात कही। शाम को तीन बजे के करीब आईटीबीपी(इंडो तिब्बत बॉर्डर पुलिस) में एसआई पद पर तैनात अमृतलाल घर पहुंचे तो पुलिस ने फिर से प्रयास करना शुरू कर दिया। हालांकि परिजनों से बात करने के बाद उन्होंने इसे कल के लिए टाल दिया। इससे पुलिस एक बार फिर से वहीं रहने को मजबूर हो गई।
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हथिगवां थाना क्षेत्र के इब्राहिमपुर परसीपुर गांव निवासी एसएसबी जवान पन्नालाल सरोज की शुक्रवार को गांव के ही दो लोगों ने हत्या कर दी थी। पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में लेने के साथ ही शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। घटना से घरवाले और ग्रामीण काफी आक्रोशित थे। घटना के बाद गांववालों ने आरोपियों को घेर भी लिया था। मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों को बहुत समझाया और किसी तरह आरोपियों को हिरासत में लिया।
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पुलिस को अंदाजा था कि शव गांव लाए जाने के बाद एक बार फिर तनाव फैल सकता है। मामले की गंभीरता को देखते हुए शाम को ही पुलिस अफसरों ने माला-फूल चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी थी। इसके साथ ही शाम से ही भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई थी। शनिवार सुबह सीओ सदर डीएल सुधीर, महिला थाने की फोर्स के साथ एसओ मीरा कुशवाहा, महेशगंज, संग्रामगढ़, बाघराय, नवाबगंज सहित कई थानों की फोर्स और फायर ब्रिगेड गांव में पहुंच गई। हालांकि परिजनों ने यह कहते हुए अंतिम संस्कार से मना कर दिया कि मुख्यमंत्री मौके पर आएं।
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पुलिस ने दबाव बनाया तो परिजनों ने मृतक के बड़े भाई अमृतलाल के आने के बाद ही निर्णय लेने की बात कही। शाम को तीन बजे के करीब आईटीबीपी(इंडो तिब्बत बॉर्डर पुलिस) में एसआई पद पर तैनात अमृतलाल घर पहुंचे तो पुलिस ने फिर से प्रयास करना शुरू कर दिया। हालांकि परिजनों से बात करने के बाद उन्होंने इसे कल के लिए टाल दिया। इससे पुलिस एक बार फिर से वहीं रहने को मजबूर हो गई।