{"_id":"5a57a8da4f1c1bde188b469a","slug":"case-of-irregularity-in-pmay","type":"story","status":"publish","title_hn":"वीडीओ के बचाव में उतरे खंड विकास अधिकारी","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
वीडीओ के बचाव में उतरे खंड विकास अधिकारी
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Thu, 11 Jan 2018 11:54 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रधानमंत्री आवास योजना में अपात्रों का चयन करने वाले दस वीडीओ पर अब मुकदमा नहीं होगा। ब्लाकों में तैनात जिन बीडीओ को मुकदमा दर्ज कराने के लिए पत्र भेजा गया था, वह वीडीओ के बचाव में आ गए हैं। बीडीओ का कहना है कि अगर किसी अपात्र के खाते में धनराशि गई है, तो उसकी रिकवरी कर ली जाएगी।
जिले के बाबागंज और सांगीपुर ब्लाक में प्रधानमंत्री आवास योजना में अपात्रों का चयन करने में फंसे दस ग्राम पंचायत अधिकारी और ग्राम विकास अधिकारियों के बचाव में खंड विकास अधिकारी आ गए हैं। सीडीओ ने बीडीओ को पत्र भेजकर दोषी वीडीओ पर मुकदमा दर्ज कराने को कहा था। आश्चर्य की बात तो यह है कि जो बीडीओ आज मुकदमा दर्ज कराने से किनारा काट रहे हैं, उन्होंने ही इन कर्मचारियों का नाम कार्रवाई के लिए पत्र भेजा था। फिलहाल खंड विकास अधिकारियों ने ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों और ग्राम विकास अधिकारियों के बचाव में आ गए हैं। सांगीपुर ब्लाक का अतिरिक्त प्रभार देख रहे बीडीओ ओम प्रकाश मिश्र ने बताया कि कोई अनियमितता का मामला तो है नहीं, लाभार्थी का चयन ग्राम पंचायतें करती हैं, अगर किसी अपात्र व्यक्ति के खाते में धनराशि गई है, तो उससे रिकवरी की जाएगी। जबकि बाबागंज के बीडीओ ओम निरंकार मिश्र ने भी कुछ इसी तरह का जवाब दिया।
बीडीओ कुसुमलता की शासन में पकड़ गुरुवार को उस समय फेल हो गई, जब उनके निलंबन का पत्र आ गया। हालांकि सुल्तानपुर जिले के मोतिगर ब्लाक में तैनाती के दौरान भी अनियमितता की गिरफ्त में आई थीं, मगर उस समय कोई कार्रवाई नहीं हुई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिले के बाबागंज और सांगीपुर ब्लाक में प्रधानमंत्री आवास योजना में अपात्रों का चयन करने में फंसे दस ग्राम पंचायत अधिकारी और ग्राम विकास अधिकारियों के बचाव में खंड विकास अधिकारी आ गए हैं। सीडीओ ने बीडीओ को पत्र भेजकर दोषी वीडीओ पर मुकदमा दर्ज कराने को कहा था। आश्चर्य की बात तो यह है कि जो बीडीओ आज मुकदमा दर्ज कराने से किनारा काट रहे हैं, उन्होंने ही इन कर्मचारियों का नाम कार्रवाई के लिए पत्र भेजा था। फिलहाल खंड विकास अधिकारियों ने ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों और ग्राम विकास अधिकारियों के बचाव में आ गए हैं। सांगीपुर ब्लाक का अतिरिक्त प्रभार देख रहे बीडीओ ओम प्रकाश मिश्र ने बताया कि कोई अनियमितता का मामला तो है नहीं, लाभार्थी का चयन ग्राम पंचायतें करती हैं, अगर किसी अपात्र व्यक्ति के खाते में धनराशि गई है, तो उससे रिकवरी की जाएगी। जबकि बाबागंज के बीडीओ ओम निरंकार मिश्र ने भी कुछ इसी तरह का जवाब दिया।
विज्ञापन
बीडीओ कुसुमलता की शासन में पकड़ गुरुवार को उस समय फेल हो गई, जब उनके निलंबन का पत्र आ गया। हालांकि सुल्तानपुर जिले के मोतिगर ब्लाक में तैनाती के दौरान भी अनियमितता की गिरफ्त में आई थीं, मगर उस समय कोई कार्रवाई नहीं हुई थी।
विज्ञापन