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चार लाख की पिस्टल, पर मंगनी की गाड़ी से चलते हैं बसपा प्रत्याशी
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Thu, 02 Feb 2017 11:33 PM IST
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बसपा प्रतीक
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बसपा प्रत्याशी अशोक त्रिपाठी भले ही चालीस लाख की गाड़ी से चलते हों, मगर वह उनकी नहीं, बल्कि मंगनी की है। उनके पास चार लाख रुपये की एक पिस्टल है। राष्ट्रीय लोकदल के प्रत्याशी धर्मेन्द्र तिवारी पर हत्या समेत दस मुकदमें अभी दर्ज हैं।
सदर विधानसभा से बसपा प्रत्याशी के रुप में नामांकन करने वाले अशोक त्रिपाठी ने अपने शपत्र पत्र में जो घोषणा की है, उसके मुताबिक उनके पास कोई वाहन नहीं है। नकदी समेत बैंक में कुल धनराशि सिर्फ 2,14,586 रुपये और पत्नी छाया त्रिपाठी के पास जेवर समेत कुल नकदी 6,81,978 रुपये हैं। बसपा प्रत्याशी ने अपनी पिस्टल की कीमत चार लाख रुपये दिखाई है। सदर विधानसभा से ही नरिया गांव निवासी धर्मेन्द्र तिवारी ने राष्ट्रीय लोक दल से पर्चा भरा है। धर्मेन्द्र तिवारी के ऊपर अंतू और नगर कोतवाली में जहां हत्या, गैंगेस्टर समेत दस मुकदमे दर्ज हैं, वहीं नकदी और सोना के साथ करोड़पतियों में शुमार हैं। धर्मेन्द्र के पास लखनऊ के आलमबाग में करोड़ों रुपये का भवन है, वहीं नकद दो लाख और पत्नी सुषमा के पास एक लाख रुपये हैं। धर्मेन्द्र ने बैंक में 20 लाख रुपये जमा किए हैं, तो पत्नी के पास 22 लाख रुपये हैं। रानीगंज से निर्दल प्रत्याशी के रूप में नामांकन करने वाले प्राणंजय सिंह पर तीन मुकदमे हैं। पल्सर, एकनली बंदूक और दस हजार नकदी रखकर चुनाव मैदान में कूदे हैं।
सपा से संजय का पत्ता साफ कांग्रेस से हरिप्रताप को टिकट
प्रतापगढ़(ब्यूरो)। पूर्व कैबिनेट मंत्री राजाराम पांडेय के पुत्र संजय पांडेय का विश्वनाथगंज विधानसभा से पत्ता साफ हो गया है। सपा-कांग्रेस गठबंधन में यह सीट कांग्रेस के पाले में गई है। कांग्रेस ने नगरपालिका अध्यक्ष और पूर्व विधायक हरि प्रताप सिंह को विश्वनाथगंज से अपना उम्मीदवार बनाया है। गुरुवार को वे कांग्रेस में शामिल हो गए।
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विश्वनाथगंज विधानसभा सीट पर सपा के टिकट की दावेदारी करने वाले संजय पांडेय को पार्टी ने करारा झटका दिया है। सीएम अखिलेश ने संजय पांडेय के पिता और पूर्व कैबिनेट मंत्री राजाराम पांडेय से मंत्री पद छीना था और उन्होंने ही टिकट भी काटा है। लोकसभा चुनाव के साथ विश्वनाथगंज विस उपचुनाव में संजय पांडेय दूसरे स्थान पर थे। पार्टी ने उन्हें अंतिम क्षण तक विश्वास में ले रखा था। टिकट कटने से नाराज संजय ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने का फैसला किया है।
मगर गुरुवार को सस्पेंस उस समय खत्म हो गया, जब नगरपालिका अध्यक्ष और पूर्व विधायक हरिप्रताप सिंह कांग्रेस में शामिल हो गए। संसदीय कार्यालय पर पत्रकारों से बात करते हुए जिलाध्यक्ष नरसिंह प्रकाश मिश्र ने बताया कि गठबंधन में विश्वनाथगंज की सीट कांग्रेस के खाते में आई है। इसलिए भाजपा छोड़ कांग्रेस में शामिल होने वाले हरिप्रताप सिंह विश्वनाथगंज से कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी होंगे।
सदर विधानसभा से बसपा प्रत्याशी के रुप में नामांकन करने वाले अशोक त्रिपाठी ने अपने शपत्र पत्र में जो घोषणा की है, उसके मुताबिक उनके पास कोई वाहन नहीं है। नकदी समेत बैंक में कुल धनराशि सिर्फ 2,14,586 रुपये और पत्नी छाया त्रिपाठी के पास जेवर समेत कुल नकदी 6,81,978 रुपये हैं। बसपा प्रत्याशी ने अपनी पिस्टल की कीमत चार लाख रुपये दिखाई है। सदर विधानसभा से ही नरिया गांव निवासी धर्मेन्द्र तिवारी ने राष्ट्रीय लोक दल से पर्चा भरा है। धर्मेन्द्र तिवारी के ऊपर अंतू और नगर कोतवाली में जहां हत्या, गैंगेस्टर समेत दस मुकदमे दर्ज हैं, वहीं नकदी और सोना के साथ करोड़पतियों में शुमार हैं। धर्मेन्द्र के पास लखनऊ के आलमबाग में करोड़ों रुपये का भवन है, वहीं नकद दो लाख और पत्नी सुषमा के पास एक लाख रुपये हैं। धर्मेन्द्र ने बैंक में 20 लाख रुपये जमा किए हैं, तो पत्नी के पास 22 लाख रुपये हैं। रानीगंज से निर्दल प्रत्याशी के रूप में नामांकन करने वाले प्राणंजय सिंह पर तीन मुकदमे हैं। पल्सर, एकनली बंदूक और दस हजार नकदी रखकर चुनाव मैदान में कूदे हैं।
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सपा से संजय का पत्ता साफ कांग्रेस से हरिप्रताप को टिकट
प्रतापगढ़(ब्यूरो)। पूर्व कैबिनेट मंत्री राजाराम पांडेय के पुत्र संजय पांडेय का विश्वनाथगंज विधानसभा से पत्ता साफ हो गया है। सपा-कांग्रेस गठबंधन में यह सीट कांग्रेस के पाले में गई है। कांग्रेस ने नगरपालिका अध्यक्ष और पूर्व विधायक हरि प्रताप सिंह को विश्वनाथगंज से अपना उम्मीदवार बनाया है। गुरुवार को वे कांग्रेस में शामिल हो गए।
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विश्वनाथगंज विधानसभा सीट पर सपा के टिकट की दावेदारी करने वाले संजय पांडेय को पार्टी ने करारा झटका दिया है। सीएम अखिलेश ने संजय पांडेय के पिता और पूर्व कैबिनेट मंत्री राजाराम पांडेय से मंत्री पद छीना था और उन्होंने ही टिकट भी काटा है। लोकसभा चुनाव के साथ विश्वनाथगंज विस उपचुनाव में संजय पांडेय दूसरे स्थान पर थे। पार्टी ने उन्हें अंतिम क्षण तक विश्वास में ले रखा था। टिकट कटने से नाराज संजय ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने का फैसला किया है।
मगर गुरुवार को सस्पेंस उस समय खत्म हो गया, जब नगरपालिका अध्यक्ष और पूर्व विधायक हरिप्रताप सिंह कांग्रेस में शामिल हो गए। संसदीय कार्यालय पर पत्रकारों से बात करते हुए जिलाध्यक्ष नरसिंह प्रकाश मिश्र ने बताया कि गठबंधन में विश्वनाथगंज की सीट कांग्रेस के खाते में आई है। इसलिए भाजपा छोड़ कांग्रेस में शामिल होने वाले हरिप्रताप सिंह विश्वनाथगंज से कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी होंगे।