फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pratapgarh News ›   Bones of the three students arising out of an impassable atmosphere

गमगीन माहौल में उठीं तीनों छात्रों की अस्थियां

Sun, 07 Oct 2018 02:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़ Updated Sun, 07 Oct 2018 02:10 AM IST
विज्ञापन
Bones of the three students arising out of an impassable atmosphere
प्रतापगढ़ - फोटो : प्रतापगढ़
ट्रैक्टर खाई में पलटने से तीन छात्रों की मौत से पूरे गांव में मातम का माहौल छाया रहा। शनिवार को आंसुओं के सैलाब के बीच परैया नदी के किनारे तीनों साथियों के शवों को एक साथ दफनाया गया। एक साथ तीन अस्थियां उठने पर हर किसी की आंखों से आंसू छलक उठे।
विज्ञापन


कंधई थाना क्षेत्र के खूझीकला निवासी सफाई कर्मचारी शीतला प्रसाद का बेटा अभिषेक ट्रैक्टर से गांव के लोगों के खेत की जुताई करता था। शुक्रवार दोपहर वह ट्रैक्टर लेकर पड़ोसी दोस्त तेज बहादुर पुत्र संतराम और विजय कुमार पुत्र सुरेश कुमार के साथ घर से यादव बस्ती में खेत की जुताई करने के लिए निकला था। बेलखरनाथ मंदिर से यादव बस्ती जाने वाले मार्ग पर अचानक ब्रेक लगने से ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर खाई में पलट गया। जिससे तीनों ट्रैक्टर के नीचे दब गए। गांव के तीनों को जिला अस्पताल लाए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। यह खबर मिलते ही पूरे गांव में मातम छा गया। बड़ी संख्या में आसपास के गांवों के लोग भी एकत्र हो गए। तीनों साथियों की मौत ने पूरे गांव के झकझोर कर रख दिया था। मृतक तेज बहादुर के पिता संतराम शनिवार को दिल्ली से आए। जिसके बाद तीनों साथियों की एक साथ अथयां उठाई गईं। यह देख लोग बिलखते रहे। परिवार के लोगों ने तीनों दोस्तों को परैया नदी के किनारे दफना दिया। पूर्व सांसद सीएन सिंह मृतक के परिवारीजनों को सांत्वना देने पहुंचे।
विज्ञापन


कंधई थाना क्षेत्र के खूझीकला निवासी अभिषेक और विजय शीतलागंज स्थित कालूराम इंटर कालेज में पढ़ते थे। अभिषेक कक्षा 10 और विजय कक्षा 9 का छात्र था। दोनों की हादसे में माौत की खबर मिलने पर कालेज शनिवार को शोक सभा करने के बाद बंद कर दिया गया। कंधई थाना क्षेत्र के खूझीकला निवासी अभिषेक, विजय और तेज बहादुर की दोस्ती के सभी कायल थे। वे पढ़ाई के साथ एक दूसरे के कार्यों में हाथ बटाया करते थे। एक साथ जिंदगी जीने के बाद तीनों ने एक साथ दम तोड़ा। इसलिए गांव के लोगों व परिवार वालों की इच्छा पर तीनों के शवों को अगल-बगल ही दफनाया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

 
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed