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कुशीनगर की घटना के बाद जागे अफसर, ताबड़तोड़ कार्रवाई
प्रतापगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 28 Apr 2018 12:44 AM IST
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कुशीनगर में मानवरहित रेलवे क्रासिंग पर ट्रेन से स्कूली वैन टकराने के कारण हुई 13 बच्चों की मौत की घटना के बाद आखिरकार जिले के अफसरों की भी नींद टूटी और शुक्रवार को स्कूलों में बिना मानक के चल रहीं बसों और वाहनों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई हुई। मामले को 27 अप्रैल के अमर उजाला में प्रमुखता से उठाया गया था। इसके बाद 35 स्कूल बसों से जुर्माना वसूल करने के साथ ही दस वाहनों को सीज कर दिया गया। एआरटीओ और बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी ईयरफोन लगाकर चलने वाले चालकों को खोजते रहे। शुक्रवार सड़कों पर अफसरों की गाड़ियां दौड़ते देख और कार्रवाई की जानकारी होने के बाद बच्चों को लेकर जाने वाले डग्गामार वाहन स्कूल से बाहर नहीं निकले।
स्कूली वाहनों में बच्चों को भूसे की तरह भरकर चलने स्कूल वाहनों पर शुक्रवार को अफसरों की गाज गिरी। कुशीनगर में 13 बच्चों की मौत के बाद प्रशासन चौराहों पर स्कूल बसों की जांच करता रहा। इसकी खबर मिलते ही स्कूल संचालक अलर्ट हो गए। चौराहों पर खड़े एआरटीओ और बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी स्कूल वाहनों के चालकों का लाइसेंस जांचने के साथ ही ईयरफोन भी चेक कर रहे थे। बीएसए बीएन सिंह स्वयं ड्राइवरों के जेब में हाथ डालकर ईयरफोन खोज रहे। चालकों के पास डीएल नहीं होने, वाहन का कागज पूरा नहीं होने पर 35 वाहनों से जुर्माना वसूला गया। 11 वाहनों को पुलिस के हवाले कर सीज कर दिया गया। डीएम के निर्देश पर जिलेभर में चले अभियान में स्कूल संचालकों के होश उड़ गए हैं। शहर में अभियान चलने से सहमे स्कूल संचालकों ने डग्गामार वाहनों को बाहर नहीं निकाला। इससे बच्चों को काफी देर तक स्कूल में ही बिताना पड़ा। इससे स्कूली बसों को तीन-तीन राउंड लगाना पड़ा। एआरटीओ आभा त्रिपाठी ने बताया कि स्कूली वाहनों के खिलाफ जांच अभियान चलता रहेगा।
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स्कूली वाहनों में बच्चों को भूसे की तरह भरकर चलने स्कूल वाहनों पर शुक्रवार को अफसरों की गाज गिरी। कुशीनगर में 13 बच्चों की मौत के बाद प्रशासन चौराहों पर स्कूल बसों की जांच करता रहा। इसकी खबर मिलते ही स्कूल संचालक अलर्ट हो गए। चौराहों पर खड़े एआरटीओ और बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी स्कूल वाहनों के चालकों का लाइसेंस जांचने के साथ ही ईयरफोन भी चेक कर रहे थे। बीएसए बीएन सिंह स्वयं ड्राइवरों के जेब में हाथ डालकर ईयरफोन खोज रहे। चालकों के पास डीएल नहीं होने, वाहन का कागज पूरा नहीं होने पर 35 वाहनों से जुर्माना वसूला गया। 11 वाहनों को पुलिस के हवाले कर सीज कर दिया गया। डीएम के निर्देश पर जिलेभर में चले अभियान में स्कूल संचालकों के होश उड़ गए हैं। शहर में अभियान चलने से सहमे स्कूल संचालकों ने डग्गामार वाहनों को बाहर नहीं निकाला। इससे बच्चों को काफी देर तक स्कूल में ही बिताना पड़ा। इससे स्कूली बसों को तीन-तीन राउंड लगाना पड़ा। एआरटीओ आभा त्रिपाठी ने बताया कि स्कूली वाहनों के खिलाफ जांच अभियान चलता रहेगा।
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