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चार हत्याएं करने वाला सुपारी किलर हत्थे चढ़ा
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Sun, 20 Aug 2017 11:41 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
- फोटो : pratapgarh
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जिले में दो साल के भीतर सनसनीखेज 4 हत्याओं को अंजाम देने वाले सुपारी किलर को एसटीएफ ने धर दबोचा। उसके पास से लाइसेंसी बंदूक, दो पिस्टल, कारतूस व फर्जी शस्त्र लाइसेंस समेत बाइक मिली है। अधिवक्ता जवाहरलाल मिश्र की हत्या कराने के लिए भी उसने अपने साथियों को दो लाख रुपये में सुपारी दिलाई थी।
अपर पुलिस अधीक्षक राजकुमार अग्रवाल ने बताया कि एसटीएफ इलाहाबाद के प्रभारी निरीक्षक अतुल सिंह व प्रभारी निरीक्षक अजय सिंह और लालगंज पुलिस शनिवार को लालगंज क्षेत्र में सक्रिय थी। दांदूपुर-घरौरा सड़क पर टीम ने पल्सर सवार युवक को दबोच लिया। टीम ने उसे कर्रा किया तो उसने कई घटनाओं का राज खोला। पकड़ा गया घरौरा निवासी मोहम्मद मकसूद उर्फ बबलू उर्फ जैद पुत्र नियाज ने पुलिस को बताया कि वह 4-5 सालों से अपराधिक घटनाओं में लिप्त है। बाद में वह भुलियापुर से संचालित फ्रैक्चर गैंग में शामिल हो गया। सबसे पहले मकसूद ने यासिर के साथ मिलकर 13 दिसंबर 2015 को कंधई थाना क्षेत्र के खूझी निवासी विक्रम सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी। हत्या शातिर अपराधी प्रदीप सिंह डब्बू ने कराई। डब्बू की चिलबिला की रहने वाली प्रेमिका से विक्रम सिंह की नजदीकी हो गई थी। जो उसे नागवार गुजर रही थी। इसके बाद उसने पुरानी रंजिश व हातिम पठान की हत्या का बदला लेने के लिए मानधाता थाना क्षेत्र के गजेहड़ा जंगल में 15 दिसंबर 2015 को बस में चुनमुन पांडेय निवासी सदर बाजार को गोलियों से छलनी कर दिया था। इस हत्या को अंजाम देने के लिए उसके साथ यासिर, जावेद उर्फ जब्बा और शोएब भी थे। घटना में प्रयुक्त बाइक शोएब के पास मौजूद है। एएसपी ने बताया कि अधिवक्ता जवाहरलाल मिश्र निवासी खरगपुर की हत्या कराने के लिए गांव के प्रधानपति शशिकांत मिश्र उर्फ भोले ने मकसूद को दो लाख रुपये में सुपारी दी थी। रुपये मिलने पर मकसूद व यासिर ने मिलकर अधिवक्ता जवाहरलाल मिश्र की हत्या कर दी। इसके बाद भी मकसूद ने आपसी विवाद व पैसे के लेनदेन व आशनाई को लेकर यासिर को धोखे से बुलाकर रमगढ़ी के जंगल में गोलियों से छलनी कर दिया। जिसमें रमगढ़ी निवासी रुस्तम, उसका भतीजा अल्ताफ पुत्र नवाब व कंधई थाना क्षेत्र के जोतिया निवासी हसीन पुत्र कुल्लन भी शामिल थे। जो फरार चल रहे हैं। यासिर की हत्या करने के बाद वह भागकर लखनऊ में रहने लगा था। लालगंज पुलिस ने उसे जेल भेज दिया।
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अपर पुलिस अधीक्षक राजकुमार अग्रवाल ने बताया कि एसटीएफ इलाहाबाद के प्रभारी निरीक्षक अतुल सिंह व प्रभारी निरीक्षक अजय सिंह और लालगंज पुलिस शनिवार को लालगंज क्षेत्र में सक्रिय थी। दांदूपुर-घरौरा सड़क पर टीम ने पल्सर सवार युवक को दबोच लिया। टीम ने उसे कर्रा किया तो उसने कई घटनाओं का राज खोला। पकड़ा गया घरौरा निवासी मोहम्मद मकसूद उर्फ बबलू उर्फ जैद पुत्र नियाज ने पुलिस को बताया कि वह 4-5 सालों से अपराधिक घटनाओं में लिप्त है। बाद में वह भुलियापुर से संचालित फ्रैक्चर गैंग में शामिल हो गया। सबसे पहले मकसूद ने यासिर के साथ मिलकर 13 दिसंबर 2015 को कंधई थाना क्षेत्र के खूझी निवासी विक्रम सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी। हत्या शातिर अपराधी प्रदीप सिंह डब्बू ने कराई। डब्बू की चिलबिला की रहने वाली प्रेमिका से विक्रम सिंह की नजदीकी हो गई थी। जो उसे नागवार गुजर रही थी। इसके बाद उसने पुरानी रंजिश व हातिम पठान की हत्या का बदला लेने के लिए मानधाता थाना क्षेत्र के गजेहड़ा जंगल में 15 दिसंबर 2015 को बस में चुनमुन पांडेय निवासी सदर बाजार को गोलियों से छलनी कर दिया था। इस हत्या को अंजाम देने के लिए उसके साथ यासिर, जावेद उर्फ जब्बा और शोएब भी थे। घटना में प्रयुक्त बाइक शोएब के पास मौजूद है। एएसपी ने बताया कि अधिवक्ता जवाहरलाल मिश्र निवासी खरगपुर की हत्या कराने के लिए गांव के प्रधानपति शशिकांत मिश्र उर्फ भोले ने मकसूद को दो लाख रुपये में सुपारी दी थी। रुपये मिलने पर मकसूद व यासिर ने मिलकर अधिवक्ता जवाहरलाल मिश्र की हत्या कर दी। इसके बाद भी मकसूद ने आपसी विवाद व पैसे के लेनदेन व आशनाई को लेकर यासिर को धोखे से बुलाकर रमगढ़ी के जंगल में गोलियों से छलनी कर दिया। जिसमें रमगढ़ी निवासी रुस्तम, उसका भतीजा अल्ताफ पुत्र नवाब व कंधई थाना क्षेत्र के जोतिया निवासी हसीन पुत्र कुल्लन भी शामिल थे। जो फरार चल रहे हैं। यासिर की हत्या करने के बाद वह भागकर लखनऊ में रहने लगा था। लालगंज पुलिस ने उसे जेल भेज दिया।
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