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पिता की आंखों के सामने ही चमरौधा नदी में समाया बेटा
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Wed, 11 Oct 2017 12:06 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
- फोटो : pratapgarah
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मछली मारने के लिए पिता के साथ निकला युवक चमरौधा नदी में डूब गया। बेटे को बचाने का पिता ने प्रयास किया, लेकिन कामयाब नहीं हो सका। सूचना मिलने पर पुलिस पहुंच गई। गांव के सैकड़ों लोग जमा हो गए। स्थानीय गोताखोरों की मदद से ग्रामीण डूबे युवक की तलाश जाल के सहारे करते रहे, लेकिन खबर मिलने तक उसका पता नहीं लग सका।
कोहड़ौर थाना क्षेत्र के बरा सराय निवासी महबूब मंगलवार को मछली मारने के लिए अपने बेटे शोएब (27) के साथ चमरौधा नदी के निमहा घाट की ओर गया था। किनारे मछली न मिलने पर महबूब नदी में उतर गया। उसके पीछे बेटा शोएब भी गया। महबूब तैरना जानता था जबकि शोएब इससे अंजान था। बहाव तेज होने के कारण शोएब नदी में डूबने लगा। महबूब जब तक कुछ करता, वह पानी में समा गया। महबूब ने मचाया तो ग्रामीण भागकर मौके पर पहुंचे। स्थानीय गोताखोरों की मदद से जाल के सहारे शोएब की तलाश होने लगी। हालांकि खबर लिखे जाने तक शोएब का पता नहीं चल सका। उधर अनहोनी की आशंका से परिजन बिलखते रहे।
बेटे शोएब को बचाने के लिए पिता महबूब ने अपनी जिंदगी दांव पर लगाई लेकिन उसे कामयाबी नहीं मिली। बेटे को बचाने के चक्कर में वह भी तेज बहाव की चपेट मेें गहरे पानी में दो बार समाया लेकिन बाहर निकलने पर एक बबूल के पेड़ का उसे सहारा मिल गया। जिससे वह बच गया। रोते हुए पिता महबूब ने बताया कि बेटे शोएब को तैरना नहीं आता था। इसलिए उसे लौटने के लिए कहा। इस बीच वह तेज बहाव की चपेट में आ गया।
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शोएब जिस घाट के करीब डूबा, उस घाट के करीब ही चेकडैम बनाया गया था। टूटे चेकडैम से होकर लोग इस पार से उस पार होते हैं। पिछले साल भी उसी स्थान पर एक युवक की डूबने से मौत हो चुकी है। घटना में पुलिस के रवैये को लेकर लोगों में आक्रोश भी रहा। आरोप है कि सूचना मिलने पर एसओ कोहड़ौर मौके पर पहुंचे लेकिन वह दूर ही खड़े रहे। इलाहाबाद से गोताखोर भी नहीं बुलाए गए।
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कोहड़ौर थाना क्षेत्र के बरा सराय निवासी महबूब मंगलवार को मछली मारने के लिए अपने बेटे शोएब (27) के साथ चमरौधा नदी के निमहा घाट की ओर गया था। किनारे मछली न मिलने पर महबूब नदी में उतर गया। उसके पीछे बेटा शोएब भी गया। महबूब तैरना जानता था जबकि शोएब इससे अंजान था। बहाव तेज होने के कारण शोएब नदी में डूबने लगा। महबूब जब तक कुछ करता, वह पानी में समा गया। महबूब ने मचाया तो ग्रामीण भागकर मौके पर पहुंचे। स्थानीय गोताखोरों की मदद से जाल के सहारे शोएब की तलाश होने लगी। हालांकि खबर लिखे जाने तक शोएब का पता नहीं चल सका। उधर अनहोनी की आशंका से परिजन बिलखते रहे।
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बेटे शोएब को बचाने के लिए पिता महबूब ने अपनी जिंदगी दांव पर लगाई लेकिन उसे कामयाबी नहीं मिली। बेटे को बचाने के चक्कर में वह भी तेज बहाव की चपेट मेें गहरे पानी में दो बार समाया लेकिन बाहर निकलने पर एक बबूल के पेड़ का उसे सहारा मिल गया। जिससे वह बच गया। रोते हुए पिता महबूब ने बताया कि बेटे शोएब को तैरना नहीं आता था। इसलिए उसे लौटने के लिए कहा। इस बीच वह तेज बहाव की चपेट में आ गया।
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शोएब जिस घाट के करीब डूबा, उस घाट के करीब ही चेकडैम बनाया गया था। टूटे चेकडैम से होकर लोग इस पार से उस पार होते हैं। पिछले साल भी उसी स्थान पर एक युवक की डूबने से मौत हो चुकी है। घटना में पुलिस के रवैये को लेकर लोगों में आक्रोश भी रहा। आरोप है कि सूचना मिलने पर एसओ कोहड़ौर मौके पर पहुंचे लेकिन वह दूर ही खड़े रहे। इलाहाबाद से गोताखोर भी नहीं बुलाए गए।