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ओडीएफ जिले में शौच गई बालिका की तालाब में डूबने से मौत
pratapgarh
Updated Thu, 06 Dec 2018 12:34 AM IST
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कुंडा/बिहार। ओडीएफ घोषित जिले में शौच के लिए बाहर गई बालिका की तालाब में डूबने से मौत हो गई। घर में शौचालय न होने के कारण वह तालाब के पास गई थी। पैर फिसलने के कारण पानी में गिर गई। शोर पर आसपास के लोग पहुंचे और उसे तालाब से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं।
बाघराय थाना क्षेत्र के रैकवारन का पुरवा वेधन गोपालपुर निवासी अरुण कुमार गौतम की पुत्री दिशा देवी (7) सुबह शौच के लिए घर से कुछ दूर पर स्थित तालाब के पास गई थी। इस दौरान पैर फिसलने के कारण वह तालाब में गिर गई। शोर पर आसपास के लोग पहुंचे और उसे बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। उसकी मौत से परिजनों में चीख पुकार मच गई। दिशा अपने माता पिता की अकेली पुत्री थी। इसके अलावा उसके दो भाई आदर्श और अश्वनी हैं। पिता अरुण का कहना है कि उसके पास शौचालय नहीं है।
इसके चलते उसके घर के लोग शौच के लिए बाहर जाते हैं। गांव के रोहित पांडेय, अतुल सिंह, राणा, धीरेंद्र विश्वकर्मा, दूधनाथ यादव, राजकुमार, छोटे लाल, सचिन सिंह ने उसे तालाब से निकालने में मदद की थी। इन सभी का कहना है कि अगर अरुण को शौचालय मिला होता तो इस बच्ची की मौत न होती।
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बाघराय थाना क्षेत्र के रैकवारन का पुरवा वेधन गोपालपुर निवासी अरुण कुमार गौतम की पुत्री दिशा देवी (7) सुबह शौच के लिए घर से कुछ दूर पर स्थित तालाब के पास गई थी। इस दौरान पैर फिसलने के कारण वह तालाब में गिर गई। शोर पर आसपास के लोग पहुंचे और उसे बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। उसकी मौत से परिजनों में चीख पुकार मच गई। दिशा अपने माता पिता की अकेली पुत्री थी। इसके अलावा उसके दो भाई आदर्श और अश्वनी हैं। पिता अरुण का कहना है कि उसके पास शौचालय नहीं है।
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इसके चलते उसके घर के लोग शौच के लिए बाहर जाते हैं। गांव के रोहित पांडेय, अतुल सिंह, राणा, धीरेंद्र विश्वकर्मा, दूधनाथ यादव, राजकुमार, छोटे लाल, सचिन सिंह ने उसे तालाब से निकालने में मदद की थी। इन सभी का कहना है कि अगर अरुण को शौचालय मिला होता तो इस बच्ची की मौत न होती।
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